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Mau News: 26 हजार किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव को लगेगा टीका

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2026 12:20 AM IST
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26,000 adolescent girls will be vaccinated against cervical cancer.
कोपागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर  बच्ची को एचपीबी टीका लगाते चिकित्सक। संवाद
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जनपद में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जिला महिला अस्पताल के साथ सभी सीएचसी पर टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया गया है। विभाग की तरफ से करीब 26 हजार किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।
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आगामी एक अप्रैल से जून माह तक हर सीएचसी पर भी टीकाकरण किया जाएगा। जनपद में करीब 26 हजार किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। जिन किशोरियों की उम्र 14 साल से लेकर 15 साल 90 दिन तक है, उन सभी को टीका लगाया जाएगा।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, विभाग की तरफ से टीकाकरण की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रत्येक केंद्र पर एक मेडिकल ऑफिसर सहित चार सहयोगी कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
विभाग की तरफ से टीकाकरण के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। आशा और आंगनबाड़ी संचारी और दस्तक अभियान के दौरान किशोरियों के अभिभावकों को जागरूक करेंगी। पात्र किशोरियों की सूची भी तैयार करेंगी। सभी सीएचसी पर सुबह आठ बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक टीकाकरण किया जाएगा।
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सिंगल डोज है एचपीवी वैक्सीन, कैसे होगा रख-रखाव
मऊ। एचपीवी वैक्सीन की सिंगल डोज है। यह गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करती है और इसे 6-12 महीने के अंतराल (यदि दो खुराकें) की तुलना में एक बार में ही लगवाना आसान है। वैक्सीन को हमेशा दो से आठ डिग्री सेंटीग्रेड के तापमान पर रेफ्रिजरेटर में रखा जाएगा। इसे कभी भी फ्रीज नहीं करना है। वैक्सीन को प्रकाश से बचाकर उसकी मूल पैकेजिंग में ही रखना है। टीकाकरण के बाद इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द या सूजन होने पर ठंडा या गर्म नम कपड़ा रखा जा सकता है। हल्का बुखार या दर्द होने पर डॉक्टर की सलाह पर पैरासिटामोल दी जा सकती है।

सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए अहम है एचपीवी वैक्सीन
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसर में से एक है, जो गर्भाशय के निचले हिस्से यानी सर्विक्स में विकसित होता है। इसका मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस संक्रमण होता है, जो लंबे समय तक शरीर में रहने पर कोशिकाओं में असामान्य बदलाव पैदा करता है।शुरुआत में यह बीमारी बिना लक्षण के रहती है, लेकिन धीरे-धीरे असामान्य रक्तस्राव, कमर व पेल्विक दर्द, संभोग के दौरान दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण सामने आने लगते हैं। यदि समय पर जांच और उपचार न मिले तो यह कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है और जानलेवा साबित हो सकता है। एचपीवी वैक्सीन किशोरावस्था में लगने पर इस वायरस से सुरक्षा प्रदान करती है और भविष्य में कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर देती है। यही कारण है कि इस टीकाकरण अभियान को महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण की शुरुआत हो चुकी है। कुल 26 हजार किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। जनपद में संचारी और दस्तक अभियान में आशा और आंगनबाड़ी के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। -डॉ. संजय गुप्ता, सीएमओ
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