सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut: Development issues missing from the board meeting, ruckus over the name of the fair

Meerut: बोर्ड बैठक से विकास के मुद्दे गायब, मेले के नाम को लेकर बखेड़ा, विधायक अतुल प्रधान और भाजपाई उलझे

अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Mon, 18 May 2026 09:06 PM IST
विज्ञापन
सार

सरधना नगर पालिका बोर्ड की बैठक में भाजपाइयों ने मेले का नाम बदलकर बूढ़ा बाबा रखने का प्रस्ताव दिया। विपक्षी सभासदों ने पुराना नाम मेला बूढ़ा बाबू ही रखने की बात कही। इसे लेकर हंगामा हुआ और बोर्ड बैठक स्थगित करनी पड़ी। विकास के मुद्दे गौण हो गए। 

Meerut: Development issues missing from the board meeting, ruckus over the name of the fair
मेले के नाम को लेकर दोनों पक्षों में होती बहस। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

सरधना नगर पालिका में सोमवार को आयोजित बोर्ड बैठक में ऐतिहासिक मेले के नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहुंच गए और मेले का नाम बूढ़ा बाबा किए जाने की मांग उठाई। विधायक अतुल प्रधान और भाजपाइयों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। हंगामे के चलते बोर्ड बैठक बीच में ही समाप्त करनी पड़ी। हालांकि मेले का आयोजन पांच जून से चार जुलाई तक कराने पर सहमति बन गई।
Trending Videos

 

बैठक में सभासद तनिका जैन ने मेले का नाम बूढ़ा बाबा किए जाने का प्रस्ताव रखा। इस पर करीब 15 सभासदों ने आपत्ति जताते हुए पुराने नाम और परंपरा के अनुसार मेला आयोजित कराने की मांग का लिखित प्रस्ताव ईओ को सौंप दिया। इसी बीच भाजपा मंडल अध्यक्ष विनोद जैन कार्यकर्ताओं के साथ बोर्ड बैठक में पहुंच गए। उन्होंने दावा किया कि पुराने समय में मेले का नाम बूढ़ा बाबा मेला था। उन्होंने इसके समर्थन में वर्ष 2000 के शिलापट की फोटो भी दिखाई, जिस पर यही नाम अंकित था। भाजपा नेताओं ने सभासदों से आस्था को ध्यान में रखते हुए मेले का नाम बूढ़ा बाबा रखने की अपील की। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि प्रस्ताव को संज्ञान में लेकर शासन और उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने विधायक से इस मामले में स्पष्ट रुख बताने की मांग की, जिस पर दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई।
 
विज्ञापन

विधायक ने बाहर जाने को कहा, भड़के भाजपाई
मामला तब और गरमा गया जब विधायक ने नियमों का हवाला देते हुए सभासदों के अलावा अन्य लोगों को बैठक से बाहर जाने को कहा। इस पर भाजपा कार्यकर्ता भड़क गए और आरोप लगाया कि पहले से कई बाहरी लोग बैठक में मौजूद थे। इसे लेकर जमकर हंगामा हुआ और बैठक समाप्त करनी पड़ी। 
विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कस्बे का आपसी सौहार्द बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। वहीं भाजपा नेताओं ने कहा कि मेले में बूढ़ा बाबू के बैनर नहीं लगने दिए जाएंगे।
 

रामलीला कमेटी ने पदाधिकारी ने रखी शर्त
बैठक में रामलीला कमेटी के मंत्री प्रदीप मित्तल और कानूनी सलाहकार वीरेंद्र सैनी भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि नगर पालिका रामलीला कमेटी के मैदान में मेला आयोजित करती है, जिसके बदले टैक्स समायोजित किया जाता रहा है। आरोप लगाया कि इस बार स्वकर प्रणाली के तहत टैक्स वसूली की बात कही जा रही है। वीरेंद्र सैनी ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा हुआ तो कमेटी मेले के ठेके की राशि का 50 प्रतिशत लेगी, अन्यथा मैदान उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। 

बैठक की अध्यक्षता चेयरपर्सन सबीला बेगम ने की व संचालन ईओ दीपिका शुक्ला ने किया। इस दौरान सभासद तारिक हसन, फरमान अंसारी, फिरदौस, मुकेश कुमार, शाहिद मलिक, शकील, दानिश्ता, शगुफ्ता, नेहा जैन, पिंकी सोम, खालिद अंसारी, हाजी मन्नान, समीना, इमरान ठाकुर, वीर सिंह भाटी मौजूद रहे।

ये भी देखें...
Meerut: श्मशान घाट पर चिता से ताहिर ने निकालीं अस्थियां, तंत्र-मंत्र का चक्कर, गांव में तनाव; आरोपी गिरफ्तार

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed