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महाशिवरात्रि : गाैरा ने शंभू से जोड़ा प्रीत का दामन, भक्त हुए मगन
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महाशिवरात्रि पर्व पर नगर के मऊ महादेव मंदिर पर श्रद्धालुओे के बीच शिव भोलेनाथ का रुप धारण कि
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जिले में रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। विभिन्न इलाके में शिव बरात निकाली गई। शिवालयों में मंडप बनाकर गाैरा और शंभू के विवाह की रस्म निभाई गई। देर रात मंदिर परिसर हर-हर महादेव के उद्घोष से गुंजायमान रहा। शिव-शक्ति के मिलन पर्व पर भक्त आत्मिक आनंद से सराबोर नजर आए। शीतला मंदिर के महंत दीपक महाराज ने बताया कि जिले के 172 शिव मंदिरों में लगभग 1.35 लाख भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। रात 10 बजे तक शिव मंदिरों में भक्तों की कतार लगी रही। भजन कीर्तन में भी लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। जिले के विभिन्न इलाकों में शिव विवाह की लीला का मंचन किया गया। कलाकारों ने गाैरा और शंकर के प्रीत को जीवंत कर दिया। लीला में गाैरा जैसे ही शंभू से प्रीत का दामन जोड़ा भक्त मगन हो गए। गाजेबाजे के साथ निकली झांकी में हजार भक्त शामिल हुए। इस मौके पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
महाशिवरात्रि पर शिवभक्त गाजीपुर सहित विभिन्न स्थानों से गंगा जल भर कर पैदल ही जिले के शिव मंदिरों में पहुंचे। विधि विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक किए। भक्तों ने बेलपत्र, भांग धतूरा औघड़दानी को अर्पित किया। नगर के शीतला माता धाम स्थित शिव मंदिर, मठिया टोला शिवाला, हाइडिल कालोनी शिव मंदिर, गायघाट शिव मदिर, भीटी स्थित शिव मंदिर, कतुआपुरा स्थित शिव मंदिर, जिला अस्पताल स्थित शिव मंदिर, ब्रह्मस्थान स्थित शिव मंदिर, रोडवेज स्थित मंदिर, सिंधी बाबा कुटी, बढुआगोदाम, बारहदुअरिया शिव मंदिर सहित 172 शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी। शिव मंदिरों में पूजन अर्चन करने वालों में महिलाओं की संख्या पुरुषों की अपेक्षा अधिक रही। महाशिवरात्रि के मौके पर देवाधिदेव महादेव का फूलों से शृंगार किया गया। शीतला माता धाम सहित अन्य प्रमुख मंदिरों पर मेले जैसा नजारा रहा। रानीपुर क्षेत्र के खुरहट, पलिगढ़, काझा, फत्तेपुर, ब्राह्मणपुरा, अकबरपुर, खिरिया, बड़ार, बकरी, महासो में महाशिवरात्रि परंपरागत तरीके से मनाया गया। मझवारा क्षेत्र के पवनी, सेमरीजमालपुर, मझवारा, चचाईपार, सिकरौर, मूंगमास में महाशिवरात्रि पर लोगों ने शिवालयों में दर्शन-पूजन किया। बढुआगोदाम क्षेत्र के ताजोपुर, बहरीपुर, इमिलियाडीह, पनियरा, नसीरपुर, सरयां रघुनाथपुरा, महलीपुर में लोग शिव भक्ति में लीन रहे। रतनपुरा क्षेत्र के गाढ़ा, सिधवल, बीबीपुर, खालिसपुर, बखरिया, बिलौझा, मुबारकपुर, इटैली, चकरा, पहसा, लसरा, मुस्तफाबाद, खालिसपुर, पहदेवाजीत में महाशिवरात्रि मनाया गया। क्षेत्र के अति प्राचीन शिव मंदिर पीपरसाथ में शिव भक्तों ने त्रिशूल स्थापित किया। रतनपुरा ब्लाक परिसर में शिव मंदिर पर विशाल भंडार का आयोजन किया गया। दोहरीघाट: स्थानीय नगर पंचायत सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। नगर पंचायत अमिला स्थित शिव मंदिर में श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ को बेलपत्र, भांग, धतूरा और अबीर अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। शिव मंदिर परिसर में 24 घंटे के रामचरितमानस पाठ का शुभारंभ हुआ।
चिरैयाकोट: कस्बा सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। खाकीबाबा की कुटी शिवालय, प्राचीन शिव मंदिर, चौक बाजार स्थित शिव मंदिर सहित विभिन्न इलाकों के मंदिरों पर सुबह से ही शिव भक्तों का तांता लगा रहा। इस अवसर पर बाजार स्थित शिव मंदिर और प्राचीन पुरानी शिव मंदिर पर श्रद्धालुओं की तरफ सेभंडारे का आयोजन किया गया, जिसमे हजारों शिव भक्तो ने प्रसाद ग्रहण किया।
