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Mau News: विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के तरीके भी बताए जाएंगे
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संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में अब विद्यार्थियों को उनके पाठ्यक्रम से अलग मानव शरीर की बदलती हुई संरचना का भी ज्ञान दिया जाएगा। स्कूलों में विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के तरीके भी बताएं जाएंगे।
इसके लिए शिक्षा निदेशालय की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है। इसके तहत पहले शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर तैयार किया जाएगा। इसके बाद शिक्षक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। जिले में 17 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त, 436 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में छठवीं से 12वीं कक्षा में लगभग 1.98 लाख छात्र छात्राएं अध्ययनरत हैं।
माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत मनोविज्ञान, जीव-जंतु विज्ञान विषय के शिक्षक विद्यार्थियों को शरीर में बदलती संरचना से लेकर हार्मोन का ज्ञान देंगे। यदि विद्यालय में दोनों विषय में से किसी एक विषय का शिक्षक नहीं है, या पद रिक्त है तो संबंधित विद्यालय के विज्ञान विषय के शिक्षक विद्यार्थियों को स्वास्थ्य की जानकारी देंगे।
योजना के तहत 10 से लेकर 19 वर्ष तक विद्यार्थियों को इसमें शामिल किया जाएगा। शिक्षा निदेशालय की ओर से किशोर शिक्षा कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर पहले शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद ये शिक्षक अपने विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के तरीके बताएंगे।
किशोर शिक्षा कार्यक्रम केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य किशोरों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास के साथ उन्हें सुरक्षित और स्वस्थ जीवन जीने के लिए जागरूक करना है।
इस बाबत जिला समन्वयक समग्र शिक्षा माध्यमिक सीपी श्रीवास्तव का कहना है कि शासन से जारी गाइडलाइन को लेकर जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य को पत्र जारी कर दिया गया है।
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मऊ। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में अब विद्यार्थियों को उनके पाठ्यक्रम से अलग मानव शरीर की बदलती हुई संरचना का भी ज्ञान दिया जाएगा। स्कूलों में विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के तरीके भी बताएं जाएंगे।
इसके लिए शिक्षा निदेशालय की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है। इसके तहत पहले शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर तैयार किया जाएगा। इसके बाद शिक्षक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। जिले में 17 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त, 436 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में छठवीं से 12वीं कक्षा में लगभग 1.98 लाख छात्र छात्राएं अध्ययनरत हैं।
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माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत मनोविज्ञान, जीव-जंतु विज्ञान विषय के शिक्षक विद्यार्थियों को शरीर में बदलती संरचना से लेकर हार्मोन का ज्ञान देंगे। यदि विद्यालय में दोनों विषय में से किसी एक विषय का शिक्षक नहीं है, या पद रिक्त है तो संबंधित विद्यालय के विज्ञान विषय के शिक्षक विद्यार्थियों को स्वास्थ्य की जानकारी देंगे।
योजना के तहत 10 से लेकर 19 वर्ष तक विद्यार्थियों को इसमें शामिल किया जाएगा। शिक्षा निदेशालय की ओर से किशोर शिक्षा कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर पहले शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद ये शिक्षक अपने विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के तरीके बताएंगे।
किशोर शिक्षा कार्यक्रम केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य किशोरों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास के साथ उन्हें सुरक्षित और स्वस्थ जीवन जीने के लिए जागरूक करना है।
इस बाबत जिला समन्वयक समग्र शिक्षा माध्यमिक सीपी श्रीवास्तव का कहना है कि शासन से जारी गाइडलाइन को लेकर जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य को पत्र जारी कर दिया गया है।
