Meerut: हज यात्रियों को बड़ा झटका, अब 10 हजार रुपये अतिरिक्त देने होंगे, इस वजह से हुई बढ़ोतरी
हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को अब 10 हजार रुपये अतिरिक्त देने होंगे। मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण विमानन ईंधन की कीमतें बढ़ने से हवाई किराए में बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद हज कमेटी ने यह फैसला लिया है।
विस्तार
इस वर्ष हज यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहे जायरीनों के लिए एक और आर्थिक झटका सामने आया है। हज कमेटी ने सभी हज यात्रियों के लिए 10 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि जमा करना अनिवार्य कर दिया है। इस फैसले के बाद यात्रियों में असमंजस और नाराजगी का माहौल है।
युद्ध और ईंधन महंगा होने से बढ़ा किराया
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के अनुसार मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध और तनाव के कारण विमानन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। एयरलाइंस कंपनियों ने आधार किराए में 400 डॉलर से अधिक की बढ़ोतरी की मांग की थी। इसके बाद सरकार ने प्रति यात्री 100 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 10 हजार रुपये का अतिरिक्त शुल्क लेने का निर्णय लिया है।
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सभी यात्रियों को देना होगा अतिरिक्त शुल्क
यह अतिरिक्त राशि सभी हज यात्रियों को देनी होगी, चाहे वे देश के किसी भी शहर या प्रस्थान बिंदु से उड़ान भर रहे हों। हाजी शीराज रहमान ने बताया कि हज कमेटी की वेबसाइट पर जाकर बैंक रेफरेंस नंबर के माध्यम से चालान जनरेट किया जा सकता है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे समय रहते भुगतान कर दें ताकि आखिरी समय में किसी तकनीकी समस्या का सामना न करना पड़े।
जिले से 1150 यात्रियों का पंजीकरण
जिले से करीब 1150 लोगों ने इस वर्ष हज यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें से लगभग 700 यात्री पहले ही हज यात्रा के लिए रवाना हो चुके हैं।
धार्मिक नेताओं ने जताई नाराजगी
नायब शहर काजी जैनुर राशिदीन ने कहा कि कोशिश की जा रही है कि मेरठ के सभी चयनित हज यात्रियों तक यह जानकारी समय पर पहुंच जाए। वहीं शहर काजी जैनुस सालिकीन सिद्दीकी ने कहा कि हज यात्रा की सभी किस्तें जमा कराने के बाद अचानक 10 हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ डालना उचित नहीं है।