फतेहपुर मंडाव: महाशिवरात्रि के अवसर पर मधुबन कस्बा बाजार में शिव बारात निकाली गई। तहसील परिसर से निकली बारात में भगवान शिव की झांकी आकर्षण का केंद्र रही।
शिव बारात तहसील से निकलकर मुख्य मार्गों से होते हुए कस्बा बाजार के विभिन्न हिस्सों में भ्रमण करती रही। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर बारात का स्वागत किया। इस अवसर पर भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रशांत मल्ल उर्फ गणेश मल्ल, अमित मद्धेशिया, संतोष जायसवाल, धरमू ठठेरा, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शंकर मद्धेशिया, विवेक मद्धेशिया आदि शामिल थे।
मधुबन: स्थानीय कस्बा सहित क्षेत्र के पांती, दुबारी, विग्रहपुर, सुआह, उसुरी, बस्ती वर्सी निधियांव सहित विभिन्न इलाकों में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों के शिव मंदिरों में भक्तों ने दूध, जल, बेल-पत्र, भांग और धतूरे से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। पांती और विग्रहपुर में आयोजित मेला में बच्चों और महिलाओं की भारी भीड़ रही।
सूरजपुर: महाशिवरात्रि के अवसर पर रविवार को क्षेत्र के रसूलपुर स्थित शिव पंच मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, धतूरा और गंगाजल अर्पित कर भगवान शिव की विधि विधान से पूजा अर्चना की। हर हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कोपागंज के प्राचीन गौरीशंकर मंदिर, बारहदुअरिया शिव मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष गूंजते रहे। कई श्रद्धालु कांवड़ में गंगाजल लेकर शिवालय पहुंचे। कुसुम्हा क्षेत्र के गौरीशंकर मंदिर, बाबा मेला राम शिव मंदिर, रामशाला शिव मंदिर, पतनई स्थित बाबा पाताल नाथ मंदिर में भक्तों भीड़ उमड़ी।
भोले की बरात में भूत-बैताल और पिशाच के रुप में झूमे भक्त
मऊ। महाशिवरात्रि पर कड़ी सुरक्षा के बीच संवेदनशील इलाकों से भगवान शिव की बरात निकली। गाजे बाजे संग निकली बरात में देवी देवता, भूत का रुप धारण किए लोग नाचते गाते चल रहे थे। प्रशासन की ओर से व्यापक पैमाने पर सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी। शीतला माता मंदिर से निकली बरात में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। बरात में भगवान शंकर के गण कुत्ता, बंदर, बिल्ली और भूत बैताल का रूप में श्रद्धालु नाच रहे थे। शिव बरात दशई पोखरा चौराहा होते हुए मिर्जाहादीपुरा, डीएवी, आर्यसमाज, संस्कृत पाठशाला, सदर चौैक, सिंधी कालोनी, रेलवे फाटक, बाल निकेतन, रोडवेज ओवरब्रिज होते हुए शीतला मंदिर पहुंची। इस दौरान जगह-जगह बरातियों का स्वागत हुआ। मंदिर में आरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। दोहरीघाट कस्बे में बाबा मेलाराम मंदिर के पास स्थित प्राचीन शिव मंदिर से शिव बरात धूमधाम से निकाली गई। बरात चौहान चौक से आजमगढ़ रोड होते हुए मुक्तिधाम रोड पर स्थित भगवान राम, परशुराम द्वारा स्थापित अद्भुत शिवलिंग मंदिर पहुंची।। महाशिवरात्रि के अवसर पर रविवार को श्रद्धालुओं ने शाम को शिव मंदिर से शिव बारात निकाली। बारात माहपुर, रसूलपुर, जमुई, गद्दोपुर और दरौरा होते हुए नगपुर-महमूदपुर स्थित महामाई एवं काली माता मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान से शिव-पार्वती विवाह का मंचन किया गया। शिव मंदिर समिति करहां और दुर्गा-शिव मंदिर समिति माहपुर के संयुक्त तत्वावधान में शोभायात्रा निकाली गई। नगपुर-महमूदपुर की काली माता मंदिर समिति ने बारात का भव्य स्वागत किया। