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Mau News: न शेल्टर होम बना, न नसबंदी अभियान चला... कुत्तों से बच्चों की सुरक्षा अब शिक्षकों के जिम्मे
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कुत्तों के आतंक से बच्चों को बचाने के लिए शिक्षकों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। पशु पालन विभाग ने अब तक जिले में एक बार भी नसबंदी अभियान नहीं चलाया गया है। निकाय शेल्टर होम के लिए अभी जमीन चिह्नित करने में लगे हैं।
सर्दी में लगातार कुत्ते काटने का ग्राफ बढ़ रहा है। दिसंबर माह में 1161 लोग केवल जिला अस्पताल में पहुंचे, जबकि बीते नवंबर महीने में यह आंकड़ा 881 मरीजों का था।
बीएसए संतोष उपाध्याय ने बताया कि परिषदीय विद्यालयाें के बच्चों को कुत्तों से बचाव के लिए शासन से आदेश है। किसी छात्र-छात्रा को कुत्ता काटने की स्थिति में उनके उपचार के लिए नोडल शिक्षक घायल को जिला अस्पताल में एंटी रैबिज इंजेक्शन लगवाएंगे और उनका उपचार कराएंगे।
इस संबंध में मंगलवार को शहरी क्षेत्र के 42 शिक्षकों की सूची सोशल मीडिया पर वायरल होने से चर्चा तेज हो गई। नसबंदी के बारे में पशु पालन विभाग के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके गिरि ने बताया कि अवारा कुत्तों को पकड़ने की जिम्मेदारी निकाय, ग्राम पंचायत और जिला पंचायत की है।
कुत्तों को पकड़कर पशु अस्पताल लाए जाने पर नसबंदी कराई जाएगी। आवारा कुत्तों की नसबंदी के बारे में कहा कि कुछ दिन पहले ही कार्यभार संभाला है वह स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कह सकते हैं।
नगर पालिका ईओ दिनेश कुमार ने कहा कि नसबंदी अभियान नहीं चलाया गया है। नगर पालिका द्वारा आवारा कुत्तों के लिए सेल्टर रुम बनाने के लिए जमीन चिह्नित की जा रही है। इसके बाद प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
एक महीने में बढ़ गईं कुत्ते काटने की घटनाएं
जिला अस्पताल के आंकड़ों को देखें तो यहां बीते नवंबर माह में 881 लोगों ने पहुंचकर एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाया। सीएमएस डॉ. धनज्जय कुमार ने बताया कि इनमें 20 फीसदी पालतू बिल्ली के साथ सियार काटने के मरीज शामिल रहे। दिसंबर माह के आखिरी दिन बुधवार को 50 एंटी रैबिज का इंजेक्शन लगवाने पहुंचे, इससे पूरे माह का आंकड़ा 1161 पहुंच गया। इसमें 70 फीसदी मामले डॉग बाइ्टस के रहे। इसमें 25 फीसदी कुत्तों के बच्चों के पास से गुजरने पर हमला का रहा। ओन्हाइच निवासी अनिता ने बताया कि बीते दिनों वह घर के बाहर एक कुत्ते को बच्चे को देखकर उसे खाना देने गई थी, जहां एक कुत्ते ने उसे घायल कर दिया। वहीं बलिया मोड़ निवासी आर्यन ने बताया कि घर के बाहर निकलते ही एक कुत्ते ने उसके दाएं पैर में काट लिया था।
शिक्षक नेताओं की प्रतिक्रिया
आदेश अव्यवहारिक है। शिक्षकाें के मान सम्मान के प्रति विपरीत है। शिक्षकों से शैक्षणिक कार्य ही लिया जाए।इसको लेकर शिक्षकों में आक्रोश भी व्याप्त है।
-डॉ. रामबिलास भारती, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ
आदेश शिक्षकों को स्वीकार नहीं है। गैर शैक्षणिक कार्य से शिक्षकों को मुक्त किया जाए। यह आदेश बेहद हास्यापद है। -कृष्णानंद राय, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ
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सर्दी में लगातार कुत्ते काटने का ग्राफ बढ़ रहा है। दिसंबर माह में 1161 लोग केवल जिला अस्पताल में पहुंचे, जबकि बीते नवंबर महीने में यह आंकड़ा 881 मरीजों का था।
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बीएसए संतोष उपाध्याय ने बताया कि परिषदीय विद्यालयाें के बच्चों को कुत्तों से बचाव के लिए शासन से आदेश है। किसी छात्र-छात्रा को कुत्ता काटने की स्थिति में उनके उपचार के लिए नोडल शिक्षक घायल को जिला अस्पताल में एंटी रैबिज इंजेक्शन लगवाएंगे और उनका उपचार कराएंगे।
इस संबंध में मंगलवार को शहरी क्षेत्र के 42 शिक्षकों की सूची सोशल मीडिया पर वायरल होने से चर्चा तेज हो गई। नसबंदी के बारे में पशु पालन विभाग के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके गिरि ने बताया कि अवारा कुत्तों को पकड़ने की जिम्मेदारी निकाय, ग्राम पंचायत और जिला पंचायत की है।
कुत्तों को पकड़कर पशु अस्पताल लाए जाने पर नसबंदी कराई जाएगी। आवारा कुत्तों की नसबंदी के बारे में कहा कि कुछ दिन पहले ही कार्यभार संभाला है वह स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कह सकते हैं।
नगर पालिका ईओ दिनेश कुमार ने कहा कि नसबंदी अभियान नहीं चलाया गया है। नगर पालिका द्वारा आवारा कुत्तों के लिए सेल्टर रुम बनाने के लिए जमीन चिह्नित की जा रही है। इसके बाद प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
एक महीने में बढ़ गईं कुत्ते काटने की घटनाएं
जिला अस्पताल के आंकड़ों को देखें तो यहां बीते नवंबर माह में 881 लोगों ने पहुंचकर एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाया। सीएमएस डॉ. धनज्जय कुमार ने बताया कि इनमें 20 फीसदी पालतू बिल्ली के साथ सियार काटने के मरीज शामिल रहे। दिसंबर माह के आखिरी दिन बुधवार को 50 एंटी रैबिज का इंजेक्शन लगवाने पहुंचे, इससे पूरे माह का आंकड़ा 1161 पहुंच गया। इसमें 70 फीसदी मामले डॉग बाइ्टस के रहे। इसमें 25 फीसदी कुत्तों के बच्चों के पास से गुजरने पर हमला का रहा। ओन्हाइच निवासी अनिता ने बताया कि बीते दिनों वह घर के बाहर एक कुत्ते को बच्चे को देखकर उसे खाना देने गई थी, जहां एक कुत्ते ने उसे घायल कर दिया। वहीं बलिया मोड़ निवासी आर्यन ने बताया कि घर के बाहर निकलते ही एक कुत्ते ने उसके दाएं पैर में काट लिया था।
शिक्षक नेताओं की प्रतिक्रिया
आदेश अव्यवहारिक है। शिक्षकाें के मान सम्मान के प्रति विपरीत है। शिक्षकों से शैक्षणिक कार्य ही लिया जाए।इसको लेकर शिक्षकों में आक्रोश भी व्याप्त है।
-डॉ. रामबिलास भारती, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ
आदेश शिक्षकों को स्वीकार नहीं है। गैर शैक्षणिक कार्य से शिक्षकों को मुक्त किया जाए। यह आदेश बेहद हास्यापद है। -कृष्णानंद राय, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ
