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Mau News: 16 किमी लंबा रेलवे बाइपास बनेगा, सर्वे के लिए 32 लाख रुपये स्वीकृत

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 02 May 2026 12:09 AM IST
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A 16-km-long railway bypass will be built, with Rs 32 lakh approved for the survey.
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मालगाड़ियों के कारण रेल रूट के व्यस्त होने की समस्या को कम करने के लिए भटनी–वाराणसी रेलखंड पर बाइपास रेलमार्ग बनाने की योजना पर काम चल रहा है। दो अलग-अलग रूटों को जोड़ने वाले इस बाइपास के शुरुआती सर्वे के लिए 32 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

घोसी लोकसभा क्षेत्र से सपा सांसद राजीव राय ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से इस परियोजना का चित्र साझा करते हुए जनपदवासियों को बधाई दी और इसके जरिए विकास की संभावनाएं जताईं।
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इसके बन जाने के बाद बलिया की ओर से आने वाली ट्रेनें इंदारा को बाइपास करते हुए सीधे गोरखपुर की ओर जा सकेंगी। प्रस्तावित इंदारा बाइपास लाइन किड़िहिरापुर से रतनपुरा तक करीब 16 किलोमीटर लंबी होगी, जिससे इंदारा-फेफना और भटनी–वाराणसी रेलखंड इंदारा से पहले ही आपस में जुड़ जाएंगे।
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जनपद के इंदारा जंक्शन से दो प्रमुख रेलमार्ग निकलते हैं। एक इंदारा–फेफना मार्ग और दूसरा भटनी–वाराणसी रेलमार्ग। मऊ जंक्शन से भी दो रेल लाइनें निकलती हैं, जिनमें एक खुरहट–आजमगढ़ होते हुए शाहगंज तक और दूसरी दुल्लहपुर–औड़िहार होते हुए वाराणसी तक जाती है।
भटनी–वाराणसी रेलमार्ग पर किड़िहिरापुर, इंदारा और मऊ जंक्शन के रास्ते 38 ट्रेनें वाराणसी सहित अन्य राज्यों के लिए संचालित होती हैं। इनमें 12 दैनिक, 16 साप्ताहिक और 10 सप्ताह में चार या पांच दिन चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं।
वहीं इंदारा–फेफना मार्ग पर बलिया से फेफना, रतनपुरा और मऊ होते हुए 26 ट्रेनें विभिन्न महानगरों के लिए चलती हैं। इनमें 8 दैनिक, 8 साप्ताहिक और 10 ट्रेनें सप्ताह में तीन या चार दिन संचालित होती हैं।
इन रेलमार्गों पर मालगाड़ियों का भी बड़े पैमाने पर संचालन होता है, जिससे कई बार रूट व्यस्त हो जाता है। दबाव अधिक होने पर ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ता है। इसी को देखते हुए जिले में बाइपास रेलमार्ग बनाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।


बाइपास रेलमार्ग के सर्वे की प्रक्रिया शुरू की जानी है, ताकि दोनों रेलखंडों को जोड़ने का कार्य आगे बढ़ाया जा सके। इसके लिए रेलवे की ओर से धनराशि स्वीकृत कर दी गई है।
-सुमित कुमार, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे
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