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Mau News: 10 माह में एक करोड़ खर्च फिर भी नहीं बदली मॉडल पंचायत सरवां की सूरत
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परदहां ब्लॉक की माॅडल ग्राम पंचायत सरवां में इस वित्तीय वर्ष में सभी मदों से 1.04 करोड़ रुपये मिले। दस माह में 1 करोड़ से ज्यादा पैसे खर्च कर दिए गए। सिर्फ 9,850 रुपये बचे हैं लेकिन गांव की सूरत नहीं बदली। बीते वित्तीय वर्षों में कराए गए काम भी प्रधान नहीं सहेज पाए हैं। हर साल सबसे अधिक 15वां वित्त आयोग से बजट मिला है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है दर्शाई गई धनराशि की तुलना में काम नहीं कराए गए हैं। आरआरसी का कभी संचालन नहीं हुआ। डस्टबीन भी टूट गए हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में करीब 30 लाख रुपये की लागत से आरआरसी का निर्माण हुआ था, जो देखरेख के अभाव में क्षतिग्रस्त हो गया है। आरआरसी की दीवारें टूट चुकी हैं, शौचालय और कार्यालय में ईंटे बिखरी हैं। हैंडपंप का ऊपरी हिस्सा भी गायब हो गया है। अमृत सरोवर बदहाल है। गांव के अंदर कई मोहल्लों के रास्ते बदहाल है। एक मोहल्ले में दो से तीन लाइटें दिख रही हैं। दो साल पहले कंपोस्ट खाद बनाने के लिए घर घर टंकी बनवाई गई, जिसका कोई उपयोग नहीं है। जबकि यहां समूह की महिलाओं द्वारा प्रशिक्षण देकर जैविक खाद बनवाना है। इसके अलावा लाखों रुपये की लागत से बना गोबर गैस प्लांट से भी उत्पादन नहीं होता है। प्लांट चालू होने से रसोई के लिए कम लागत में गैस और समूह की महिलाओं को रोजगार मिल सकता है, लेकिन वो भी अनुपयोगी साबित हो रहा है। जलनिकासी की के लिए नई नालियों का निर्माण भी नहीं दिखा। जनवरी 2024 में परदहां ब्लॉक की सरवां ग्राम पंचायत मॉडल घोषित हुई थी।
- कुमार अमरेंद्र
डीपीआरओ, मऊ ने बताया कि बिना काम कराए धनराशि का भुगतान होना संभव नहीं है। यदि खर्च की तुलना में काम नहीं कराए गए हैं, तो जांच कराई जाएगी। सरकारी धनराशि खर्च करने का पूरा ब्योरा मांगा जाएगा।
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डीपीआरओ, मऊ ने बताया कि बिना काम कराए धनराशि का भुगतान होना संभव नहीं है। यदि खर्च की तुलना में काम नहीं कराए गए हैं, तो जांच कराई जाएगी। सरकारी धनराशि खर्च करने का पूरा ब्योरा मांगा जाएगा।
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