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स्वच्छ भारत मिशन : पुराने कार्यों के भुगतान के लिए मिले नौ करोड़ रुपये
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत दो वर्ष पहले कराए गए कार्यों के भुगतान के लिए शासन से एक माह पहले नौ करोड़ रुपये मिले हैं। अब तक तीन ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों के लिए 85 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
अन्य ग्राम पंचायतों से भी कार्यों का पूरा ब्योरा मांगा गया है। अभिलेख उपलब्ध कराने वाली ग्राम पंचायतों का भुगतान किया जाएगा। सही ब्योरा उपलब्ध न कराने के कारण अक्तूबर 2024 में भुगतान के लिए मिले 18 करोड़ रुपये शासन ने वापस ले लिए थे।
जिले की करीब 56 ग्राम पंचायतों में आरआरसी, फिल्टर चैंबर, सिल्ट कैचर, सोख्ता गड्ढा, खाद गड्ढा और नाली निर्माण के कार्य अभी भी अधूरे हैं, जिन्हें अब पूरा कराया जाएगा।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले की 26 मॉडल ग्राम पंचायतों सहित 645 ग्राम पंचायतों में वर्ष 2023 से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें 352 ग्राम पंचायतों में आरआरसी का निर्माण कराया जा चुका है।
बजट उपलब्ध होने के बावजूद 175 ग्राम पंचायतों में कार्य नहीं कराए गए। पहले चरण में 12.05 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि दूसरे चरण में 30 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराए जा रहे थे।
ग्राम प्रधानों द्वारा कराए गए कार्यों का ब्योरा समय पर उपलब्ध न कराने के कारण भुगतान के लिए मिले 18 करोड़ रुपये शासन ने अक्तूबर 2024 में वापस ले लिए थे।
प्रभारी जिला पंचायतीराज अधिकारी किरन वर्मा ने बताया कि एक माह पहले पुराने कार्यों के भुगतान के लिए शासन से नौ करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। जिन ग्राम पंचायतों में कार्य पूरे हो चुके हैं, उनसे अभिलेख और फोटोग्राफ मांगे गए हैं।
कंसल्टिंग इंजीनियर से स्थलीय निरीक्षण कराकर कार्यों का सत्यापन कराया जा रहा है। कुछ स्थानों पर सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। पुष्टि होने के बाद ही भुगतान किया जाएगा।
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अन्य ग्राम पंचायतों से भी कार्यों का पूरा ब्योरा मांगा गया है। अभिलेख उपलब्ध कराने वाली ग्राम पंचायतों का भुगतान किया जाएगा। सही ब्योरा उपलब्ध न कराने के कारण अक्तूबर 2024 में भुगतान के लिए मिले 18 करोड़ रुपये शासन ने वापस ले लिए थे।
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जिले की करीब 56 ग्राम पंचायतों में आरआरसी, फिल्टर चैंबर, सिल्ट कैचर, सोख्ता गड्ढा, खाद गड्ढा और नाली निर्माण के कार्य अभी भी अधूरे हैं, जिन्हें अब पूरा कराया जाएगा।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले की 26 मॉडल ग्राम पंचायतों सहित 645 ग्राम पंचायतों में वर्ष 2023 से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें 352 ग्राम पंचायतों में आरआरसी का निर्माण कराया जा चुका है।
बजट उपलब्ध होने के बावजूद 175 ग्राम पंचायतों में कार्य नहीं कराए गए। पहले चरण में 12.05 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि दूसरे चरण में 30 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराए जा रहे थे।
ग्राम प्रधानों द्वारा कराए गए कार्यों का ब्योरा समय पर उपलब्ध न कराने के कारण भुगतान के लिए मिले 18 करोड़ रुपये शासन ने अक्तूबर 2024 में वापस ले लिए थे।
प्रभारी जिला पंचायतीराज अधिकारी किरन वर्मा ने बताया कि एक माह पहले पुराने कार्यों के भुगतान के लिए शासन से नौ करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। जिन ग्राम पंचायतों में कार्य पूरे हो चुके हैं, उनसे अभिलेख और फोटोग्राफ मांगे गए हैं।
कंसल्टिंग इंजीनियर से स्थलीय निरीक्षण कराकर कार्यों का सत्यापन कराया जा रहा है। कुछ स्थानों पर सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। पुष्टि होने के बाद ही भुगतान किया जाएगा।