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Meerut: सरधना में तालाब की जमीन पर कब्जे का विवाद गरमाया, तहसील पहुंचे अतुल प्रधान, तीन दिन का अल्टीमेटम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 23 Jun 2026 04:21 PM IST
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सार

सरधना में तालाब की भूमि पर कथित अवैध कब्जे को लेकर विधायक अतुल प्रधान तहसील पहुंचे। तीन दिन में कार्रवाई नहीं होने पर बड़ा आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।

Meerut: Atul Pradhan Reaches Tehsil Over Pond Land Encroachment, Warns of Protest Within Three Days
सपा विधायक अतुल प्रधान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सरधना में कालंद चुंगी चौराहे के निकट नगर पालिका की तालाब भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर और गरमा गया है। निर्माण कार्य जारी रहने और प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने से नाराज समाजवादी पार्टी के सरधना विधायक अतुल प्रधान मंगलवार को तहसील पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली और तीन दिन के भीतर ठोस कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दे दी।



तहसील पहुंचकर अधिकारियों से मांगा जवाब
विधायक अतुल प्रधान ने एसडीएम से मुलाकात कर तालाब की भूमि पर कब्जे से जुड़े प्रकरण की प्रगति रिपोर्ट मांगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें लंबे समय से की जा रही हैं, लेकिन प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा है। विधायक ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद निर्माण कार्य नहीं रुका और अब भवन पर प्लास्टर तक कराया जा रहा है।
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भू-माफियाओं पर कार्रवाई की मांग
अतुल प्रधान ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा हुआ है तो संबंधित लोगों और भू-माफियाओं के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। उनका कहना था कि सार्वजनिक संपत्तियों पर कब्जे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाने चाहिए।

तीन दिन का दिया अल्टीमेटम
विधायक ने प्रशासन को तीन दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो तहसील परिसर में बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की भावनाओं की अनदेखी नहीं की जा सकती और जनहित के मुद्दे पर संघर्ष जारी रहेगा।

कस्बावासियों ने भी जताया आक्रोश
इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी विधायक के साथ तहसील पहुंचे। लोगों ने नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों पर लापरवाही तथा मिलीभगत के आरोप लगाए। स्थानीय लोगों का कहना था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अवैध निर्माण को रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।

एसडीएम ने जांच का दिया आश्वासन
एसडीएम ने विधायक और नागरिकों की शिकायतें सुनने के बाद मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया तो संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

कई दिनों से चर्चा में है मामला
तालाब की भूमि पर कब्जे का यह मामला पिछले कई दिनों से क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय नागरिक लगातार प्रशासन से हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

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