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Meerut: शास्त्रीनगर की महिलाओं का जनसंपर्क अभियान जारी, बारिश में भी धरना और जुलूस
Fri, 07 Aug 2026 11:46 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Fri, 07 Aug 2026 11:46 PM IST
सार
मेरठ के शास्त्रीनगर में प्रस्तावित रि-डेवलपमेंट को लेकर महिलाओं का विरोध प्रदर्शन जारी है। दूसरे दिन भी बारिश के बावजूद सेक्टर दो और तीन में महिलाएं धरने पर बैठीं और बाद में जुलूस निकालकर नारेबाजी की। महिलाओं ने गली-गली जाकर परिवारों को पर्चे बांटे और घर व रोजगार बचाने की लड़ाई में एकजुट होने का आह्वान किया।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मेरठ के शास्त्रीनगर में रि-डेवलपमेंट के विरोध में महिलाओं का आंदोलन लगातार जारी है। शुक्रवार को महिलाओं ने दूसरे दिन भी जनसंपर्क अभियान चलाया। बारिश के बावजूद सेक्टर दो और तीन में महिलाएं धरने पर बैठी रहीं।
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महिलाओं ने गली-गली जाकर परिवारों से संपर्क किया और उन्हें आंदोलन में एकजुट होने के लिए पर्चे बांटे। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से जन आंदोलन को सफल बनाने की अपील की।
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बारिश थमने के बाद निकाला जुलूस
बारिश रुकने के बाद महिलाओं ने जुलूस निकाला। इस दौरान उन्होंने आवास विकास परिषद के खिलाफ नारेबाजी की और ''न्याय दो, न्याय दो'' के नारे लगाए। जुलूस में बीना भार्गव, प्रीति, शालिनी गुप्ता, सीमा, शीतल पुजानी और रंजना समेत कई महिलाएं शामिल रहीं। महिलाओं ने सेक्टर दो के परिवारों से संपर्क कर उन्हें आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।
घर और रोजगार बचाने की मांग
महिलाओं का कहना है कि उनका विरोध रि-डेवलपमेंट के खिलाफ है। वे घर और व्यापार बचाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही हैं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के अधिकतर परिवारों का रोजगार प्रभावित हो चुका है और अब उनके घरों को तोड़े जाने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यदि घर टूटते हैं तो बड़ी संख्या में परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो जाएगा। इसी को लेकर महिलाएं ''घर बचाओ आंदोलन'' का नारा दे रही हैं।
बारिश रुकने के बाद महिलाओं ने जुलूस निकाला। इस दौरान उन्होंने आवास विकास परिषद के खिलाफ नारेबाजी की और ''न्याय दो, न्याय दो'' के नारे लगाए। जुलूस में बीना भार्गव, प्रीति, शालिनी गुप्ता, सीमा, शीतल पुजानी और रंजना समेत कई महिलाएं शामिल रहीं। महिलाओं ने सेक्टर दो के परिवारों से संपर्क कर उन्हें आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।
घर और रोजगार बचाने की मांग
महिलाओं का कहना है कि उनका विरोध रि-डेवलपमेंट के खिलाफ है। वे घर और व्यापार बचाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही हैं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के अधिकतर परिवारों का रोजगार प्रभावित हो चुका है और अब उनके घरों को तोड़े जाने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यदि घर टूटते हैं तो बड़ी संख्या में परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो जाएगा। इसी को लेकर महिलाएं ''घर बचाओ आंदोलन'' का नारा दे रही हैं।
आवास विकास परिषद के खिलाफ सामूहिक संघर्ष का संकल्प
आंदोलन कर रही महिलाओं ने आवास विकास परिषद के खिलाफ सामूहिक रूप से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। उनका कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।
महिलाओं ने कहा कि जन आंदोलन को मजबूत करने के लिए क्षेत्र के सभी परिवारों को एकजुट किया जाएगा। उनका मानना है कि आंदोलन के व्यापक रूप लेने के बाद ही सरकार और आवास विकास परिषद उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे।
आंदोलन कर रही महिलाओं ने आवास विकास परिषद के खिलाफ सामूहिक रूप से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। उनका कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।
महिलाओं ने कहा कि जन आंदोलन को मजबूत करने के लिए क्षेत्र के सभी परिवारों को एकजुट किया जाएगा। उनका मानना है कि आंदोलन के व्यापक रूप लेने के बाद ही सरकार और आवास विकास परिषद उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे।