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Mau News: दो राजकीय और तीन सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में रिक्त चल रहे 38 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद
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सरकार की ओर से राजकीय और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में छात्रों का नामांकन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन महाविद्यालयों में शिक्षकों के पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। इससे पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है।
महाविद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन गई है। विद्यार्थियों को बुनियादी शिक्षण सुविधाएं भी पूरी तरह उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।
दो राजकीय और तीन सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में 102 पदों के सापेक्ष केवल 64 असिस्टेंट प्रोफेसर ही तैनात हैं। कॉलेजों के प्राचार्यों का दावा है कि महाविद्यालय प्रबंधन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था कर कोर्स पूरा कराया जा रहा है।
जिले में तीन राजकीय और चार सहायता प्राप्त महाविद्यालय हैं। बीए प्रथम वर्ष में लगभग चार हजार सीटें हैं। यूपी बोर्ड और आईएससी का परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सरकारी और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कई विषयों के असिस्टेंट प्रोफेसरों के पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। महाविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रति वर्ष अधियाचन भेजा जाता है, लेकिन न तो नियुक्तियां हुईं और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकी है।
महाविद्यालयों के शिक्षक नामांकन बढ़ाने के लिए प्रयास तो कर रहे हैं, लेकिन छात्र व्यवस्थाएं देखकर मायूस हो जा रहे हैं। जिले में सबसे अधिक छात्र संख्या वाले डीसीएसके पीजी कॉलेज में 42 असिस्टेंट प्रोफेसरों के सापेक्ष 30 ही कार्यरत हैं।
संस्कृत, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान और अर्थशास्त्र सहित कई विषयों के पद रिक्त चल रहे हैं। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. शर्वेश पांडेय का कहना है कि छात्रों का कोर्स पूरा कराया जा रहा है। शिक्षकों की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
परदहां ब्लॉक क्षेत्र के बगलीपिजड़ा स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसरों के आठ पदों के सापेक्ष केवल पांच कार्यरत हैं। प्राचार्य का पद भी रिक्त चल रहा है। हिंदी, अंग्रेजी और पुस्तकालयाध्यक्ष के पद रिक्त हैं। कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. रमेश कुमार का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद कोर्स पूरा कराया जा रहा है। शासन को पत्र भेजा गया है।
सर्वोदय डिग्री कॉलेज घोसी में असिस्टेंट प्रोफेसरों के 20 पदों के सापेक्ष 15 कार्यरत हैं। हिंदी, समाजशास्त्र, भूगोल और इतिहास सहित पांच विषयों के पद रिक्त चल रहे हैं।
इस संबंध में कॉलेज की प्राचार्या डॉ. वंदना पांडेय का कहना है कि महाविद्यालय प्रबंधन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था कर कोर्स पूरा कराया जा रहा है। रिक्त पदों पर तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
इसी तरह मर्यादा पुरुषोत्तम पीजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसरों के 15 पदों के सापेक्ष 11 ही कार्यरत हैं। संस्कृत, समाजशास्त्र, सैन्य विज्ञान और अर्थशास्त्र विषयों के पद रिक्त चल रहे हैं। प्राचार्य का पद भी रिक्त चल रहा है। इस संबंध में कॉलेज की प्राचार्या डॉ. निर्मला सिंह का कहना है कि महाविद्यालय प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था कर छात्रों का कोर्स पूरा कराया जा रहा है।
राजकीय महाविद्यालय हृदय पट्टी में बीए, बीएससी और बीकॉम में 300-300 सीटें हैं। महाविद्यालय वर्ष 2025 से संचालित है। गत वर्ष 40 छात्र-छात्राओं का प्रवेश हुआ था। यहां 17 असिस्टेंट प्रोफेसरों के सापेक्ष केवल तीन ही कार्यरत हैं।
कॉलेज में जूलॉजी, बॉटनी, केमिस्ट्री और गणित में शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। कला वर्ग में संस्कृत, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, इतिहास और मनोविज्ञान में शिक्षकों के पद रिक्त हैं। वाणिज्य वर्ग में दो पदों के सापेक्ष एक पद रिक्त चल रहा है।
प्राचार्य डॉ. कमलेश सिंह का कहना है कि दूसरे विषयों के शिक्षकों से कोर्स पूरा कराया जा रहा है। जिन विषयों में शिक्षकों के पद रिक्त हैं, वहां छात्र-छात्राओं को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। ऑनलाइन कक्षाओं की सुविधा भी दी जा रही है। यही हाल अन्य महाविद्यालयों का भी है।
कॉलेज
