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Mau News: दो सप्ताह से उपकरण जलने से मरीजों का नहीं हो रहा डिजिटल एक्सरे, फिल्म ही सहारा
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जिला अस्पताल के एक्सरे कक्ष में मरीज का एक्सरे करते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
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जिला अस्पताल में एक्सरे कराने आने वाले मरीजों को डिजिटल एक्सरे की सुविधा नहीं मिल रही है। मरीजों का एक्सरे पुराने फिल्म सिस्टम से किया जा रहा है। अत्याधुनिक उपचार के दौर में मरीजों को बेहतर जांच सुविधा नहीं मिल पा रही है।
बीते दिनों भी जिला अस्पताल में ऐसे मामले सामने आए थे, जहां डिजिटल एक्सरे और रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में मरीजों की जांच नहीं हो सकी थी। बेहद जरूरतमंद और मेडिको लीगल कराने वाले मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार जिला अस्पताल में एक माह में करीब छह हजार मरीजों का एक्सरे कराया जाता है। जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे का उपकरण जलने से मरीजों का सामान्य फिल्म वाला एक्सरे कराया जा रहा है।
आने वाले मरीजों की मैनुअल एक्सरे रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सक उपचार कर रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि डिजिटल एक्सरे उपकरण की स्थापना और रखरखाव के लिए साईरेक्स मानक कंपनी नामित है। संबंधित कंपनी को उपकरण खराब होने की सूचना पत्र के माध्यम से दी गई है। कंपनी की रिपोर्ट के आधार पर शासन को मांग पत्र भेज दिया गया है।
अस्पताल के ट्रामा विंग से लेकर चोट लगने वाले मरीजों को एक्सरे की आवश्यकता होती है। ऐसे मरीजों को अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक सिर्फ कमरा नंबर 22 में जाकर एक्सरे कराने की सलाह दे रहे हैं, जबकि कोई भी चिकित्सक मरीज या उसके साथ आए तीमारदार को यह नहीं बता रहा कि अस्पताल में फिलहाल केवल मैनुअल एक्सरे हो रहा है। मरीज चिकित्सक के परामर्श पर कमरा नंबर 22 में जाकर जांच करा रहे हैं।
कुछ मरीजों की सूचना पर मंगलवार को अमर उजाला टीम जिला अस्पताल के एक्सरे कक्ष में दोपहर करीब 12 बजे पहुंची, जहां पहले से कई मरीज एक्सरे कराने आए थे। मरीजों ने बताया कि चिकित्सक सिर्फ जांच के लिए भेज रहे हैं, लेकिन बाकी कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं। जब टीम मैनुअल एक्सरे कक्ष के अंदर गई तो कर्मी मरीजों की जांच करते मिले, जबकि डिजिटल एक्सरे कक्ष पर ताला बंद था।
नहीं हो रहा अल्ट्रासाउंड, सप्ताह में तीन दिन हो रहा मेडिको लीगल
जनपद की 26 लाख आबादी के उपचार के लिए जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे चल रही हैं। बिना समुचित जांच के ही मरीजों का उपचार हो रहा है। जिला अस्पताल में नियमित रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल रही है। आलम यह है कि आजमगढ़ के अतरौलिया से रेडियोलॉजिस्ट डा. हिमांशु जायसवाल को सप्ताह में तीन दिन के लिए संबद्ध किया गया है। चिकित्सक सप्ताह में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को अस्पताल आते हैं और पूरे जनपद से आने वाले मेडिको लीगल मामलों को निपटाने में ही व्यस्त रह जाते हैं।
डिजिटल एक्सरे में आवश्यक उपकरण जलने से बीते दो सप्ताह से जांच नहीं हो रही है। मरीजों का मैनुअल एक्सरे कराया जा रहा है। शासन से नामित कंपनी साईरेक्स की रिपोर्ट के आधार पर जले उपकरण को सही कराने के लिए छह लाख रुपये की मांग शासन से की गई है। मंजूरी मिलने के बाद सभी उपकरण ठीक कराकर मरीजों को सुविधा मिलने लगेगी। -डॉ. धनंजय कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल
बताई पीड़ा
मरीज को नाक से खून आने पर परामर्श के लिए जिला अस्पताल लाया गया है। यहां मैनुअल एक्सरे किया जा रहा है। डिजिटल एक्सरे कक्ष पर ताला बंद है। चिकित्सक भी डिजिटल एक्सरे नहीं होने की जानकारी नहीं दे रहे हैं। -साहब चौहान, निवासी देवहद
