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Meerut: दहेज के मुकदमे के तनाव में पिता ने की आत्महत्या, तीन दिन पहले बेटे ने भी खा लिया था जहर
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Thu, 21 May 2026 07:48 PM IST
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सार
मेरठ के गांव फाजलपुर निवासी बाबूराम के बेटे राहुल की शादी दो साल पहले परीक्षितगढ़ की मीनाक्षी से हुई थी। लड़की पक्ष ने दहेज का मुकदमा करा दिया था और बाबूराम से तीन लाख रुपये की मांग की जा रही थी। इसी तनाव में बाबूराम ने जहर खा लिया।
बाबूराम की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के गांव फाजलपुर में दहेज मुकदमे और पारिवारिक कलह के भारी तनाव में एक किसान ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। मेरठ के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मृतक की पत्नी राधा ने अपनी बहू और उसके परिजनों पर प्रताड़ना व पैसे मांगने के आरोप लगाए हैं और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
फाजलपुर निवासी 45 वर्षीय बाबूराम पुत्र रामपाल गांव के पास एक कृषि फार्म पर खेती-बाड़ी का काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिजनों के अनुसार, उनके बड़े बेटे राहुल की शादी 8 मार्च 2024 को परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के गांव खजूरी अलियारपुर की रहने वाली मीनाक्षी के साथ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुई थी।
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शादी के कुछ ही समय बाद पति-पत्नी के बीच अनबन शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि मीनाक्षी अपने मायके चली गई और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा दिया। यह मामला न्यायालय तक पहुंचा और दोनों के बीच तलाक की प्रक्रिया शुरू हो गई थी।
समझौते का दबाव और मानसिक तनाव
जानकारी के अनुसार, तीन दिन पूर्व दोनों पक्ष न्यायालय में तलाक की कार्यवाही के लिए पहुंचे थे। राहुल ने तलाक के कागजों पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया। इसके बाद वह घर लौट आया और घर पर ही जहरीला पदार्थ खा लिया। प्रारंभिक उपचार के बाद उसकी जान बच गई थी, लेकिन इस घटना के बाद बाबूराम गहरे मानसिक अवसाद में चले गए थे।
जानकारी के अनुसार, तीन दिन पूर्व दोनों पक्ष न्यायालय में तलाक की कार्यवाही के लिए पहुंचे थे। राहुल ने तलाक के कागजों पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया। इसके बाद वह घर लौट आया और घर पर ही जहरीला पदार्थ खा लिया। प्रारंभिक उपचार के बाद उसकी जान बच गई थी, लेकिन इस घटना के बाद बाबूराम गहरे मानसिक अवसाद में चले गए थे।
लाखों की मांग और आत्मघाती कदम
परिजनों का आरोप है कि लड़की पक्ष के लोग मुकदमा खत्म कराने के एवज में तीन लाख रुपये की मांग कर रहे थे और लगातार बाबूराम पर दबाव बना रहे थे। इसी असहनीय तनाव में बाबूराम ने बुधवार को जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार रात उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
परिजनों का आरोप है कि लड़की पक्ष के लोग मुकदमा खत्म कराने के एवज में तीन लाख रुपये की मांग कर रहे थे और लगातार बाबूराम पर दबाव बना रहे थे। इसी असहनीय तनाव में बाबूराम ने बुधवार को जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार रात उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
पत्नी ने की पुलिस में शिकायत
मृतक की पत्नी राधा ने थाने में पुलिस को तहरीर सौंपते हुए आरोप लगाया है कि बहू मीनाक्षी, उसके पिता कल्लू, मां कविता सहित अन्य परिजन समझौते के नाम पर पैसे मांग रहे थे और धमकी भी दे रहे थे। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उनके पति ने यह आत्मघाती कदम उठाया।
मृतक की पत्नी राधा ने थाने में पुलिस को तहरीर सौंपते हुए आरोप लगाया है कि बहू मीनाक्षी, उसके पिता कल्लू, मां कविता सहित अन्य परिजन समझौते के नाम पर पैसे मांग रहे थे और धमकी भी दे रहे थे। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उनके पति ने यह आत्मघाती कदम उठाया।
पांच बेटियों और दो बेटों का सहारा छिन गया
बाबूराम अपने पीछे पत्नी राधा, पांच बेटियों और दो बेटों राहुल व मोहित को छोड़ गए हैं। परिवार की पूरी आर्थिक जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम संस्कार के दौरान गांव के लोगों की भारी भीड़ मौजूद रही और हर किसी की आंखें नम थीं। ग्रामीणों ने परिवार को ढांढस बंधाया और प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।
बाबूराम अपने पीछे पत्नी राधा, पांच बेटियों और दो बेटों राहुल व मोहित को छोड़ गए हैं। परिवार की पूरी आर्थिक जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम संस्कार के दौरान गांव के लोगों की भारी भीड़ मौजूद रही और हर किसी की आंखें नम थीं। ग्रामीणों ने परिवार को ढांढस बंधाया और प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस की ओर से जांच जारी
इस संबंध में सीओ मवाना पंकज लवानिया ने बताया कि मामला गृह क्लेश का प्रतीत हो रहा है और शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। तहरीर के आधार पर मामले की जांच और उचित कार्रवाई की जाएगी।
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इस संबंध में सीओ मवाना पंकज लवानिया ने बताया कि मामला गृह क्लेश का प्रतीत हो रहा है और शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। तहरीर के आधार पर मामले की जांच और उचित कार्रवाई की जाएगी।
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