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Mau News: विधानसभा और पंचायत की सूची में अब 3.47 लाख मतदाताओं का अंतर, 13,688 नाम काटे गए
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एसआईआर और मतदाता मैपिंग का कार्य पूरा होने के बाद विधानसभा तथा पंचायत एवं नगरीय निकाय की मतदाता सूचियों में 3 लाख 47 हजार 870 मतदाताओं का अंतर बना हुआ है। ग्राम पंचायतों में सत्यापन के बाद 13,688 नाम काटे गए।
विधानसभा सूची में ग्राम पंचायत और नगर निकाय क्षेत्र के मतदाता शामिल होते हैं। इसके बावजूद इतना बड़ा अंतर एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा कर रहा है।
645 ग्राम पंचायतों में तीसरी बार डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन कराया गया है। इसके बाद 10 जून को पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने लगातार तीसरी बार ग्राम पंचायतों की मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया में संशोधन कराया है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने अप्रैल माह में अंतिम मतदाता सूची में 5 लाख 512 संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं को चिह्नित कर उनकी सूची भेजी थी तथा सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे। एसआईआर के बाद विधानसभा की मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या 15 लाख 15 हजार 810 है।
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वहीं, 645 ग्राम पंचायतों में 13 लाख 57 हजार 172 तथा 11 नगर निकायों की मतदाता सूची में 5 लाख 20 हजार 226 मतदाता दर्ज हैं। ग्राम पंचायतों में सत्यापन के बाद 13,688 मतदाता डुप्लीकेट पाए गए, जिनके नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
इसके बावजूद विधानसभा सूची की तुलना में पंचायत एवं नगरीय निकाय की सूची में 3 लाख 47 हजार 870 मतदाता अधिक हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ग्राम पंचायतों में तीन बार डुप्लीकेट मतदाताओं की मैपिंग कराई गई, जबकि शहरी क्षेत्र में यह प्रक्रिया एक बार भी नहीं कराई गई।
गांवों के अनेक लोग शहरी क्षेत्रों में मकान बनवाकर रहने लगे हैं और उनके नाम दोनों स्थानों की मतदाता सूचियों में दर्ज हैं। विधानसभा स्तर पर हुए सत्यापन में ऐसे मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, लेकिन पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में अब भी वे दोनों स्थानों पर दर्ज हैं, जिससे संख्या बढ़ रही है।
इनसेट-- -- -- --
तीन बार बढ़ाई गई अंतिम सूची प्रकाशन की तिथि
पंचायतों में पहली बार अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद 645 ग्राम पंचायतों में 13 लाख 29 हजार 620 मतदाता मिले थे। इस पर आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया चल रही थी। इसी बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं को चिह्नित कर उनका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। इसके चलते अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दी गई थी।
अप्रैल के प्रथम सप्ताह में सत्यापन पूरा किया गया। इस दौरान जिले में 60 हजार 895 मतदाता डुप्लीकेट पाए गए, जिन्हें सूची से हटा दिया गया। इसके बाद अंतिम सूची के प्रकाशन की तिथि 15 अप्रैल से बढ़ाकर 22 अप्रैल कर दी गई। इसी बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने 13 लाख 57 हजार 172 मतदाताओं में से 5 लाख 512 संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची निर्वाचन कार्यालय को भेजकर पुनः सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे।
81 मतदाताओं के नाम दो जगह दर्ज होने के लगे थे आरोप
रानीपुर ब्लॉक क्षेत्र की मनाजीत ग्राम पंचायत निवासी ओमप्रकाश यादव, मुन्नू यादव, विपिन और चंचल आदि ने 29 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी को पत्रक देकर आरोप लगाया था कि 81 मतदाताओं के नाम चिरैयाकोट नगर पंचायत और मनाजीत ग्राम पंचायत, दोनों स्थानों की मतदाता सूची में दर्ज हैं।
उन्होंने बताया था कि इनमें से पांच मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, जबकि एक महिला विवाह के बाद कहीं और जा चुकी है। दो महिलाएं ऐसी हैं, जो चिरैयाकोट नगर पंचायत का चुनाव लड़ चुकी हैं। इसके बावजूद उन्होंने मनाजीत ग्राम पंचायत चुनाव में भी मतदान किया है।
पत्रक में कहा गया था कि वर्ष 2017 और 2022 के निकाय चुनाव में ये लोग चिरैयाकोट नगर पंचायत में मतदान कर चुके हैं, जबकि वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में मनाजीत ग्राम पंचायत में मतदान किया था। इसके बाद भी उनके नाम दोनों सूचियों में दर्ज हैं।
कोट-- -
