{"_id":"69e513e1843b6558960368c6","slug":"burn-unit-is-being-operated-in-a-room-without-air-conditioning-in-the-district-hospital-mau-news-c-295-1-svns1028-144202-2026-04-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: जिला अस्पताल में बिना एसी वाले कमरे में संचालित हो रही बर्न यूनिट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: जिला अस्पताल में बिना एसी वाले कमरे में संचालित हो रही बर्न यूनिट
विज्ञापन
जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती मरीज।संवाद
विज्ञापन
25 लाख की आबादी वाले मऊ के 53 सरकारी अस्पतालों में भी किसी में आग लगने के बाद झुलसे मरीजों के उपचार के लिए समुचित व्यवस्था नहीं है। जिला अस्पताल में आठ वर्ष से बर्न यूनिट तो बना है लेकिन विशेषज्ञ डाॅक्टर नहीं है।
यूनिट बिना एसी वाले कमरे में सर्जन के भरोसे संचालित किया जा रहा है। उधर सीएमएस का दावा है कि प्लास्टिक सर्जन की तैनाती को लेकर शासन को कई बार पत्राचार किया जा चुका हैं लेकिन अब तक विशेषज्ञ डाॅक्टर की तैनाती नहीं हो सकी है।
विभाग के अनुसार, 2018 में तीन करोड़ की लागत से दो मंजिला बर्न यूनिट भवन बनाया गया लेकिन 2018 से ही चिकित्सक और स्टॉफ की तैनाती न होने से बंद है। यहां नियमानुसार 30 बेड के बर्न यूनिट के लिए चार विशेषज्ञ डाक्टर और 10 स्टॉफ नर्स की तैनाती होनी है लेकिन वर्षो से लिखा पढ़ी चल रही है।
हालत यह है कि झुलसे मरीजों के इलाज के लिए जिला अस्पताल के एक कमरे में संचालित हो रहा है। आग से झुलसे लोगों में तेजी से संक्रमण फैलता है।
गंभीर रुप से झुलसे मरीजों को प्राथमिक उपचार के बार रेफर कर दिया जाता है। करोड़ों की लागत से बनी बर्न यूनिट में पहले कोरोना काल में इसे आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर दिया है। वहीं उसके बाद टीकाकरण केंद्र में तब्दील कर इस भवन का प्रयोग किया गया लेकिन बीते दो वर्ष से यह भवन पर ताला बंद है।
इस बाबत जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धनज्जय कुमार ने बताया कि बर्न यूनिट में विशेषज्ञ डाक्टर और स्टॉफ की तैनाती के मामले में शासन को पत्र भेजा गया है।वर्तमान में अस्पताल के सर्जन की देखरेख में बर्न यूनिट का संचालन एक वार्ड में किया जा रहा है।
Trending Videos
यूनिट बिना एसी वाले कमरे में सर्जन के भरोसे संचालित किया जा रहा है। उधर सीएमएस का दावा है कि प्लास्टिक सर्जन की तैनाती को लेकर शासन को कई बार पत्राचार किया जा चुका हैं लेकिन अब तक विशेषज्ञ डाॅक्टर की तैनाती नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विभाग के अनुसार, 2018 में तीन करोड़ की लागत से दो मंजिला बर्न यूनिट भवन बनाया गया लेकिन 2018 से ही चिकित्सक और स्टॉफ की तैनाती न होने से बंद है। यहां नियमानुसार 30 बेड के बर्न यूनिट के लिए चार विशेषज्ञ डाक्टर और 10 स्टॉफ नर्स की तैनाती होनी है लेकिन वर्षो से लिखा पढ़ी चल रही है।
हालत यह है कि झुलसे मरीजों के इलाज के लिए जिला अस्पताल के एक कमरे में संचालित हो रहा है। आग से झुलसे लोगों में तेजी से संक्रमण फैलता है।
गंभीर रुप से झुलसे मरीजों को प्राथमिक उपचार के बार रेफर कर दिया जाता है। करोड़ों की लागत से बनी बर्न यूनिट में पहले कोरोना काल में इसे आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर दिया है। वहीं उसके बाद टीकाकरण केंद्र में तब्दील कर इस भवन का प्रयोग किया गया लेकिन बीते दो वर्ष से यह भवन पर ताला बंद है।
इस बाबत जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धनज्जय कुमार ने बताया कि बर्न यूनिट में विशेषज्ञ डाक्टर और स्टॉफ की तैनाती के मामले में शासन को पत्र भेजा गया है।वर्तमान में अस्पताल के सर्जन की देखरेख में बर्न यूनिट का संचालन एक वार्ड में किया जा रहा है।
