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Mau News: दिन भर चला धूप-छांव का क्रम, एक डिग्री बढ़ा अधिकतम तापमान
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जिले में बारिश के बीच नगर में गाजीपुर तिराहा का मौसम
- फोटो : ट्रामा सेंटर डिब्बा में सर्प को बंदकर लेकर पहुंचे परिजन। वीडियो ग्रैव
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बुधवार को जिले के विभिन्न इलाकों में बूंदाबांदी हुई। धूप-छांव के दौरान तेज धूप होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई।
मौसम में बार-बार बदलाव होने से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। मौसम अनुकूल न होने से अभी तक लगभग 24 प्रतिशत ही धान की रोपाई हो पाई है।
बुधवार को तड़के से ही आसमान में बादल छाए रहे। दिन भर धूप-छांव होती रही। इस बीच तेज धूप होने से लोगों को आना-जाना मुश्किल हो रहा था। सुबह लगभग 10:30 बजे बूंदाबांदी हुई, लेकिन धूप रहने से कोई राहत नहीं मिली।
मौसम बार-बार बदलने से लोग सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। तापमान पर नजर डाली जाए तो बुधवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा।
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आर्द्रता 78 प्रतिशत रही, जबकि 11 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल रही थी। मंगलवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम अनुकूल न होने से धान की रोपाई धीमी गति से चल रही है। अब तक लगभग 24 प्रतिशत ही धान की रोपाई हो पाई है। बारिश के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो जून माह में 33.25 मिमी और जुलाई माह में अब तक 11 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। गत वर्ष 2025 में जून माह में 33 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी।
अगेती धान की नर्सरी तैयार हो गई है, लेकिन मौसम अनुकूल न होने से किसान धान की रोपाई कराने में हिचक रहे हैं। निजी संसाधन संपन्न किसान ही नलकूप के सहारे धान की रोपाई करा रहे हैं।
किसान शिवकुमार सिंह, रविंद्र यादव, महेंद्र वर्मा और श्रीराम यादव का कहना है कि निजी संसाधनों से रोपाई कराए जाने से खेती की लागत बढ़ रही है। समझ में नहीं आ रहा है।
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मौसम में बार-बार बदलाव होने से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। मौसम अनुकूल न होने से अभी तक लगभग 24 प्रतिशत ही धान की रोपाई हो पाई है।
बुधवार को तड़के से ही आसमान में बादल छाए रहे। दिन भर धूप-छांव होती रही। इस बीच तेज धूप होने से लोगों को आना-जाना मुश्किल हो रहा था। सुबह लगभग 10:30 बजे बूंदाबांदी हुई, लेकिन धूप रहने से कोई राहत नहीं मिली।
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मौसम बार-बार बदलने से लोग सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। तापमान पर नजर डाली जाए तो बुधवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा।
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आर्द्रता 78 प्रतिशत रही, जबकि 11 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल रही थी। मंगलवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम अनुकूल न होने से धान की रोपाई धीमी गति से चल रही है। अब तक लगभग 24 प्रतिशत ही धान की रोपाई हो पाई है। बारिश के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो जून माह में 33.25 मिमी और जुलाई माह में अब तक 11 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। गत वर्ष 2025 में जून माह में 33 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी।
अगेती धान की नर्सरी तैयार हो गई है, लेकिन मौसम अनुकूल न होने से किसान धान की रोपाई कराने में हिचक रहे हैं। निजी संसाधन संपन्न किसान ही नलकूप के सहारे धान की रोपाई करा रहे हैं।
किसान शिवकुमार सिंह, रविंद्र यादव, महेंद्र वर्मा और श्रीराम यादव का कहना है कि निजी संसाधनों से रोपाई कराए जाने से खेती की लागत बढ़ रही है। समझ में नहीं आ रहा है।