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Mau News: हलधरपुर स्टेशन पर 800 मीटर सड़क अधूरी, ट्रैक पार जाते हैं लोग
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हलधरपुर रेलवे स्टेशन के पास अधूरा निर्माण से हो रही परेशानी
- फोटो : credit
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पूर्वोत्तर रेलवे के इंदारा-फेफना रेलमार्ग पर स्थित हलधरपुर स्टेशन पर यात्रियों को जान जोखिम में डालकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है। उत्तर दिशा से स्टेशन तक पहुंचने के लिए 800 मीटर का संपर्क मार्ग वर्षों से अधूरा है।
इस कारण प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों को रेलवे लाइन पार करनी पड़ती है। रेलवे गेट संख्या-27 से स्टेशन तक 800 मीटर लंबा संपर्क मार्ग नहीं बना है। स्थानीय नागरिक कई वर्षों से इसके निर्माण की मांग कर रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता निसार अहमद ने इस समस्या को कई बार उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और जिलाधिकारी मऊ के माध्यम से अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया है। इसके बावजूद रेल प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
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मुन्नू राय, इकरार खां, मोती राम, शिवकुमार सिंह और रामाधार सहित अन्य स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या वर्षों पुरानी है। रेल प्रशासन की उदासीनता चिंता का विषय बनी हुई है।
उत्तर दिशा से प्लेटफॉर्म तक कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं है। लोगों का सवाल है कि क्या रेल प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है।
इस बाबत मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि ऐसी शिकायत उनके संज्ञान में नहीं है। इसकी जानकारी स्थानीय अधिकारियों से ली जाएगी।
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इस कारण प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों को रेलवे लाइन पार करनी पड़ती है। रेलवे गेट संख्या-27 से स्टेशन तक 800 मीटर लंबा संपर्क मार्ग नहीं बना है। स्थानीय नागरिक कई वर्षों से इसके निर्माण की मांग कर रहे हैं।
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सामाजिक कार्यकर्ता निसार अहमद ने इस समस्या को कई बार उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और जिलाधिकारी मऊ के माध्यम से अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया है। इसके बावजूद रेल प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
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मुन्नू राय, इकरार खां, मोती राम, शिवकुमार सिंह और रामाधार सहित अन्य स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या वर्षों पुरानी है। रेल प्रशासन की उदासीनता चिंता का विषय बनी हुई है।
उत्तर दिशा से प्लेटफॉर्म तक कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं है। लोगों का सवाल है कि क्या रेल प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है।
इस बाबत मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि ऐसी शिकायत उनके संज्ञान में नहीं है। इसकी जानकारी स्थानीय अधिकारियों से ली जाएगी।