UP: सीता राय की चेतावनी- घर तोड़ने वाले एक बात सुन लें, दिवंगत कल्पनाथ राय और जिले के लिए जान भी दे दूंगी
Mau News: मऊ में भाजपा नेता सीता राय ने कहा कि घर तोड़ने वालों को वह स्पष्ट चेतावनी देना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि दिवंगत कल्पनाथ राय और जिले के लिए वह अपनी जान भी दे देंगी। सीता राय ने कैबिनेट मंत्री एके शर्मा और उनके आसपास के लोगों पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए।
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UP Politics: पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत कल्पनाथ राय की विरासत पर सियासी घमासान तेज हो गया। भाजपा नेता डॉ. सीता राय ने बृहस्पतिवार को सामने आईं और प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कैबिनेट मंत्री एके शर्मा और उनके आसपास रहने वाले कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। डॉ. सीता राय ने कहा कि घर तोड़ने और खुद को विकास पुरुष साबित करने वाले कान खोल कर सुन लें। दिवंगत कल्पनाथ राय और जिले के विकास के नाम पर जान देने से पीछे नहीं हटेंगे।
भाजपा नेता ने आठ अगस्त को कार्यक्रम में मंच पर अपने साथ हुए दुर्व्यवहार पर सवाल उठाया और कहा कि 27 साल तक पार्टी की सेवा की है। अब सार्वजनिक मंच से उपेक्षा की गई। इससे कार्यकर्ताओं और समर्थकों में नाराजगी है। राजनीतिक जीवन में संघर्ष और सेवा को प्राथमिकता दी है।
मंत्री एके शर्मा को राखी बांधती हैं। उनके आमंत्रण पर भरोसा कर पुण्यतिथि कार्यक्रम में पहुंची थी लेकिन अपमानित होना पड़ा। 2002 में सदर विधानसभा क्षेत्र से दिवंगत कल्पनाथ राय के विकास की पहचान के साथ ही माफियावाद के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
डॉ. सीता राय ने सरायसादी में स्थापित दिवंगत कल्पनाथ राय की प्रतिमा की बनावट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रतिमा में कल्पनाथ राय के व्यक्तित्व और वास्तविक स्वरूप की झलक दिखाई देनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जन-जन के सहयोग से वास्तविक प्रतिमा लगवाई जाएगी।
परिवार में विवाद बताकर राजनीति खत्म करने की कोशिश
भाजपा नेता ने कहा कि 2014 में परिवार के कारण टिकट नहीं मिला तो उसके बाद भी चुनाव हुए हैं। परिवार में विवाद का मुद्दा खड़ा कर राजनीतिक विरासत को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। पुण्यतिथि कार्यक्रम में पूर्वांचल के कई जिलों से लोग पहुंचे थे। ऐसे मंच पर विरासत को लेकर विवाद खड़ा करना सोची-समझी राजनीतिक साजिश थी। पीठ में छुरा घोंपने जैसा है।
कण-कण में बसते हैं दिवंगत कल्पनाथ राय
डॉ. सीता राय ने कहा कि कई वर्षों से सेवा और संघर्ष की राजनीति कर रही हैं। दिवंगत कल्पनाथ राय कोई नहीं बन सकता। यहां की जनता के मन और जिले के कण-कण में कल्पनाथ राय बसते हैं। उन्होंने खुद को कल्पनाथ राय की पुत्रवधू बताया और कहा कि विकास पुरुष कल्पनाथ राय और उनकी बहू का सम्मान रहना चाहिए। कल्पनाथ राय की विरासत पर किसी भी तरह की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।