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Meerut: नए सत्र 2026 से सीसीएसयू में चार वर्षीय बीए-बीएड पाठ्यक्रम शुरू, 12वीं के बाद सीधे शिक्षक बनने का मौका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Thu, 02 Apr 2026 06:39 PM IST
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सार
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय नए सत्र 2026 से चार वर्षीय एकीकृत बीए बीएड और बीएससी बीएड पाठ्यक्रम शुरू करेगा। इससे छात्र 12वीं के बाद सीधे शिक्षक बनने की दिशा में पढ़ाई कर सकेंगे और कम समय में दो डिग्री प्राप्त कर सकेंगे।
CCSU, सीसीएसयू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय नए शैक्षणिक सत्र 2026 से चार वर्षीय एकीकृत बीए बीएड और बीएससी बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इस व्यवस्था से विद्यार्थी 12वीं के बाद सीधे शिक्षक बनने की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगे और स्नातक तथा बीएड की पढ़ाई एक साथ पूरी कर सकेंगे।
चार वर्ष में मिलेंगी दो डिग्रियां
दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ दीपक मौर्य ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को स्नातक और बीएड की पढ़ाई एक साथ कराई जाएगी। पहले विद्यार्थियों को तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद दो वर्षीय बीएड करना पड़ता था, लेकिन अब चार वर्ष में ही दोनों डिग्रियां प्राप्त की जा सकेंगी। इससे छात्रों का समय भी बचेगा और शिक्षक बनने की प्रक्रिया भी सरल होगी।
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चार वर्ष में मिलेंगी दो डिग्रियां
दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ दीपक मौर्य ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को स्नातक और बीएड की पढ़ाई एक साथ कराई जाएगी। पहले विद्यार्थियों को तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद दो वर्षीय बीएड करना पड़ता था, लेकिन अब चार वर्ष में ही दोनों डिग्रियां प्राप्त की जा सकेंगी। इससे छात्रों का समय भी बचेगा और शिक्षक बनने की प्रक्रिया भी सरल होगी।
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एकीकृत शिक्षा कार्यक्रम के तहत पहल
उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था केंद्र सरकार के एकीकृत शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत लागू की जा रही है। विश्वविद्यालय भी इसे लागू करते हुए चार वर्षीय बीएड को शिक्षक बनने की न्यूनतम योग्यता बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के आधार पर दिया जाएगा।
नए पाठ्यक्रमों की भी तैयारी
विश्वविद्यालय ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग माध्यम से बीए पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा परास्नातक स्तर पर इतिहास, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, शिक्षा शास्त्र और समाजशास्त्र जैसे विषयों में नए पाठ्यक्रम प्रस्तावित किए गए हैं। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ कम समय में बेहतर कॅरिअर बनाने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था केंद्र सरकार के एकीकृत शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत लागू की जा रही है। विश्वविद्यालय भी इसे लागू करते हुए चार वर्षीय बीएड को शिक्षक बनने की न्यूनतम योग्यता बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के आधार पर दिया जाएगा।
नए पाठ्यक्रमों की भी तैयारी
विश्वविद्यालय ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग माध्यम से बीए पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा परास्नातक स्तर पर इतिहास, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, शिक्षा शास्त्र और समाजशास्त्र जैसे विषयों में नए पाठ्यक्रम प्रस्तावित किए गए हैं। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ कम समय में बेहतर कॅरिअर बनाने का अवसर मिलेगा।