UP: सौरभ हत्याकांड में नया मोड़, कोर्ट ने तलब किए ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी, CCTV फुटेज और जीडी रिकॉर्ड भी मांगा
मेरठ के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में कोर्ट ने ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी, हेड मुहर्रिर और वायरलेस ऑपरेटर को तलब किया है। अदालत ने थाने की सीसीटीवी फुटेज, वायरलेस मैसेज और जीडी रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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मेरठ के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में सोमवार को अदालत में अहम सुनवाई होने जा रही है। बचाव पक्ष की अपील पर कोर्ट ने ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी, हेड मुहर्रिर और वायरलेस ऑपरेटर को तलब किया है। अदालत ने तीनों अधिकारियों को थाने की सीसीटीवी फुटेज, वायरलेस मैसेज और जीडी (रोजनामचा) का रिकॉर्ड साथ लेकर पेश होने का निर्देश दिया है।
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जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) कृष्ण कुमार चौबे के अनुसार, इस मामले की सुनवाई जिला सत्र न्यायाधीश अनुपम कुमार की अदालत में चल रही है। गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद अब तक मुकदमे में 22 गवाह अपने बयान दे चुके हैं और गवाही की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
अब इस मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 351 के तहत कार्रवाई चल रही है, जो पहले सीआरपीसी की धारा 313 के तहत आती थी। इस प्रक्रिया में आरोपी से मामले से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं।
आरोपी साहिल शुक्ला की ओर से केस लड़ रहीं अधिवक्ता ने अदालत से चार साक्ष्य गवाहों को बुलाने की मांग की थी। उन्होंने 18 मार्च 2025 को मुस्कान और साहिल की गिरफ्तारी से लेकर अगले दिन तक की थाने की सीसीटीवी फुटेज पेश करने के लिए थाना प्रभारी को तलब करने की अपील की थी।
इसके साथ ही एक सप्ताह का जीडी रिकॉर्ड पेश करने के लिए हेड मुहर्रिर और वायरलेस मैसेज का रिकॉर्ड देने के लिए वायरलेस ऑपरेटर को अदालत में बुलाने की मांग की गई थी। साथ ही हत्या में इस्तेमाल चाकू की जांच करने वाले फोरेंसिक एक्सपर्ट को भी गवाह के रूप में बुलाने की अपील की गई थी।
फोरेंसिक एक्सपर्ट को नहीं किया तलब
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के वकीलों ने गवाहों के बयान की प्रक्रिया पूरी हो जाने का हवाला देते हुए इस अपील पर आपत्ति जताई थी। हालांकि अदालत ने फोरेंसिक एक्सपर्ट को छोड़कर थाना प्रभारी, हेड मुहर्रिर और वायरलेस ऑपरेटर को तलब करने का आदेश दे दिया। अब यह देखना अहम होगा कि थाने में एक साल से अधिक पुरानी सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध हो पाती है या नहीं।
