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Mau News: आत्महत्या के लिए मजबूर करने के दोषी पति को सात साल की सजा
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अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक दीप नारायण तिवारी ने प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर आत्महत्या करने के मामले में नामजद पति चंदन राम सहित तीन लोगों में सुनवाई के बाद पति चंदन को दोषी पाया।
उसे सात वर्ष की सजा के साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, अर्थदंड जमा हो जाने पर संपूर्ण धनराशि वादी मुकदमा को देने का आदेश दिया।
सुभाष राम व मुखिया देवी को संदेह का लाभ देते हुए आरोपमुक्त कर दिया गया। मामला कोपागंज थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, कोतवाली मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र के डगौली गांव निवासी कांता राम पुत्र जगई की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई।
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वादी का कथन है कि उसकी पुत्री पूनम की शादी कोपागंज थाना क्षेत्र के पिपरौता गांव निवासी चंदन राम पुत्र सुभाष के साथ हुई थी। आरोप है कि दहेज में मोटरसाइकिल व टीवी की मांग को लेकर पूनम को उसके ससुराल वाले प्रताड़ित करते थे।
उनकी प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर पूनम ने 19 मार्च 2011 को आत्महत्या कर ली। मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद चंदन राम पुत्र सुभाष राम, सुभाष राम पुत्र स्व. मोतीलाल और मुखिया देवी पत्नी सुभाष के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने 10 गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से एक गवाह को पेश कर तर्क दिया गया कि उसे झूठा फंसाया गया है।
एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी सुभाष राम व मुखिया देवी को संदेह का लाभ देते हुए आरोपमुक्त कर दिया। वहीं, पति चंदन राम को प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर आत्महत्या करने के मामले में दोषी पाया।
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उसे सात वर्ष की सजा के साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, अर्थदंड जमा हो जाने पर संपूर्ण धनराशि वादी मुकदमा को देने का आदेश दिया।
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सुभाष राम व मुखिया देवी को संदेह का लाभ देते हुए आरोपमुक्त कर दिया गया। मामला कोपागंज थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, कोतवाली मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र के डगौली गांव निवासी कांता राम पुत्र जगई की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई।
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वादी का कथन है कि उसकी पुत्री पूनम की शादी कोपागंज थाना क्षेत्र के पिपरौता गांव निवासी चंदन राम पुत्र सुभाष के साथ हुई थी। आरोप है कि दहेज में मोटरसाइकिल व टीवी की मांग को लेकर पूनम को उसके ससुराल वाले प्रताड़ित करते थे।
उनकी प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर पूनम ने 19 मार्च 2011 को आत्महत्या कर ली। मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद चंदन राम पुत्र सुभाष राम, सुभाष राम पुत्र स्व. मोतीलाल और मुखिया देवी पत्नी सुभाष के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने 10 गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से एक गवाह को पेश कर तर्क दिया गया कि उसे झूठा फंसाया गया है।
एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी सुभाष राम व मुखिया देवी को संदेह का लाभ देते हुए आरोपमुक्त कर दिया। वहीं, पति चंदन राम को प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर आत्महत्या करने के मामले में दोषी पाया।