मेरठ के शास्त्रीनगर में दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने से पहले ईशु के साथियों ने आठ जुलाई को सटीक प्लान बनाया था। ईशु के दोस्त विशांत ने कौशल के मोबाइल पर रविवार रात 1:27 बजे कॉल की थी। विशांत ने कहा कि उसके दोस्त का एक्सीडेंट हो गया है। उसे एक हजार रुपये की जरूरत है। कौशल ने हामी भरकर दरवाजा खोल दिया। इसके बाद दीपक मुंह पर कपड़ा लगाकर घुसा था। दीपक ने ही सबसे पहले सीसीटीवी की डीबारआर तोड़ी। तभी विशांत और रिंकू भी आ गए। इसके बाद विशांत ने कौशल के हाथ और दीपक ने पैर पकड़े। रिंकू ने चाकू से गर्दन काटी। इस दौरान कौशल की चीख सुनकर तमन्ना भी चिल्लाई और यह मंजर देख सहम गई। तभी तीनों आरोपियों ने तमन्ना पर भी चाकू से वार कर उसकी जान ले ली।
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पुलिस के मुताबिक, ईशु की पत्नी स्नेहा अक्सर शास्त्रीनगर में अपनी मां कौशल और बेटी तमन्ना के पास आती थी। तमन्ना के पास उसके पिता और नानी की करोड़ों की संपत्ति के अलावा बीमा पॉलिसी थी। तमन्ना के बालिग होने तक उसकी संपत्ति की वारिस स्नेहा को बनाया गया था। इसलिए ईशु का मानना था कि तमन्ना मर जाएगी तो सारी संपत्ति उसके पास आ जाएगी। वहीं, तमन्ना को लेकर ईशु को अपने परिवार व रिश्तेदार के लोगों से झूठ बोलना पड़ता था।
ईशु और स्नेहा की वर्ष 2008 में शादी हुई थी। ईशु ने तमन्ना के बारे में परिवार और रिश्तेदारों को नहीं बताया था। इसके चलते ईशु और स्नेहा के बीच कई बार विवाद भी हुआ। ईशु और स्नेहा से आठ महीने की बच्ची है। स्नेहा तमन्ना से ज्यादा लगाव रखती थी। इस पर ईशु ने कई बार स्नेहा को धमकी दी कि वह तमन्ना को मार देगा। ईशु ने पुलिस को बताया कि इन दोनों की हत्याओं के बाद तमन्ना का राज भी हमेशा दफन हो जाता, इसीलिए भी यह प्लान बनाया गया था।
डीबीआर और दो मोबाइल को हापुड़ में जलाया
वारदात के बाद आरोपी दीपक और विशांत कौशल के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की डीबीआर और दो मोबाइल हापुड़ ले गए थे। वे इन्हें जलाकर वापस अपने घर आ गए। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अधजले हालत में डीबीआर और दोनों मोबाइल बरामद किए। डीबारआर को फॉरेंसिक लैब में भेजा गया, ताकि पूरे घटनाक्रम को चार्जशीट के साथ लगा जा सके। फिंगर एक्सपर्ट टीम की रिपोर्ट मुकदमे में शामिल की गई है।
स्मैक बेचते-बेचते बन गया हत्यारोपी
ईशु शास्त्रीनगर स्थित एक जिम में ट्रेनर था। वहीं पर स्नेहा जाती थी। जिम में दोनों की मुलाकात हुई व फिर 2008 में दोनों ने शादी कर ली। स्नेहा के पहले पति की मौत हो चुकी है। ईशु जिम ट्रेनर के साथ स्मैक बेचने का धंधा करने लगा। कौशल और तमन्ना की हत्या में शामिल आरोपी रिंकू, दीपक व विशांत भी ईशु के गैंग में शामिल थे। स्मैक बेचते-बेचते चारों दोस्त हत्यारोपी बन गए।