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Mau News: एक हैंडपंप के सहारे नवीन उपमंडी स्थल, किसान-व्यापारी परेशान
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नगर के ख्वाजहांपुर स्थित नवीन उपमंडी स्थल में लगा वाटर सप्लाई से गायब टोटी।।संवाद
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नगर के ख्वाजांपुर स्थित नवीन उपमंडी स्थल में गर्मी के बीच किसानों, ग्राहकों और दुकानदारों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पूरे परिसर में सिर्फ एक हैंडपंप के सहारे व्यवस्था चल रही है, जबकि वाटर सप्लाई की टोंटी भी लंबे समय से गायब है। यूरिनल और शौचालय भी बदहाल हैं, जिससे महिला किसानों और वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी होती है।
उपमंडी में फल और सब्जी की लगभग 100 दुकानें हैं तथा शेड में प्रतिदिन करीब 200 किसान पहुंचते हैं। यहां वे अपने फल और सब्जियां फुटकर व्यापारियों और ग्राहकों को बेचते हैं। मंडी समिति द्वारा इन दुकानों से किराया लिया जाता है, लेकिन सुविधा के नाम पर पीने का पानी और शौचालय जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं।
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पूरे मंडी परिसर में केवल एक इंडिया मार्का हैंडपंप कार्यरत है, जबकि एक अन्य हैंडपंप खराब पड़ा है। वाटर सप्लाई की टोंटी भी गायब है, जिसके चलते दुकानदारों को बाहर से पानी के जार खरीदने पड़ते हैं।
शौचालय और यूरिनल की खराब स्थिति के कारण ट्रक चालकों, महिला किसानों और दुकानदारों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शासन के दावों के विपरीत धरातल पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
प्रतिक्रिया-- -
मंडी परिसर में पीने के पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। चिलचिलाती धूप और गर्मी में व्यापारियों और दूर-दराज से आने वाले किसानों को पानी के लिए बाहर जाना पड़ता है या महंगे दामों पर खरीदना पड़ता है। -मोती पांडेय, दुकानदार
परिसर में लगा इंडिया मार्का हैंडपंप खराब है और वाटर सप्लाई की टोंटी लंबे समय से टूटी हुई है। इसे ठीक कराने की कोई पहल नहीं हुई है।
जहांगीर, दुकानदार
दुकानदार सरकार को कर देते हैं, लेकिन बदले में उन्हें न्यूनतम सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। गंदगी के कारण शौचालय और यूरिनल बदहाल हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
संतोष गुप्ता, ग्राहक
तत्काल पेयजल व्यवस्था बहाल की जाए और शौचालयों की मरम्मत कर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि महिलाओं और ट्रक चालकों को परेशानी न हो।
दयाशंकर गुप्ता, दुकानदार
कोट-- --
हमारे यहां कई स्थानों पर पानी सप्लाई की व्यवस्था है, लेकिन कुछ स्थानों पर टोटी खराब है। इसके लिए निर्माण विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही मरम्मत कराई जाएगी। शौचालय और यूरिनल की सफाई कराकर उन्हें दुरुस्त किया जाएगा।
-अमित गुप्ता, मंडी सचिव
पूरे परिसर में सिर्फ एक हैंडपंप के सहारे व्यवस्था चल रही है, जबकि वाटर सप्लाई की टोंटी भी लंबे समय से गायब है। यूरिनल और शौचालय भी बदहाल हैं, जिससे महिला किसानों और वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी होती है।
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उपमंडी में फल और सब्जी की लगभग 100 दुकानें हैं तथा शेड में प्रतिदिन करीब 200 किसान पहुंचते हैं। यहां वे अपने फल और सब्जियां फुटकर व्यापारियों और ग्राहकों को बेचते हैं। मंडी समिति द्वारा इन दुकानों से किराया लिया जाता है, लेकिन सुविधा के नाम पर पीने का पानी और शौचालय जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं।
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पूरे मंडी परिसर में केवल एक इंडिया मार्का हैंडपंप कार्यरत है, जबकि एक अन्य हैंडपंप खराब पड़ा है। वाटर सप्लाई की टोंटी भी गायब है, जिसके चलते दुकानदारों को बाहर से पानी के जार खरीदने पड़ते हैं।
शौचालय और यूरिनल की खराब स्थिति के कारण ट्रक चालकों, महिला किसानों और दुकानदारों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शासन के दावों के विपरीत धरातल पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
प्रतिक्रिया
मंडी परिसर में पीने के पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। चिलचिलाती धूप और गर्मी में व्यापारियों और दूर-दराज से आने वाले किसानों को पानी के लिए बाहर जाना पड़ता है या महंगे दामों पर खरीदना पड़ता है। -मोती पांडेय, दुकानदार
परिसर में लगा इंडिया मार्का हैंडपंप खराब है और वाटर सप्लाई की टोंटी लंबे समय से टूटी हुई है। इसे ठीक कराने की कोई पहल नहीं हुई है।
जहांगीर, दुकानदार
दुकानदार सरकार को कर देते हैं, लेकिन बदले में उन्हें न्यूनतम सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। गंदगी के कारण शौचालय और यूरिनल बदहाल हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
संतोष गुप्ता, ग्राहक
तत्काल पेयजल व्यवस्था बहाल की जाए और शौचालयों की मरम्मत कर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि महिलाओं और ट्रक चालकों को परेशानी न हो।
दयाशंकर गुप्ता, दुकानदार
कोट
हमारे यहां कई स्थानों पर पानी सप्लाई की व्यवस्था है, लेकिन कुछ स्थानों पर टोटी खराब है। इसके लिए निर्माण विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही मरम्मत कराई जाएगी। शौचालय और यूरिनल की सफाई कराकर उन्हें दुरुस्त किया जाएगा।
-अमित गुप्ता, मंडी सचिव