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय मऊ सेवा केंद्र पर रविवार को त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव मनाया गया। इस दाैरान ब्रह्माकुमारी विमला ने कहा कि परमात्मा शिव ही हम सभी आत्माओं के परमपिता हैं। हम सब उनकी आराधना करते हैं।। महादेव का स्वरुप ज्योति बिंदु और प्रतीक चिह्न शिवलिंग है। वे सर्व देवी देवताओं के रचनाकार है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्था पिछले 90 वर्षों से देश-विदेश में स्थित 10000 सेवा केंद्र के माध्यम से लोगों को नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रही है। इस अवसर पर डाॅ. एससी तिवारी ,डाॅ. एपी जायसवाल ,डाॅ. सुरेश मौर्य, डाॅ. अनिल उपस्थित रहे।
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महाशिवरात्रि पर शिवभक्त गाजीपुर सहित विभिन्न स्थानों से गंगा जल भर कर पैदल ही जिले के शिव मंदिरों में पहुंचे। विधि विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक किए। भक्तों ने बेलपत्र, भांग धतूरा औघड़दानी को अर्पित किया। नगर के शीतला माता धाम स्थित शिव मंदिर, मठिया टोला शिवाला, हाइडिल कालोनी शिव मंदिर, गायघाट शिव मदिर, भीटी स्थित शिव मंदिर, कतुआपुरा स्थित शिव मंदिर, जिला अस्पताल स्थित शिव मंदिर, ब्रह्मस्थान स्थित शिव मंदिर, रोडवेज स्थित मंदिर, सिंधी बाबा कुटी, बढुआगोदाम, बारहदुअरिया शिव मंदिर सहित 172 शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी। शिव मंदिरों में पूजन अर्चन करने वालों में महिलाओं की संख्या पुरुषों की अपेक्षा अधिक रही। महाशिवरात्रि के मौके पर देवाधिदेव महादेव का फूलों से शृंगार किया गया। शीतला माता धाम सहित अन्य प्रमुख मंदिरों पर मेले जैसा नजारा रहा। रानीपुर क्षेत्र के खुरहट, पलिगढ़, काझा, फत्तेपुर, ब्राह्मणपुरा, अकबरपुर, खिरिया, बड़ार, बकरी, महासो में महाशिवरात्रि परंपरागत तरीके से मनाया गया। मझवारा क्षेत्र के पवनी, सेमरीजमालपुर, मझवारा, चचाईपार, सिकरौर, मूंगमास में महाशिवरात्रि पर लोगों ने शिवालयों में दर्शन-पूजन किया। बढुआगोदाम क्षेत्र के ताजोपुर, बहरीपुर, इमिलियाडीह, पनियरा, नसीरपुर, सरयां रघुनाथपुरा, महलीपुर में लोग शिव भक्ति में लीन रहे। रतनपुरा क्षेत्र के गाढ़ा, सिधवल, बीबीपुर, खालिसपुर, बखरिया, बिलौझा, मुबारकपुर, इटैली, चकरा, पहसा, लसरा, मुस्तफाबाद, खालिसपुर, पहदेवाजीत में महाशिवरात्रि मनाया गया। क्षेत्र के अति प्राचीन शिव मंदिर पीपरसाथ में शिव भक्तों ने त्रिशूल स्थापित किया। रतनपुरा ब्लाक परिसर में शिव मंदिर पर विशाल भंडार का आयोजन किया गया। दोहरीघाट: स्थानीय नगर पंचायत सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। नगर पंचायत अमिला स्थित शिव मंदिर में श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ को बेलपत्र, भांग, धतूरा और अबीर अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। शिव मंदिर परिसर में 24 घंटे के रामचरितमानस पाठ का शुभारंभ हुआ।
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चिरैयाकोट: कस्बा सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। खाकीबाबा की कुटी शिवालय, प्राचीन शिव मंदिर, चौक बाजार स्थित शिव मंदिर सहित विभिन्न इलाकों के मंदिरों पर सुबह से ही शिव भक्तों का तांता लगा रहा। इस अवसर पर बाजार स्थित शिव मंदिर और प्राचीन पुरानी शिव मंदिर पर श्रद्धालुओं की तरफ सेभंडारे का आयोजन किया गया, जिसमे हजारों शिव भक्तो ने प्रसाद ग्रहण किया।
फतेहपुर मंडाव: महाशिवरात्रि के अवसर पर मधुबन कस्बा बाजार में शिव बारात निकाली गई। तहसील परिसर से निकली बारात में भगवान शिव की झांकी आकर्षण का केंद्र रही।
शिव बारात तहसील से निकलकर मुख्य मार्गों से होते हुए कस्बा बाजार के विभिन्न हिस्सों में भ्रमण करती रही। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर बारात का स्वागत किया। इस अवसर पर भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रशांत मल्ल उर्फ गणेश मल्ल, अमित मद्धेशिया, संतोष जायसवाल, धरमू ठठेरा, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शंकर मद्धेशिया, विवेक मद्धेशिया आदि शामिल थे।
