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Meerut News: मिर्च पर फल छेदक कीट का प्रकोप, विशेषज्ञ ने बताए नियंत्रण के उपाय
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हस्तिनापुर। क्षेत्र में मिर्च की फसल पर फल छेदक कीट का प्रकोप किसानों के लिए चिंता का कारण है। स्वामी कल्याण देव कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. नवीन चंद्र ने किसानों को जानकारी दी। उन्होंने तारापुर और राठौरा खुर्द गांव का दौरा किया।
उन्होंने बताया कि कीट की सुंडी प्रारंभिक अवस्था में कलियों और फूलों को नुकसान पहुंचाती है। इससे कलियां झड़ने लगती हैं और फूल गिर जाते हैं। प्रकोप बढ़ने पर सुंडी फल के डंठल में छेद कर अंदर घुस जाती है। इससे छोटे और अपरिपक्व फल नष्ट हो जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती लक्षण दिखते ही तुरंत नियंत्रण उपाय अपनाना जरूरी है।
विशेषज्ञों ने एमामेक्टिन बेंजोएट पांच प्रतिशत (80 से 100 ग्राम प्रति एकड़) के छिड़काव को प्रभावी माना है। फ्लुबेंडियामाइड 39.35 प्रतिशत (40 से 50 मिली प्रति एकड़) भी उपयोग किया जा सकता है। नोवालुरोन 5.25 प्रतिशत और इंडोक्साकार्ब 4.5 प्रतिशत (दो मिली प्रति लीटर) प्रभावी है। क्लोरेनट्रानिलिप्रोल 18.5 प्रतिशत (50 से 60 मिली प्रति एकड़) का प्रयोग भी कर सकते हैं। प्रभारी डॉ. राकेश तिवारी ने दवाओं की अदला-बदली और सात से दस दिन के अंतराल पर शाम को छिड़काव की सलाह दी। प्रति एकड़ पांच से छह फेरोमोन जाल लगाएं और संक्रमित फलों को नष्ट करें। छिड़काव करते समय मास्क, दस्ताने का उपयोग करें। दवा पर्याप्त पानी में घोलकर ही उपयोग करें।
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उन्होंने बताया कि कीट की सुंडी प्रारंभिक अवस्था में कलियों और फूलों को नुकसान पहुंचाती है। इससे कलियां झड़ने लगती हैं और फूल गिर जाते हैं। प्रकोप बढ़ने पर सुंडी फल के डंठल में छेद कर अंदर घुस जाती है। इससे छोटे और अपरिपक्व फल नष्ट हो जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती लक्षण दिखते ही तुरंत नियंत्रण उपाय अपनाना जरूरी है।
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विशेषज्ञों ने एमामेक्टिन बेंजोएट पांच प्रतिशत (80 से 100 ग्राम प्रति एकड़) के छिड़काव को प्रभावी माना है। फ्लुबेंडियामाइड 39.35 प्रतिशत (40 से 50 मिली प्रति एकड़) भी उपयोग किया जा सकता है। नोवालुरोन 5.25 प्रतिशत और इंडोक्साकार्ब 4.5 प्रतिशत (दो मिली प्रति लीटर) प्रभावी है। क्लोरेनट्रानिलिप्रोल 18.5 प्रतिशत (50 से 60 मिली प्रति एकड़) का प्रयोग भी कर सकते हैं। प्रभारी डॉ. राकेश तिवारी ने दवाओं की अदला-बदली और सात से दस दिन के अंतराल पर शाम को छिड़काव की सलाह दी। प्रति एकड़ पांच से छह फेरोमोन जाल लगाएं और संक्रमित फलों को नष्ट करें। छिड़काव करते समय मास्क, दस्ताने का उपयोग करें। दवा पर्याप्त पानी में घोलकर ही उपयोग करें।