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नई किस्म के बीज से होगी अधिक पैदावार : डॉ. अन्नामलै
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परदहां ब्लॉक क्षेत्र के कुशमौर स्थित राष्ट्रीय बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में पांच दिवसीय कृषक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। संकर मक्का बीज उत्पादन तकनीक’ पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक डॉ. अन्नामलै आनंदन ने किया।
इस अवसर पर वैज्ञानिकों ने गोपालगंज बिहार से 40 किसानों को आधुनिक वैज्ञानिक तरीके से बीज उत्पादन का गुर सिखाया। इस अवसर पर निदेशक डॉ. अन्नामलै आनंदन ने कहा कि पुरानी किस्मों की अपेक्षा पांच वर्ष के भीतर की नई किस्मों के बीज से फसलों की पैदावार अधिक प्राप्त की जा सकती है।
नई तकनीकों को सीख कर उसे अपनी खेती में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के समन्वयक प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अंजनी कुमार सिंह ने किसानों को क्षेत्रीय स्तर पर जागरूक रहने पर जोर दिया। साथ ही अनाज उत्पादन के साथ बीज उत्पादन करने का सुझाव दिया।
कार्यक्रम के सह समन्वयक वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वेद प्रकाश राय, डॉ. पवित्रा ने किसानों को सीखते रहने के लिए प्रेरित किया। समारोह में प्रतिभागी किसानों ने अपना संक्षिप्त परिचय देते हुए बताया कि सीतामढ़ी, बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आता है।
किसान वहां मुख्यतः मक्का, धान, गेहूं, सरसों और सब्जी आदि की खेती करते हैं। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कल्याणराव ने न्यूनतम बीज परीक्षण के लिए जरूरी बीजों के भौतिक शुद्धता, अंकुरण, नमी और बीज पर किसानों के साथ चर्चा की। उन्होंने बीज प्रयोगशाला में इस विषय पर व्यावहारिक सत्र भी आयोजित किया।
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इस अवसर पर वैज्ञानिकों ने गोपालगंज बिहार से 40 किसानों को आधुनिक वैज्ञानिक तरीके से बीज उत्पादन का गुर सिखाया। इस अवसर पर निदेशक डॉ. अन्नामलै आनंदन ने कहा कि पुरानी किस्मों की अपेक्षा पांच वर्ष के भीतर की नई किस्मों के बीज से फसलों की पैदावार अधिक प्राप्त की जा सकती है।
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नई तकनीकों को सीख कर उसे अपनी खेती में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के समन्वयक प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अंजनी कुमार सिंह ने किसानों को क्षेत्रीय स्तर पर जागरूक रहने पर जोर दिया। साथ ही अनाज उत्पादन के साथ बीज उत्पादन करने का सुझाव दिया।
कार्यक्रम के सह समन्वयक वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वेद प्रकाश राय, डॉ. पवित्रा ने किसानों को सीखते रहने के लिए प्रेरित किया। समारोह में प्रतिभागी किसानों ने अपना संक्षिप्त परिचय देते हुए बताया कि सीतामढ़ी, बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आता है।
किसान वहां मुख्यतः मक्का, धान, गेहूं, सरसों और सब्जी आदि की खेती करते हैं। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कल्याणराव ने न्यूनतम बीज परीक्षण के लिए जरूरी बीजों के भौतिक शुद्धता, अंकुरण, नमी और बीज पर किसानों के साथ चर्चा की। उन्होंने बीज प्रयोगशाला में इस विषय पर व्यावहारिक सत्र भी आयोजित किया।
