{"_id":"6a6ce69312356a82a90bc63a","slug":"out-of-52-government-hospitals-seven-have-digital-x-ray-machines-two-are-out-of-order-three-have-become-mere-showpieces-and-the-reports-from-the-old-machines-fail-to-show-bones-clearly-mau-news-c-295-1-mau1001-149506-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: 52 सरकारी अस्पतालों में से सात डिजिटल एक्सरे मशीनें, दो खराब, तीन बनीं शोपीस, पुरानी मशीनों की रिपोर्ट में हड्डियां नहीं दिखतीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: 52 सरकारी अस्पतालों में से सात डिजिटल एक्सरे मशीनें, दो खराब, तीन बनीं शोपीस, पुरानी मशीनों की रिपोर्ट में हड्डियां नहीं दिखतीं
विज्ञापन
जिला अस्पताल में बंद पड़ा डिजिटल एक्सरे मशीन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
25 लाख की आबादी वाले जिले में बेहतर चिकित्सीय सुविधा को लेकर तीन 100 बेड के अस्पताल, 30 बेड के 10 अस्पताल और पांच बेड के 40 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की सुविधा है। इसमें एक्सरे जांच की सुविधा केवल जिला अस्पताल और छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है।
जिला अस्पताल में जहां यह चार दिन से खराब पड़ी है, वहीं मुहम्मदाबाद गोहना में यह दो माह से इंस्टॉल होने की राह देख रही है। वर्तमान में फतेहपुर मंडाव और बड़राव सीएचसी में ही डिजिटल एक्सरे से जांच हो रही है।
उधर, अन्य जगहों पर जहां एक्सरे मशीन इंस्टॉल है, वह एक दशक से अधिक समय से पुरानी है। ऐसे में यह एक्सरे कम और धुंधली रिपोर्ट ज्यादा दे रही हैं। रिपोर्ट में हड्डी स्पष्ट दिखाई नहीं देती।
विज्ञापन
टीम ने शुक्रवार को जिला अस्पताल, मुहम्मदाबाद गोहना, दोहरीघाट, घोसी और फतेहपुर मंडाव, बड़राव सीएचसी पर डिजिटल एक्सरे मशीनों की स्थिति का जायजा लिया। फतेहपुर मंडाव सीएचसी पर डिजिटल एक्सरे मशीन मिली। यहां 20 मरीजों की जांच की गई थी।
जिला अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि यहां की डिजिटल एक्सरे मशीन खराब है। बताया गया कि यह मशीन काफी लंबे समय से खराब है। ऐसे में यहां आने वाले 50 से 60 मरीजों की जांच पुराने एक्सरे मशीन से हो रही है, जो काफी पुरानी है।
बड़राव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक साल पहले उपलब्ध कराई गई डिजिटल एक्सरे मशीन चार महीने पहले सीएचसी में स्थापित की गई। एक्सरे टेक्नीशियन दीनानाथ राजभर के अनुसार, प्रतिदिन क्षेत्र से आने वाले लगभग 10 से 15 मरीजों का डिजिटल एक्सरे किया जा रहा है।
वहीं, घोसी में डिजिटल मशीन आई है, लेकिन कमरे के अभाव में स्थापित नहीं हो सकी है। ऐसे में पुराने एक्सरे मशीन से किसी-किसी दिन पांच तो किसी दिन 10 एक्सरे हो जाते हैं।
वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोहरीघाट में डिजिटल एक्सरे मशीन 6 अप्रैल 2021 को स्थापित हुई थी। 10 दिन से कंप्यूटर में गड़बड़ी होने से एक्सरे नहीं हो रहा है।
मुहम्मदाबाद गोहना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पिछले तीन महीने से नई डिजिटल एक्सरे मशीन रखी गई है। इसका ओटीपी और इंस्टॉलेशन न होने से अभी शुरू नहीं की गई है। पुरानी मशीन से एक्सरे किया जा रहा है। रोजाना 10 से 12 एक्सरे होते मिले।
-- -- -- -- -- -- --
बारह बजे तक बंद रहा एक्सरे रूम
रतनपुरा। रतनपुरा सीएचसी में मैनुअल एक्सरे मशीन है, लेकिन इसकी रिपोर्ट स्पष्ट नहीं आती। एक्सरे फिल्म की तस्वीर साफ नहीं होती। ऐसे में मरीजों को निजी लैब का सहारा लेना पड़ता है। यह हाईवे स्थित सीएचसी है, जहां रोजाना ओपीडी के अलावा दो-चार दुर्घटना के मरीज भी पहुंचते हैं। जब टीम पहुंची तो यहां दोपहर 12 बजे तक यह केंद्र बंद मिला।
-- -- -- --
इन बीमारियों में पड़ती है एक्सरे की जरूरत
हड्डी फ्रैक्चर, चोट, जोड़ों में गैप, हड्डी में क्रैक, छाती और फेफड़ों की बीमारी, टीबी, अस्थमा, फेफड़ों में पानी, पेट की समस्या, आंत में ब्लॉकेज, सर्वाइकल, स्लिप डिस्क, अर्थराइटिस, कमर दर्द तथा जबड़े से जुड़ी समस्याओं में एक्सरे की जरूरत पड़ती है।
-- -- -- -- -- -- -- -
प्रतिक्रिया--
मैं बीते तीन दिन से एक्सरे कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहा हूं। ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने एक्सरे कराने के लिए कहा, लेकिन डिजिटल एक्सरे खराब होने पर बाद में आने को कहा गया। -कौशल श्रीवास्तव, सरवा