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर तीसरी बार ग्राम पंचायतों में डुप्लीकेट मतदाताओं की मैपिंग कराई गई है। इस बार 13,688 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। 10 जून को मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। -होरीलाल यादव, सहायक निर्वाचन अधिकारी, पंचायत
विधानसभा सूची में ग्राम पंचायत और नगर निकाय क्षेत्र के मतदाता शामिल होते हैं। इसके बावजूद इतना बड़ा अंतर एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा कर रहा है।
645 ग्राम पंचायतों में तीसरी बार डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन कराया गया है। इसके बाद 10 जून को पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने लगातार तीसरी बार ग्राम पंचायतों की मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया में संशोधन कराया है।
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राज्य निर्वाचन आयोग ने अप्रैल माह में अंतिम मतदाता सूची में 5 लाख 512 संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं को चिह्नित कर उनकी सूची भेजी थी तथा सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे। एसआईआर के बाद विधानसभा की मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या 15 लाख 15 हजार 810 है।
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वहीं, 645 ग्राम पंचायतों में 13 लाख 57 हजार 172 तथा 11 नगर निकायों की मतदाता सूची में 5 लाख 20 हजार 226 मतदाता दर्ज हैं। ग्राम पंचायतों में सत्यापन के बाद 13,688 मतदाता डुप्लीकेट पाए गए, जिनके नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
इसके बावजूद विधानसभा सूची की तुलना में पंचायत एवं नगरीय निकाय की सूची में 3 लाख 47 हजार 870 मतदाता अधिक हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ग्राम पंचायतों में तीन बार डुप्लीकेट मतदाताओं की मैपिंग कराई गई, जबकि शहरी क्षेत्र में यह प्रक्रिया एक बार भी नहीं कराई गई।
गांवों के अनेक लोग शहरी क्षेत्रों में मकान बनवाकर रहने लगे हैं और उनके नाम दोनों स्थानों की मतदाता सूचियों में दर्ज हैं। विधानसभा स्तर पर हुए सत्यापन में ऐसे मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, लेकिन पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में अब भी वे दोनों स्थानों पर दर्ज हैं, जिससे संख्या बढ़ रही है।
इनसेट
तीन बार बढ़ाई गई अंतिम सूची प्रकाशन की तिथि
पंचायतों में पहली बार अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद 645 ग्राम पंचायतों में 13 लाख 29 हजार 620 मतदाता मिले थे। इस पर आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया चल रही थी। इसी बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं को चिह्नित कर उनका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। इसके चलते अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दी गई थी।
अप्रैल के प्रथम सप्ताह में सत्यापन पूरा किया गया। इस दौरान जिले में 60 हजार 895 मतदाता डुप्लीकेट पाए गए, जिन्हें सूची से हटा दिया गया। इसके बाद अंतिम सूची के प्रकाशन की तिथि 15 अप्रैल से बढ़ाकर 22 अप्रैल कर दी गई। इसी बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने 13 लाख 57 हजार 172 मतदाताओं में से 5 लाख 512 संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची निर्वाचन कार्यालय को भेजकर पुनः सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे।
81 मतदाताओं के नाम दो जगह दर्ज होने के लगे थे आरोप
रानीपुर ब्लॉक क्षेत्र की मनाजीत ग्राम पंचायत निवासी ओमप्रकाश यादव, मुन्नू यादव, विपिन और चंचल आदि ने 29 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी को पत्रक देकर आरोप लगाया था कि 81 मतदाताओं के नाम चिरैयाकोट नगर पंचायत और मनाजीत ग्राम पंचायत, दोनों स्थानों की मतदाता सूची में दर्ज हैं।
उन्होंने बताया था कि इनमें से पांच मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, जबकि एक महिला विवाह के बाद कहीं और जा चुकी है। दो महिलाएं ऐसी हैं, जो चिरैयाकोट नगर पंचायत का चुनाव लड़ चुकी हैं। इसके बावजूद उन्होंने मनाजीत ग्राम पंचायत चुनाव में भी मतदान किया है।
पत्रक में कहा गया था कि वर्ष 2017 और 2022 के निकाय चुनाव में ये लोग चिरैयाकोट नगर पंचायत में मतदान कर चुके हैं, जबकि वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में मनाजीत ग्राम पंचायत में मतदान किया था। इसके बाद भी उनके नाम दोनों सूचियों में दर्ज हैं।
कोट
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर तीसरी बार ग्राम पंचायतों में डुप्लीकेट मतदाताओं की मैपिंग कराई गई है। इस बार 13,688 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। 10 जून को मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। -होरीलाल यादव, सहायक निर्वाचन अधिकारी, पंचायत