UP: नेपाल में भी 500-100 रुपये के जाली नोट खपाने की आशंका, मुख्य सरगना विवेक की यहां मिली लोकेशन; टीम रवाना
Bhadohi News: पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने देवरिया के अलावा, गाजीपुर, गोरखपुर, वाराणसी, आजमगढ़, मऊ, कुशीनगर आदि शहरों में जाली नोटों की सप्लाई की है। ऐसे में पुलिस ने कई शहरों की पुलिस से संपर्क साधकर मामले की जानकारी दी है। पुलिस अफसरों का कहना है कि गैंग में और भी कई लोग शामिल हो सकते हैं।
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UP News: प्रयागराज के सरायइनायत थाना क्षेत्र में 1.18 लाख रुपये के जाली नोट बरामद होने के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह का मुख्य सरगना समेत अन्य आरोपी कई बार नेपाल जा चुके हैं। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों के साथ-साथ नेपाल में भी बड़ी मात्रा में जाली नोट खपाए हैं।
हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि किन-किन स्थानों पर और कितनी मात्रा में नकली नोटों का प्रसार किया गया। पुलिस लगातार इस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि भदोही निवासी राहुल यादव, जो पेशे से टैक्सी चालक है, कार बुकिंग के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों के संपर्क में आया था। धीरे-धीरे उसकी उनसे नजदीकियां बढ़ीं और वह भी इस अवैध कारोबार में शामिल हो गया।
पुलिस ने की कार्रवाई
वहीं, गिरोह का मुख्य सरगना देवरिया के गौरी बाजार थाना क्षेत्र का रहने वाला विवेक यादव फरार चल रहा है। उसका मोबाइल फोन फिलहाल बंद है। गंगानगर जोन की सर्विलांस टीम द्वारा मोबाइल नंबर की जांच में उसकी आखिरी लोकेशन लखनऊ में पाई गई है। इसके आधार पर पुलिस की एक टीम लखनऊ के लिए रवाना कर दी गई है। साथ ही उसके परिजनों और करीबियों से भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस को यह भी आशंका है कि विवेक यादव ने नेपाल में भी अपना ठिकाना बना रखा है, जहां वह छिप सकता है। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि वह चार से पांच बार नेपाल जा चुका है। इसके अलावा गिरोह के अन्य सदस्य, जिनमें राहुल यादव और उसके साथी शामिल हैं, भी कई बार नेपाल की यात्रा कर चुके हैं।
मुख्य सरगना की तलाश जारी
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गिरोह ने खासतौर पर 100 रुपये के जाली नोट बड़ी मात्रा में बाजार में खपाए हैं, ताकि आसानी से शक से बचा जा सके। इस मामले में पुलिस ने देवरिया के अलावा गाजीपुर, गोरखपुर, वाराणसी, आजमगढ़, मऊ और कुशीनगर समेत कई जिलों की पुलिस से संपर्क साधा है।
आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा है और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। फिलहाल जांच जारी है और संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।