मधुबन: स्थानीय कस्बा सहित क्षेत्र के पांती, दुबारी, विग्रहपुर, सुआह, उसुरी, बस्ती वर्सी निधियांव सहित विभिन्न इलाकों में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों के शिव मंदिरों में भक्तों ने दूध, जल, बेल-पत्र, भांग और धतूरे से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। पांती और विग्रहपुर में आयोजित मेला में बच्चों और महिलाओं की भारी भीड़ रही।
सूरजपुर: महाशिवरात्रि के अवसर पर रविवार को क्षेत्र के रसूलपुर स्थित शिव पंच मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, धतूरा और गंगाजल अर्पित कर भगवान शिव की विधि विधान से पूजा अर्चना की। हर हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कोपागंज के प्राचीन गौरीशंकर मंदिर, बारहदुअरिया शिव मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष गूंजते रहे। कई श्रद्धालु कांवड़ में गंगाजल लेकर शिवालय पहुंचे। कुसुम्हा क्षेत्र के गौरीशंकर मंदिर, बाबा मेला राम शिव मंदिर, रामशाला शिव मंदिर, पतनई स्थित बाबा पाताल नाथ मंदिर में भक्तों भीड़ उमड़ी।
भोले की बरात में भूत-बैताल और पिशाच के रुप में झूमे भक्त
मऊ। महाशिवरात्रि पर कड़ी सुरक्षा के बीच संवेदनशील इलाकों से भगवान शिव की बरात निकली। गाजे बाजे संग निकली बरात में देवी देवता, भूत का रुप धारण किए लोग नाचते गाते चल रहे थे। प्रशासन की ओर से व्यापक पैमाने पर सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी। शीतला माता मंदिर से निकली बरात में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। बरात में भगवान शंकर के गण कुत्ता, बंदर, बिल्ली और भूत बैताल का रूप में श्रद्धालु नाच रहे थे। शिव बरात दशई पोखरा चौराहा होते हुए मिर्जाहादीपुरा, डीएवी, आर्यसमाज, संस्कृत पाठशाला, सदर चौैक, सिंधी कालोनी, रेलवे फाटक, बाल निकेतन, रोडवेज ओवरब्रिज होते हुए शीतला मंदिर पहुंची। इस दौरान जगह-जगह बरातियों का स्वागत हुआ। मंदिर में आरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। दोहरीघाट कस्बे में बाबा मेलाराम मंदिर के पास स्थित प्राचीन शिव मंदिर से शिव बरात धूमधाम से निकाली गई। बरात चौहान चौक से आजमगढ़ रोड होते हुए मुक्तिधाम रोड पर स्थित भगवान राम, परशुराम द्वारा स्थापित अद्भुत शिवलिंग मंदिर पहुंची।। महाशिवरात्रि के अवसर पर रविवार को श्रद्धालुओं ने शाम को शिव मंदिर से शिव बारात निकाली। बारात माहपुर, रसूलपुर, जमुई, गद्दोपुर और दरौरा होते हुए नगपुर-महमूदपुर स्थित महामाई एवं काली माता मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान से शिव-पार्वती विवाह का मंचन किया गया। शिव मंदिर समिति करहां और दुर्गा-शिव मंदिर समिति माहपुर के संयुक्त तत्वावधान में शोभायात्रा निकाली गई। नगपुर-महमूदपुर की काली माता मंदिर समिति ने बारात का भव्य स्वागत किया। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय मऊ सेवा केंद्र पर रविवार को त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव मनाया गया। इस दाैरान ब्रह्माकुमारी विमला ने कहा कि परमात्मा शिव ही हम सभी आत्माओं के परमपिता हैं। हम सब उनकी आराधना करते हैं।। महादेव का स्वरुप ज्योति बिंदु और प्रतीक चिह्न शिवलिंग है। वे सर्व देवी देवताओं के रचनाकार है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्था पिछले 90 वर्षों से देश-विदेश में स्थित 10000 सेवा केंद्र के माध्यम से लोगों को नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रही है। इस अवसर पर डाॅ. एससी तिवारी ,डाॅ. एपी जायसवाल ,डाॅ. सुरेश मौर्य, डाॅ. अनिल उपस्थित रहे।