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Mau News: 289 महिलाएं-किशोरियां गंभीर एनीमिया से पीड़ित मिलीं

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 26 Sep 2025 03:11 AM IST
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सार

मऊ जिले में महिलाओं में एनीमिया की गंभीर समस्या सामने आई है। स्वास्थ्य शिविरों में जांच के दौरान लगभग 40 प्रतिशत महिलाओं में हीमोग्लोबिन की कमी पाई गई है। प्रशासन अब नियमित उपचार और जागरूकता अभियान चला रहा है।

289 women and adolescents were found suffering from severe anemia.
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विस्तार

मऊ। जिले की महिलाएं एनीमिया से ग्रस्त हैं। इनके खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम मिल रही है। 17 सितंबर से महिलाओं के लिए चल रहे विशेष स्वास्थ्य शिविर में नौ दिन में 5286 महिलाओं की होमीग्लोबिन जांच में इसका खुलासा हुआ है। इसमें लगभग 40 फीसदी बच्चियां, किशोरी और महिलाएं एनीमिया से पीड़ित मिली हैं। इसमें 289 सीवियर एनीमिया पीड़ित हैं। इनमें हीमोग्लोबिन की मात्रा 7 से भी कम मिली है। अब इनको चिह्नित कर आशाओं को अवगत कराने के साथ नियमित उपचार के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर 17 सितंबर से शुरू अभियान के तहत जिला अस्पताल, महिला जिला अस्पताल, फतेहपुर मंडाव, रानीपुर, मुहम्मदबााद गोहना, घोसी, रानीपुर, बड़राव, परदहा, घोसी, रतनपुरा सहित सभी 52 सरकारी अस्पतालों में रोजाना महिलाओं की जांच हो रही है। एसीएमओ बीके यादव ने बताया कि अब तक 70 हजार महिलाओं का उपचार किया जा चुका है। इस दौरान 5286 महिलाओं की हीमोग्लोबिन की जांच की गई। इसमें 950 महिलाओं में हीमोग्लोबिन की मात्रा 7 से 9 ग्राम मिली है। इसके अलावा 2,340 में हीमोग्लोबिन की मात्रा 9 से 11 ग्राम मिली है। इसके अलावा 289 ऐसी मिली हैं, जिनमें हीमोग्लोबिन की मात्रा 7 से भी कम है।
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कम हो सकती है रक्त में ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता
नोडल अधिकारी और एसीएमओ डॉ. बीके यादव ने बताया कि एनीमिया एक सामान्य चिकित्सीय स्थिति है, इसमें शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं (आरबीसी) की संख्या में कमी या रक्त में हीमोग्लोबिन की कमी देखी जाती है। हीमोग्लोबिन आरबीसी में मौजूद एक प्रोटीन है, जो फेफड़ों से पूरे शरीर में विभिन्न ऊतकों और अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का कार्य करता है। एनीमिया के कारण रक्त में ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता कम हो सकती है, जिससे शरीर का समग्र स्वास्थ्य और कामकाज प्रभावित होता है।
एनीमिया के लक्षण

मऊ। सीएमओ डॉ. राहुल सिंह ने बताया कि एनीमिया के मरीजों में थकान और कमजोरी, त्वचा का पीला पड़ना, दिल की धड़कन का असामान्य होना, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द के साथ चक्कर आना, हाथों और पैरों का ठंडा पड़ना, सिरदर्द जैसे लक्षण है।

तीन प्रकार का होता है एनीमिया
माइल्ड एनीमिया : इस प्रकार के एनीमिया में खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा 9 से 11 तक होती है। जबकि महिलाओं में हीमोग्लोबिन की मात्रा 12 से 14 तक होनी चाहिए। अब तक हुई जांच में ऐसी तीन हजार से अधिक बच्ची, किशोरी व महिलाएं मिली हैं।

माडरेट एनीमिया : इस प्रकार के एनीमिया में खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा 7 से 9 तक होती है। अब तक हुई जांच में ऐसी 950 बच्ची, किशोरी व महिलाएं सामने आई हैं।

सीवियर एनीमिया : यह सबसे घातक होती है। इसमें खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा 7 से भी कम होती है। इसमें कई बार खून भी चढ़ाना पड़ता है। जांच में ऐसी 289 बच्ची, किशोरी व महिलाएं मिली हैं।
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