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मर्डर केस: पूर्व विधायक सतेंद्र सोलंकी को उम्रकैद, 1993 में यहां से लड़ा था पहला चुनाव

Tue, 07 May 2019 08:21 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: कपिल kapil Updated Tue, 07 May 2019 08:21 PM IST
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Baghpat Murder case: Delhi court sentenced former MLA Satendra Solanki to life imprisonment
सतेंद्र सोलंकी का फाइल फोटो

बागपत में ढिकौली गांव के डॉ. इंद्रपाल ढाका की हत्या में बरनावा के पूर्व विधायक सतेंद्र सोलंकी और उनके भाई हरेंद्र सोलंकी को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। बागपत की सियासत में दोनों ने एक साथ चुनाव भी लड़ा था। साल 1993 में जनता दल के टिकट पर सतेंद्र सोलंकी ने बरनावा और इंद्रपाल ढाका ने खेकड़ा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर राजनीति में हाथ आजमाया, लेकिन दोनों ही इस चुनाव में हार गए थे।

Baghpat Murder case: Delhi court sentenced former MLA Satendra Solanki to life imprisonment
फाइल फोटो

ढिकौली गांव के रहने वाले इंद्रपाल ढाका ने एजूकेशन विषय से पीएचडी की। बागपत जिले की खेकड़ा विधानसभा सीट से ढाका ने राजनीतिक पारी की शुरुआत की। साल 1993 में वह बतौर निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतरे। तब भाजपा के रूप चौधरी विधायक चुने गए। मदन भैया दूसरे और इंद्रपाल ढाका तीसरे स्थान पर रहे। इसके बाद ढाका गांव के स्कूल के मैनेजर रहे, लेकिन दूसरा कोई चुनाव नहीं लड़ा।

Baghpat Murder case: Delhi court sentenced former MLA Satendra Solanki to life imprisonment
पूर्व विधायक सतेंद्र सोलंकी - फोटो : अमर उजाला

बिनौली ब्लॉक के जिवाना गुलियान गांव निवासी सतेंद्र सोलंकी को साल 1993 में जनता दल ने बरनावा से टिकट दिया। नामांकन के बाद मतदान से कुछ दिन पहले ही जनता दल ने उनसे समर्थन वापस लेकर निर्दलीय सुधीर राठी को समर्थन दे दिया। सोलंकी जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन भाजपा के त्रिपाल धामा के सामने वह करीब 187 वोट से हार गए। इस तरह वह पहली बार विधायक बनते-बनते रह गए थे। सोलंकी को साल 2007 में बरनावा सीट से रालोद ने टिकट दिया। यहां से पहली बार चुनाव जीतकर वह विधानसभा पहुंचे। नए परिसीमन में हुए साल 2012 के चुनाव में बरनावा सीट खत्म हो गई और बड़ौत नई सीट बनीं, लेकिन रालोद ने दोबारा से सोलंकी को टिकट नहीं दिया। सोलंकी ने साल 2017 के चुनाव में बसपा ज्वाइन कर ली। बसपा ने उन्हें मेरठ कैंट से टिकट दिया, लेकिन वह हार गए। इसके बाद साल 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से पहले लखनऊ में भाजपा अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय के सामने वह भाजपा में शामिल हुए।

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Baghpat Murder case: Delhi court sentenced former MLA Satendra Solanki to life imprisonment
सतेंद्र सोलंकी का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

ससुर और साले रहे छपरौली से विधायक
सतेंद्र सोलंकी के ससुर पूर्व विधायक डॉ. महक सिंह की गिनती रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह के करीबियों में होती है। इसके अलावा सोलंकी के साले अजय कुमार भी छपरौली सीट से विधायक रह चुके हैं।

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पूर्व विधायक सतेंद्र सोलंकी

बिनौली क्षेत्र की राजनीति में मिले कई पद
डॉ. इंद्रपाल हत्याकांड के दूसरे आरोपी हरेंद्र बिनौली ब्लॉक के साल 2000 में प्रमुख बने। इसके बाद साल 2005 से 2010 तक हरेंद्र की मां पवन कौर भी ब्लॉक प्रमुख रही। वर्तमान में हरेंद्र सोलंकी की पत्नी सुधा सोलंकी जिला पंचायत सदस्य हैं। हरेंद्र और सतेंद्र का परिवार मेरठ में रहता है।

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