UP: भाजपा जिलाध्यक्ष समेत तीन पर कोर्ट के आदेश से FIR, पुलिस ने लगाया था एफआर; जान से मारने की धमकी का आरोप
Mau News: मऊ में भाजपा जिलाध्यक्ष समेत तीन लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मारपीट और जान से मारने की धमकी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज हुई है। मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात कहते हुए अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगा दी। शिकायतकर्ता ने आरोपियों पर मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाया था।
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मऊ के हलधरपुर थाना क्षेत्र के रतनपुरा निवासी अजीत सिंह की तहरीर और सीजेएम कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने भाजपा जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्या सहित तीन पर प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की। पीड़ित ने आरोप लगाया कि सात जुलाई को भाजपा जिलाध्यक्ष ने गालीगलौज और जान से मारने की धमकी दी।
आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा सुनवाई न होने पर कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। उधर इस मामले में साक्ष्य न मिलने पर पुलिस ने एफआर लगाने की बात कही। दूसरी तरफ भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि उन पर झूठे आरोप में केस फंसाया गया, वह इस मामले में मानहानि का दावा के साथ झूठे केस दर्ज कराने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।
इससे पहले दर्ज तहरीर के अनुसार पीड़ित अजीत सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य से उनकी प्रधानी चुनाव को लेकर पुरानी रंजिश है। रामाश्रय मौर्य अपने पद का इस्तेमाल कर उसके मसाला कुटीर उद्योग की बार-बार जांच कराते रहे हैं। आरोप लगाया कि बीते 7 जुलाई की सुबह रामाश्रय मौर्य और तीन अन्य लोग अजीत सिंह के घर के सामने रुके। जब अजीत सिंह ने शिकायतें करने का कारण पूछा, तो रामाश्रय मौर्य नाराज हो गए।
उन्होंने गाली-गलौज करते हुए अजीत सिंह को मारने के लिए दौड़ाया। अजीत सिंह घर में भागे, लेकिन आरोपी घर में घुस गए और उन्हें मुक्का-थप्पड़ से मारा, जिससे उनकी शर्ट फट गई। घटना के समय खुशबू सिंह, इंद्रकुमार सिंह और अर्जुन सिंह ने बीच-बचाव किया। जाते समय रामाश्रय मौर्य ने अजीत सिंह को जान से मरवाने और परिवार को फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का भी लगाया आरोप
अजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि रामाश्रय मौर्य ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर उसके खिलाफ हलधरपुर थाने में एक फर्जी प्राथमिकी दर्ज करवा दी थी। यह प्राथमिकी मुअसं-142/2026 के तहत धारा 352, 351 (3) बीएनएस और 67 सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत दर्ज किया गया था। अजीत सिंह का कहना है कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। उन्होंने न्यायिक मजिस्ट्रेट से थानाध्यक्ष हलधरपुर को एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने की मांग की है।
मामला संज्ञान में हैं, जांच के दौरान मारपीट या धमकी का कोई साक्ष्य नहीं मिला है, ऐसे में इस मामले एफआर लगाकर पुलिस अग्रिम कार्रवाई कर रही है। - अनुप कुमार, एएसपी
उन्हें फंसाया गया। मैं दावा करता हूं जिन्होंने मेरे खिलाफ फर्जी प्राथमिकी दर्ज कराई है, वे अपने यहां लगे ही सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच करें। वह मानहानि का दावा करने के साथ ही झूठा मुकदमा दर्ज कराने वालों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराएंगे। - रामाश्रय मौर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष।