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Mau News: राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त चल रहे प्रधानाचार्य के पद
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जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की ही कमी नहीं है, बल्कि प्रधानाचार्यों की कमी भी शिक्षा व्यवस्था पर भारी पड़ रही है। जिले में 11 राजकीय माध्यमिक विद्यालय ऐसे हैं, जहां नियमित प्रधानाचार्य नहीं हैं।
इन विद्यालयों की पूरी व्यवस्था वरिष्ठ प्रवक्ताओं के भरोसे चल रही है। इससे न केवल प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि शैक्षणिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है।
जिले में 17 राजकीय माध्यमिक विद्यालय हैं। शिक्षा सत्र का चौथा माह चल रहा है, लेकिन जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के पद रिक्त रहने के साथ ही प्रधानाचार्यों के पद भी रिक्त चल रहे हैं।
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विद्यालयों में प्रधानाचार्यों के रिक्त पदों पर नजर डाली जाए तो राजकीय उमा विद्यालय सुतरही, राजकीय माध्यमिक विद्यालय रकौली, राजकीय उमा विद्यालय देवदह, राजकीय उमा विद्यालय गाढ़ा, राजकीय उमा विद्यालय अइलख, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज नगर, पं. दीनदयाल राजकीय माध्यमिक इंटर कॉलेज देवरिया बड़ी, राजकीय उमा विद्यालय जमदरा, राजकीय उमा विद्यालय बेला कसैला, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बड़रांव सहित 11 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में तीन वर्ष से अधिक समय से प्रधानाचार्यों के पद रिक्त चल रहे हैं।
प्रधानाचार्य के अभाव में प्रभारी प्रधानाचार्य के भरोसे विद्यालय संचालित हो रहे हैं। प्रधानाचार्य के अभाव में इन विद्यालयों में तैनात वरिष्ठ प्रवक्ताओं को प्रभारी बनाकर प्रशासनिक और शैक्षणिक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
एक ही अधिकारी पर दोहरी जिम्मेदारी होने से विद्यालयों के संचालन, शैक्षणिक अनुश्रवण और अन्य प्रशासनिक कार्यों पर प्रभाव पड़ रहा है।
इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद का कहना है कि जिन विद्यालयों में प्रधानाचार्य नहीं हैं, वहां प्रभारी बनाकर कार्य कराया जा रहा है। छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापरक शिक्षा दी जा रही है। शासन स्तर से नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है।
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इन विद्यालयों की पूरी व्यवस्था वरिष्ठ प्रवक्ताओं के भरोसे चल रही है। इससे न केवल प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि शैक्षणिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है।
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जिले में 17 राजकीय माध्यमिक विद्यालय हैं। शिक्षा सत्र का चौथा माह चल रहा है, लेकिन जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के पद रिक्त रहने के साथ ही प्रधानाचार्यों के पद भी रिक्त चल रहे हैं।
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विद्यालयों में प्रधानाचार्यों के रिक्त पदों पर नजर डाली जाए तो राजकीय उमा विद्यालय सुतरही, राजकीय माध्यमिक विद्यालय रकौली, राजकीय उमा विद्यालय देवदह, राजकीय उमा विद्यालय गाढ़ा, राजकीय उमा विद्यालय अइलख, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज नगर, पं. दीनदयाल राजकीय माध्यमिक इंटर कॉलेज देवरिया बड़ी, राजकीय उमा विद्यालय जमदरा, राजकीय उमा विद्यालय बेला कसैला, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बड़रांव सहित 11 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में तीन वर्ष से अधिक समय से प्रधानाचार्यों के पद रिक्त चल रहे हैं।
प्रधानाचार्य के अभाव में प्रभारी प्रधानाचार्य के भरोसे विद्यालय संचालित हो रहे हैं। प्रधानाचार्य के अभाव में इन विद्यालयों में तैनात वरिष्ठ प्रवक्ताओं को प्रभारी बनाकर प्रशासनिक और शैक्षणिक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
एक ही अधिकारी पर दोहरी जिम्मेदारी होने से विद्यालयों के संचालन, शैक्षणिक अनुश्रवण और अन्य प्रशासनिक कार्यों पर प्रभाव पड़ रहा है।
इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद का कहना है कि जिन विद्यालयों में प्रधानाचार्य नहीं हैं, वहां प्रभारी बनाकर कार्य कराया जा रहा है। छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापरक शिक्षा दी जा रही है। शासन स्तर से नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है।