Meerut: बुलंदशहर हादसे में भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष के बेटे डॉ. अंकित समेत तीन की मौत
बुलंदशहर के गुलावठी में हुए सड़क हादसे में भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष संजय त्यागी के इकलौते बेटे डॉ. अंकित त्यागी सहित तीन लोगों की मौत हो गई। गांवों में शोक की लहर है।
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बुलंदशहर जनपद के गुलावठी क्षेत्र में मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय त्यागी के इकलौते बेटे डॉ. अंकित त्यागी समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
भाजपा एमएलसी के भतीजे की भी गई जान
मृतक डॉ. अंकित त्यागी, विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) अश्वनी त्यागी के भतीजे थे। घटना की जानकारी मिलते ही महादेव गांव में लोगों की भीड़ जुटने लगी और हर आंख नम नजर आई। संजय त्यागी मूल रूप से महादेव गांव के निवासी हैं और लंबे समय से सामाजिक व शैक्षिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।
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करीब 18 वर्ष पूर्व संजय त्यागी ने सरधना-बिनौली रोड स्थित छबड़िया मोड़ के पास द्रोण पब्लिक स्कूल की स्थापना की थी, जिसे बाद में सीबीएसई की मान्यता दिलाई गई। इसके बाद द्रोण कॉलेज ऑफ एजुकेशन की भी स्थापना की गई। डॉ. अंकित त्यागी इसी कॉलेज के निदेशक के रूप में कार्यरत थे।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
डॉ. अंकित त्यागी की पत्नी दीपशिखा त्यागी द्रोण पब्लिक स्कूल में प्रधानाचार्या हैं। अंकित मेरठ के कंकरखेड़ा स्थित डिफेंस एन्क्लेव में परिवार के साथ रहते थे। उनके पीछे पत्नी दीपशिखा, चार वर्षीय पुत्र देवांश, पिता संजय त्यागी और माता छाया त्यागी रह गए हैं। इकलौते बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
डॉ. आशुतोष पूनिया की मौत से पिता के टूटे सपने
इसी हादसे में डालमपुर निवासी डॉ. आशुतोष पूनिया (35) की भी मौत हो गई। देर रात सूचना मिलने पर परिवार में कोहराम मच गया और परिजन तत्काल बुलंदशहर के लिए रवाना हो गए। डॉ. आशुतोष की शादी चार वर्ष पूर्व कंकरखेड़ा श्रद्धापुरी निवासी डॉ. शालिनी से हुई थी।
सेवाभावी चिकित्सक थे आशुतोष
डॉ. आशुतोष पूनिया द्रोण हॉस्पिटल में बीएएमएस चिकित्सक के रूप में कार्यरत थे, जबकि उनकी पत्नी महावीर मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर थीं और हाल ही में द्रोण कॉलेज में ज्वाइन किया था। दोनों बीएएमएस चिकित्सक थे और अभी उनकी कोई संतान नहीं थी।
खेती कर बेटे को डॉक्टर बनाया
परिजनों के अनुसार पिता सीएम सिंह, किसान हैं, जिन्होंने खेती-बाड़ी कर कड़ी मेहनत से बेटे-बेटी को पढ़ाया और नागपुर से बीएएमएस की डिग्री दिलाई। बेटे की असमय मौत से पिता के सारे सपने टूट गए।
