Meerut: समाधान दिवस में एडीएम के सामने किसान ने खुद पर डाला डीजल, आत्मदाह की कोशिश
मवाना तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एक किसान ने न्याय न मिलने से क्षुब्ध होकर प्रशासनिक अधिकारियों के सामने ही आत्मदाह की कोशिश की। एडीएम प्रशासन सत्यप्रकाश के समक्ष नासरपुर निवासी बुजुर्ग किसान मांगेराम ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ (डीजल) उड़ेल लिया। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद तहसीलदार और पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें पकड़ लिया जिससे एक बड़ा हादसा बच गया।
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जानकारी के अनुसार किसान मांगेराम शनिवार सुबह करीब 11:10 बजे तहसील पहुंचा। वह एक छोटी बोतल में अपने घर के ट्रैक्टर से डीजल निकालकर लाया था जिसे उसने कुर्ते की जेब में छिपा रखा था। एडीएम प्रशासन और तहसीलदार निरंकार सिंह को शिकायती पत्र सौंपने के तुरंत बाद किसान ने चिल्लाते हुए कहा कि मेरी शिकायत का समाधान नहीं होगा और देखते ही देखते जेब से बोतल निकालकर खुद पर डीजल डाल लिया। इससे पहले कि किसान माचिस जला पाता तहसीलदार निरंकार सिंह और वहां तैनात दो दरोगाओं ने फुर्ती दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। घटना के बाद किसान की तबीयत बिगड़ने और उल्टी होने पर उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया जहां उसकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।
डेढ़ साल से काट रहा था दफ्तरों के चक्कर
पीड़ित किसान मांगेराम ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार लगभग डेढ़ साल पहले उन्होंने कृषि भूमि के लिए एलटी लाइन खिंचवाने का आवेदन दिया था जिसमें बिजली विभाग के जेई पर पैसे मांगने का आरोप है। वर्तमान शिकायत चकरोड को लेकर थी। आरोप है कि पड़ोसी खेत मालिक ने सरकारी चकरोड को खुर्द-बुर्द कर सिंचाई की नाली बंद कर दी है। मांगेराम ने दिसंबर 2025 में ही लिखित चेतावनी दी थी कि यदि समाधान नहीं हुआ तो वह आत्मदाह को विवश होगा लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
मौके पर भेजी गई टीम
घटना के तुरंत बाद हरकत में आए तहसीलदार निरंकार सिंह ने लेखपाल, बिजली विभाग के जेई और लाइनमैन की संयुक्त टीम को तुरंत नासरपुर गांव भेजा। तहसीलदार ने बताया कि मौके पर ही शिकायत का समाधान कराया जा रहा है और लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी।
इतिहास से सबक नहीं: समाधान दिवस की औपचारिकता पर सवाल
मवाना तहसील में आत्मदाह के प्रयास की यह पहली घटना नहीं है। यह मामला संपूर्ण समाधान दिवस की प्रभावशीलता पर गहरा प्रश्नचिह्न लगाता है। करीब दो साल पूर्व जगबीर निवासी अलीपुर मौरना) ने समाधान न होने पर आत्मदाह किया था जिनकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। वहीं इलम सिंह निवासी दरियापुर ने भी तहसील परिसर में तेल छिड़ककर जान देने की कोशिश की थी जिन्हें ऐन वक्त पर बचाया गया था।