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Meerut: कपसाड़ कांड के बाद नजरबंद महसूस कर रहा पीड़ित परिवार, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: डिंपल सिरोही
Updated Fri, 30 Jan 2026 03:12 PM IST
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सार
कपसाड़ गांव की घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस-प्रशासन पर वादों से पीछे हटने और घर में नजरबंद जैसी स्थिति बनाए रखने का आरोप लगाया है। केवल 10 लाख की मदद मिली, बाकी आश्वासन अधूरे हैं।
कपसाड़ हत्याकांड, रूबी व पारस दाएं
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कपसाड़ गांव की दर्दनाक घटना के बाद पीड़ित परिवार की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। परिवार के सदस्य नरसी ने पुलिस और प्रशासन पर आरोप लगाया है कि उन्हें नजरबंद जैसी स्थिति में रखा जा रहा है और पहले किए गए वादे पूरे नहीं किए जा रहे।
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घर के बाहर तैनात पुलिस, मिलने पर रोक
नरसी का कहना है कि उनके घर के बाहर लगातार पुलिस बल तैनात है और परिवार के किसी भी सदस्य को किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा। इससे परिवार खुद को कैद जैसा महसूस कर रहा है।
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मुआवजा मिला अधूरा, नौकरी पर बदला रुख
नरसी के अनुसार आठ जनवरी को बहन रूबी के अपहरण और मां सुनीता की हत्या के बाद प्रशासन ने पिस्टल लाइसेंस, जमीन का पट्टा, संविदा नौकरी और 50 लाख रुपये मुआवजे का आश्वासन दिया था।
अब तक केवल 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली है। हाल ही में अधिकारियों से बातचीत में यह साफ हुआ कि नौकरी गोशाला में दी जाएगी, जबकि पहले दौराला या खतौली शुगर मिल में नौकरी देने की बात कही गई थी।
मानसिक दबाव में परिवार
पुलिस सख्ती के चलते परिवार घर से बाहर नहीं जा पा रहा है। बाजार जाने की अनुमति न मिलने से जरूरी सामान महंगे दामों पर आसपास से खरीदना पड़ रहा है। परिवार का कहना है कि वे मानसिक तनाव में हैं।
नरसी के अनुसार आठ जनवरी को बहन रूबी के अपहरण और मां सुनीता की हत्या के बाद प्रशासन ने पिस्टल लाइसेंस, जमीन का पट्टा, संविदा नौकरी और 50 लाख रुपये मुआवजे का आश्वासन दिया था।
अब तक केवल 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली है। हाल ही में अधिकारियों से बातचीत में यह साफ हुआ कि नौकरी गोशाला में दी जाएगी, जबकि पहले दौराला या खतौली शुगर मिल में नौकरी देने की बात कही गई थी।
मानसिक दबाव में परिवार
पुलिस सख्ती के चलते परिवार घर से बाहर नहीं जा पा रहा है। बाजार जाने की अनुमति न मिलने से जरूरी सामान महंगे दामों पर आसपास से खरीदना पड़ रहा है। परिवार का कहना है कि वे मानसिक तनाव में हैं।
शादी पर भी मंडराया संकट
नरसी ने बताया कि बहन रूबी की शादी दो अप्रैल को तय है। लड़के पक्ष से सहमति भी बन चुकी थी, लेकिन मौजूदा हालात के चलते उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। ऐसे में शादी की तारीख आगे बढ़ने की आशंका है।
प्रशासन से मांग
पीड़ित परिवार का आरोप है कि मामले को धीरे-धीरे दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मांग की है कि सभी वादे जल्द पूरे किए जाएं और परिवार को सामान्य जीवन जीने दिया जाए।
नरसी ने बताया कि बहन रूबी की शादी दो अप्रैल को तय है। लड़के पक्ष से सहमति भी बन चुकी थी, लेकिन मौजूदा हालात के चलते उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। ऐसे में शादी की तारीख आगे बढ़ने की आशंका है।
प्रशासन से मांग
पीड़ित परिवार का आरोप है कि मामले को धीरे-धीरे दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मांग की है कि सभी वादे जल्द पूरे किए जाएं और परिवार को सामान्य जीवन जीने दिया जाए।
