Meerut: छात्रा हत्याकांड के बाद गांव सील, बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक; कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल भी रोका गया
मेरठ के रोहटा क्षेत्र स्थित गांव में छात्रा हत्याकांड के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। गांव में बाहरी लोगों और राजनीतिक दलों के प्रवेश पर रोक है। कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल भी गांव की सीमा पर रोक दिया गया।
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मेरठ के रोहटा क्षेत्र स्थित गांव में छात्रा हत्याकांड के बाद हालात को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है। गांव में आने-जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बाहरी लोगों, राजनीतिक संगठनों और मीडिया के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है।
कलक्ट्रेट पर हुए प्रदर्शन और उसके बाद हुए बवाल के बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज में मृतका के परिजनों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए गांव में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को भी गांव में नहीं जाने दिया गया
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर हत्याकांड की जानकारी लेने पहुंचे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को भी गांव की सीमा पर रोक दिया गया। प्रतिनिधिमंडल को रासना आश्रम चौराहे पर पुलिस ने आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी।
प्रतिनिधिमंडल में जिला मेरठ के कोऑर्डिनेटर विशाल वशिष्ठ, अरुण त्यागी, अलीगढ़ के कोऑर्डिनेटर बनवारीपुर, ब्लॉक अध्यक्ष नवीन गुर्जर, सेवादल प्रदेश सचिव शाहरुख प्रधान, कारी इरफान सोलना और राकेश शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी लेने पहुंचे थे।