स्वीकृत पद
कार्यरत
रिक्त
डीसीएसके पीजी कॉलेज
42
30
12
राजकीय महिला महाविद्यालय, बगली पिजड़ा 08
05
03
सर्वोदय पीजी कॉलेज, घोसी
20
15
05
मर्यादा पुरुषोत्तम पीजी कॉलेज
15
11
04
राजकीय महाविद्यालय, हृदय पट्टी
17
03
14
योग
102
64
38
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महाविद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन गई है। विद्यार्थियों को बुनियादी शिक्षण सुविधाएं भी पूरी तरह उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।
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दो राजकीय और तीन सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में 102 पदों के सापेक्ष केवल 64 असिस्टेंट प्रोफेसर ही तैनात हैं। कॉलेजों के प्राचार्यों का दावा है कि महाविद्यालय प्रबंधन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था कर कोर्स पूरा कराया जा रहा है।
जिले में तीन राजकीय और चार सहायता प्राप्त महाविद्यालय हैं। बीए प्रथम वर्ष में लगभग चार हजार सीटें हैं। यूपी बोर्ड और आईएससी का परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सरकारी और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कई विषयों के असिस्टेंट प्रोफेसरों के पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। महाविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रति वर्ष अधियाचन भेजा जाता है, लेकिन न तो नियुक्तियां हुईं और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकी है।
महाविद्यालयों के शिक्षक नामांकन बढ़ाने के लिए प्रयास तो कर रहे हैं, लेकिन छात्र व्यवस्थाएं देखकर मायूस हो जा रहे हैं। जिले में सबसे अधिक छात्र संख्या वाले डीसीएसके पीजी कॉलेज में 42 असिस्टेंट प्रोफेसरों के सापेक्ष 30 ही कार्यरत हैं।
संस्कृत, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान और अर्थशास्त्र सहित कई विषयों के पद रिक्त चल रहे हैं। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. शर्वेश पांडेय का कहना है कि छात्रों का कोर्स पूरा कराया जा रहा है। शिक्षकों की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
परदहां ब्लॉक क्षेत्र के बगलीपिजड़ा स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसरों के आठ पदों के सापेक्ष केवल पांच कार्यरत हैं। प्राचार्य का पद भी रिक्त चल रहा है। हिंदी, अंग्रेजी और पुस्तकालयाध्यक्ष के पद रिक्त हैं। कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. रमेश कुमार का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद कोर्स पूरा कराया जा रहा है। शासन को पत्र भेजा गया है।
सर्वोदय डिग्री कॉलेज घोसी में असिस्टेंट प्रोफेसरों के 20 पदों के सापेक्ष 15 कार्यरत हैं। हिंदी, समाजशास्त्र, भूगोल और इतिहास सहित पांच विषयों के पद रिक्त चल रहे हैं।
इस संबंध में कॉलेज की प्राचार्या डॉ. वंदना पांडेय का कहना है कि महाविद्यालय प्रबंधन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था कर कोर्स पूरा कराया जा रहा है। रिक्त पदों पर तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
इसी तरह मर्यादा पुरुषोत्तम पीजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसरों के 15 पदों के सापेक्ष 11 ही कार्यरत हैं। संस्कृत, समाजशास्त्र, सैन्य विज्ञान और अर्थशास्त्र विषयों के पद रिक्त चल रहे हैं। प्राचार्य का पद भी रिक्त चल रहा है। इस संबंध में कॉलेज की प्राचार्या डॉ. निर्मला सिंह का कहना है कि महाविद्यालय प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था कर छात्रों का कोर्स पूरा कराया जा रहा है।
राजकीय महाविद्यालय हृदय पट्टी में बीए, बीएससी और बीकॉम में 300-300 सीटें हैं। महाविद्यालय वर्ष 2025 से संचालित है। गत वर्ष 40 छात्र-छात्राओं का प्रवेश हुआ था। यहां 17 असिस्टेंट प्रोफेसरों के सापेक्ष केवल तीन ही कार्यरत हैं।
कॉलेज में जूलॉजी, बॉटनी, केमिस्ट्री और गणित में शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। कला वर्ग में संस्कृत, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, इतिहास और मनोविज्ञान में शिक्षकों के पद रिक्त हैं। वाणिज्य वर्ग में दो पदों के सापेक्ष एक पद रिक्त चल रहा है।
प्राचार्य डॉ. कमलेश सिंह का कहना है कि दूसरे विषयों के शिक्षकों से कोर्स पूरा कराया जा रहा है। जिन विषयों में शिक्षकों के पद रिक्त हैं, वहां छात्र-छात्राओं को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। ऑनलाइन कक्षाओं की सुविधा भी दी जा रही है। यही हाल अन्य महाविद्यालयों का भी है।
कॉलेज
स्वीकृत पद
कार्यरत
रिक्त
डीसीएसके पीजी कॉलेज
42
30
12
राजकीय महिला महाविद्यालय, बगली पिजड़ा 08
05
03
सर्वोदय पीजी कॉलेज, घोसी
20
15
05
मर्यादा पुरुषोत्तम पीजी कॉलेज
15
11
04
राजकीय महाविद्यालय, हृदय पट्टी
17
03
14
योग
102
64
38