मैं घर के एक सदस्य, जिसके हाथ में सूजन और दर्द है, उसकी दवा लेने आया था। डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने एक्सरे कराने की सलाह दी। लेकिन एक्सरे खराब होने पर ठीक होने पर आने को कहा गया। -मनोज चौहान, पहसा
कोट
डिजिटल एक्सरे चार दिन से खराब है। शासन को छह लाख रुपये बजट की मांग की गई है। -धनंजय कुमार, सीएमएस जिला अस्पताल
खराब डिजिटल एक्सरे के बारे में जानकारी मांगी गई है। जहां इंस्टॉल नहीं हो सका है, इस संबंध में संबंधित सीएचसी प्रभारियों से जवाब मांगा गया है। -डॉ. पंकज, सीएमओ
विज्ञापन
जिला अस्पताल में जहां यह चार दिन से खराब पड़ी है, वहीं मुहम्मदाबाद गोहना में यह दो माह से इंस्टॉल होने की राह देख रही है। वर्तमान में फतेहपुर मंडाव और बड़राव सीएचसी में ही डिजिटल एक्सरे से जांच हो रही है।
विज्ञापन
उधर, अन्य जगहों पर जहां एक्सरे मशीन इंस्टॉल है, वह एक दशक से अधिक समय से पुरानी है। ऐसे में यह एक्सरे कम और धुंधली रिपोर्ट ज्यादा दे रही हैं। रिपोर्ट में हड्डी स्पष्ट दिखाई नहीं देती।
विज्ञापन
टीम ने शुक्रवार को जिला अस्पताल, मुहम्मदाबाद गोहना, दोहरीघाट, घोसी और फतेहपुर मंडाव, बड़राव सीएचसी पर डिजिटल एक्सरे मशीनों की स्थिति का जायजा लिया। फतेहपुर मंडाव सीएचसी पर डिजिटल एक्सरे मशीन मिली। यहां 20 मरीजों की जांच की गई थी।
जिला अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि यहां की डिजिटल एक्सरे मशीन खराब है। बताया गया कि यह मशीन काफी लंबे समय से खराब है। ऐसे में यहां आने वाले 50 से 60 मरीजों की जांच पुराने एक्सरे मशीन से हो रही है, जो काफी पुरानी है।
बड़राव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक साल पहले उपलब्ध कराई गई डिजिटल एक्सरे मशीन चार महीने पहले सीएचसी में स्थापित की गई। एक्सरे टेक्नीशियन दीनानाथ राजभर के अनुसार, प्रतिदिन क्षेत्र से आने वाले लगभग 10 से 15 मरीजों का डिजिटल एक्सरे किया जा रहा है।
वहीं, घोसी में डिजिटल मशीन आई है, लेकिन कमरे के अभाव में स्थापित नहीं हो सकी है। ऐसे में पुराने एक्सरे मशीन से किसी-किसी दिन पांच तो किसी दिन 10 एक्सरे हो जाते हैं।
वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोहरीघाट में डिजिटल एक्सरे मशीन 6 अप्रैल 2021 को स्थापित हुई थी। 10 दिन से कंप्यूटर में गड़बड़ी होने से एक्सरे नहीं हो रहा है।
मुहम्मदाबाद गोहना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पिछले तीन महीने से नई डिजिटल एक्सरे मशीन रखी गई है। इसका ओटीपी और इंस्टॉलेशन न होने से अभी शुरू नहीं की गई है। पुरानी मशीन से एक्सरे किया जा रहा है। रोजाना 10 से 12 एक्सरे होते मिले।
बारह बजे तक बंद रहा एक्सरे रूम
रतनपुरा। रतनपुरा सीएचसी में मैनुअल एक्सरे मशीन है, लेकिन इसकी रिपोर्ट स्पष्ट नहीं आती। एक्सरे फिल्म की तस्वीर साफ नहीं होती। ऐसे में मरीजों को निजी लैब का सहारा लेना पड़ता है। यह हाईवे स्थित सीएचसी है, जहां रोजाना ओपीडी के अलावा दो-चार दुर्घटना के मरीज भी पहुंचते हैं। जब टीम पहुंची तो यहां दोपहर 12 बजे तक यह केंद्र बंद मिला।
इन बीमारियों में पड़ती है एक्सरे की जरूरत
हड्डी फ्रैक्चर, चोट, जोड़ों में गैप, हड्डी में क्रैक, छाती और फेफड़ों की बीमारी, टीबी, अस्थमा, फेफड़ों में पानी, पेट की समस्या, आंत में ब्लॉकेज, सर्वाइकल, स्लिप डिस्क, अर्थराइटिस, कमर दर्द तथा जबड़े से जुड़ी समस्याओं में एक्सरे की जरूरत पड़ती है।
प्रतिक्रिया
मैं बीते तीन दिन से एक्सरे कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहा हूं। ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने एक्सरे कराने के लिए कहा, लेकिन डिजिटल एक्सरे खराब होने पर बाद में आने को कहा गया। -कौशल श्रीवास्तव, सरवा
मैं घर के एक सदस्य, जिसके हाथ में सूजन और दर्द है, उसकी दवा लेने आया था। डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने एक्सरे कराने की सलाह दी। लेकिन एक्सरे खराब होने पर ठीक होने पर आने को कहा गया। -मनोज चौहान, पहसा
कोट
डिजिटल एक्सरे चार दिन से खराब है। शासन को छह लाख रुपये बजट की मांग की गई है। -धनंजय कुमार, सीएमएस जिला अस्पताल
खराब डिजिटल एक्सरे के बारे में जानकारी मांगी गई है। जहां इंस्टॉल नहीं हो सका है, इस संबंध में संबंधित सीएचसी प्रभारियों से जवाब मांगा गया है। -डॉ. पंकज, सीएमओ