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Mau News: प्रभारी निरीक्षक को क्यों न दंडित किया जाए

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 08 Mar 2026 11:23 PM IST
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Why should the Inspector in Charge not be punished?
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मऊ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना पर एसपी को पत्र भेजकर शहर कोतवाल के विरुद्ध कार्रवाई करने का आदेश दिया। सीजेएम ने उल्लेख किया है कि प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर जानबूझ कर न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। क्यों न उन्हें दंडित किया जाए। सीजेएम ने एसपी को कोतवाल के विरुद्ध कार्रवाई कर 13 मार्च तक अवगत कराने के लिए कहा है। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र है।
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एसपी को भेजे पत्र में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कहा है कि फौजदारी मुकदमा स्टेट बनाम सेराज अहमद आदि थाना कोतवाली नगर का है। मामले में आरोपी सिराज अहमद, कन्हैया लाल अग्रवाल, प्रेमचन्द अग्रवाल, हीरालाल चौधरी एवं बजरंग शर्मा की उपस्थिति के लिए कई बार जमानती वारंट जारी किया गया। परंतु प्रभारी निरीक्षक ने प्रोसेस का तामिला नहीं कराया और न ही आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।
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इस संबंध में कई बार नोटिस के जरिये प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया गया परंतु वह उपस्थित नहीं हुए। उनकी ओर से भ्रामक आख्या प्रस्तुत की गई है। इस कारण कार्यवाही विलंबित हो रही है। ऐसा लग रहा है कि प्रभारी निरीक्षक जानबूझकर मामले को विलंबित करना चाहते हैं।
प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली नगर के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज करते हुए नोटिस के जरिये तलब किया गया था। लेकिन प्रभारी निरीक्षक न तो उपस्थित हुए और न ही प्रार्थना पत्र दिया। सीजेएम ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर के विरुद्ध कार्रवाई करने का एसपी को आदेश दिया है।
दहेज उत्पीड़न में 3 को दो-दो साल की सजा

दो-दो हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। न्यायिक मजिस्ट्रेट फास्ट ट्रैक महिलाओं से संबंधित अपराध की पीठासीन अधिकारी काजल श्रीवास्तव ने दहेज उत्पीड़न और मारपीट तथा धमकी देने के मामले में सजा सुनाई। मामले में नामजद बलिया जनपद के रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के निशारोड निवासी बली हसन और मुस्लिम रजा पुत्रगण मेहंदी हसन तथा अजरा बानो पत्नी स्व. जाकिर हुसैन को दोषी पाया।
इसके बाद सजा के प्रश्न पर बचाव पक्ष और अभियोजन अधिकारी के तर्कों को सुनने के बाद सभी को दो-दो वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही दो-दो हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है।
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