कंधे में दर्द होने पर मरीज को जिला अस्पताल लाया गया है। यहां फिल्म से एक्सरे हो रहा है। डिजिटल एक्सरे के बारे में कोई कुछ नहीं बता रहा है। जब रिपोर्ट सही नहीं मिलेगी तो चिकित्सक सही उपचार कैसे करेंगे। -दुर्गावती, निवासी रणवीरपुर
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बीते दिनों भी जिला अस्पताल में ऐसे मामले सामने आए थे, जहां डिजिटल एक्सरे और रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में मरीजों की जांच नहीं हो सकी थी। बेहद जरूरतमंद और मेडिको लीगल कराने वाले मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार जिला अस्पताल में एक माह में करीब छह हजार मरीजों का एक्सरे कराया जाता है। जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे का उपकरण जलने से मरीजों का सामान्य फिल्म वाला एक्सरे कराया जा रहा है।
आने वाले मरीजों की मैनुअल एक्सरे रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सक उपचार कर रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि डिजिटल एक्सरे उपकरण की स्थापना और रखरखाव के लिए साईरेक्स मानक कंपनी नामित है। संबंधित कंपनी को उपकरण खराब होने की सूचना पत्र के माध्यम से दी गई है। कंपनी की रिपोर्ट के आधार पर शासन को मांग पत्र भेज दिया गया है।
अस्पताल के ट्रामा विंग से लेकर चोट लगने वाले मरीजों को एक्सरे की आवश्यकता होती है। ऐसे मरीजों को अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक सिर्फ कमरा नंबर 22 में जाकर एक्सरे कराने की सलाह दे रहे हैं, जबकि कोई भी चिकित्सक मरीज या उसके साथ आए तीमारदार को यह नहीं बता रहा कि अस्पताल में फिलहाल केवल मैनुअल एक्सरे हो रहा है। मरीज चिकित्सक के परामर्श पर कमरा नंबर 22 में जाकर जांच करा रहे हैं।
कुछ मरीजों की सूचना पर मंगलवार को अमर उजाला टीम जिला अस्पताल के एक्सरे कक्ष में दोपहर करीब 12 बजे पहुंची, जहां पहले से कई मरीज एक्सरे कराने आए थे। मरीजों ने बताया कि चिकित्सक सिर्फ जांच के लिए भेज रहे हैं, लेकिन बाकी कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं। जब टीम मैनुअल एक्सरे कक्ष के अंदर गई तो कर्मी मरीजों की जांच करते मिले, जबकि डिजिटल एक्सरे कक्ष पर ताला बंद था।
नहीं हो रहा अल्ट्रासाउंड, सप्ताह में तीन दिन हो रहा मेडिको लीगल
जनपद की 26 लाख आबादी के उपचार के लिए जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे चल रही हैं। बिना समुचित जांच के ही मरीजों का उपचार हो रहा है। जिला अस्पताल में नियमित रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल रही है। आलम यह है कि आजमगढ़ के अतरौलिया से रेडियोलॉजिस्ट डा. हिमांशु जायसवाल को सप्ताह में तीन दिन के लिए संबद्ध किया गया है। चिकित्सक सप्ताह में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को अस्पताल आते हैं और पूरे जनपद से आने वाले मेडिको लीगल मामलों को निपटाने में ही व्यस्त रह जाते हैं।
डिजिटल एक्सरे में आवश्यक उपकरण जलने से बीते दो सप्ताह से जांच नहीं हो रही है। मरीजों का मैनुअल एक्सरे कराया जा रहा है। शासन से नामित कंपनी साईरेक्स की रिपोर्ट के आधार पर जले उपकरण को सही कराने के लिए छह लाख रुपये की मांग शासन से की गई है। मंजूरी मिलने के बाद सभी उपकरण ठीक कराकर मरीजों को सुविधा मिलने लगेगी। -डॉ. धनंजय कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल
बताई पीड़ा
मरीज को नाक से खून आने पर परामर्श के लिए जिला अस्पताल लाया गया है। यहां मैनुअल एक्सरे किया जा रहा है। डिजिटल एक्सरे कक्ष पर ताला बंद है। चिकित्सक भी डिजिटल एक्सरे नहीं होने की जानकारी नहीं दे रहे हैं। -साहब चौहान, निवासी देवहद
कंधे में दर्द होने पर मरीज को जिला अस्पताल लाया गया है। यहां फिल्म से एक्सरे हो रहा है। डिजिटल एक्सरे के बारे में कोई कुछ नहीं बता रहा है। जब रिपोर्ट सही नहीं मिलेगी तो चिकित्सक सही उपचार कैसे करेंगे। -दुर्गावती, निवासी रणवीरपुर

जिला अस्पताल के एक्सरे कक्ष में मरीज का एक्सरे करते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद