Meerut: सराफा में ब्रेकडाउन जैसा हाल, आयात शुल्क बढ़ने से सोना-चांदी महंगे, 54 करोड़ का कारोबार अब चार करोड़
Gold News: सरका र द्वारा सोना-चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाकर 10 प्रतिशत किए जाने के बाद मेरठ के सराफ बाजार में मंदी छा गई है। रोजाना 54 करोड़ रुपये का कारोबार घटकर चार करोड़ पर पहुंच गया है और करीब 20 हजार कारीगरों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।
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सरकार ने सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं पर आयात शुल्क बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया है। इससे सोना मंडी सर्वाधिक प्रभावित हुई है। 54 करोड़ के प्रतिदिन का कारोबार दो दिन में ही चार करोड़ पर सिमट गया है। बाजार में सोने की कीमत बढ़ने के कारण पुराने आभूषण भी नहीं आ रहे हैं। बीटूबी यानी बायर टू बायर और बीटूसी यानी बायर से खरीदार सभी वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं। इस बीच कम कैरेट वाले आभूषण और गोटा चांदी का कारोबार रफ्तार पकड़ रहा है।
सोना मंडी में बुधवार को 10 ग्राम सोने की कीमत 1 .58 लाख, 100 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2 .77 लाख रुपये प्रति किलो रही। मंगलवार को सोने की कीमत बढ़कर 1 .52 लााख, 100 रुपये और चांदी की कीमत 2 .62 लाख, 500 रुपये प्रति किलोे पहुंची थी।
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आयात शुल्क लागत बढ़ने से घरेलू बाजार में सोने की खुदरा कीमतों पर सीधा असर पड़ा है। इससे पूर्व सरकार ने वर्ष 2024-25 के बजट में घरेलू रत्न एवं आभूषण उद्योग को बढ़ावा देने, अवैध तस्करी पर रोक लगाने और स्थानीय बाजार में कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से सोने पर आयात शुल्क घटाकर छह प्रतिशत किया था। अब नई व्यवस्था के तहत कुल आयात शुल्क फिर से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है।
बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल बताते हैं कि देश भर के साराफा व्यापारी वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं। बाजार का आने वाले पांच दिन में क्या रुख होगा, उसके आधार पर आगे की रणनीति बनाकर कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दो दिन से बाजार में खरीदार नहीं हैं। एडवांस पेमेंट पर कार्य हो रहा है।
नौ कैरेट के लिए ग्राहकों को करें जागरूक
मेरठ बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के महामंत्री डॉ. संजीव अग्रवाल कहते हैं कि बढ़ती कीमतों और बाजार में मंदी के दौर को देखते हुए व्यापारियों को 18 कैरेट, 14 कैरेट और नौ कैरेट वाले सोने की ज्वैलरी को बढ़ावा देना चाहिए। साथ ही उपभोक्ताओं को पुराने सोने के बदले नई ज्वैलरी लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इससे बाजार में खरीदारी बनी रहे।
विवाह में उपहार में दी जा रही गोटा चांदी
बाजार में गोटा चांदी की बिक्री तेज हो गई है। चांदी व्यापारी प्रतीक जैन ने बताया कि इसे जर्मन सिल्वर बाजार में कहा जाता है। सफेद मेटल पर चांदी की परत चढ़ाई जाती है। इसकी कीमत 20 हजार रुपये किलो से 50 हजार रुपये किलो है। जबकि चांदी कीमत 2 .77 लाख रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। चांदी महंगी होने के कारण लोग गोटा चांदी के बर्तन, अंगूठी, पजेब, ब्रेसलेट, चेन खरीद रहे हैं। विवाह में भी यह उपहार में दिया जाता है। गोटा चांदी भीी काली नहीं पड़ती है।