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Meerut Weather Today: फिर बदल गया मौसम, आसमान पर बादल छाने से हुआ ठंड का अहसास, ये है पूर्वानुमान
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Mon, 09 Feb 2026 11:16 AM IST
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सार
कुछ दिनों की गर्मी के बाद सोमवार को सुबह से ही मौसम में बदलाव दिखाई दिया। बादल छाए रहने और धूप देर से निकलने के कारण तापमान गिर गया। सुबह-शाम के समय ठंड बनी रहने की संभावना है।
रविवार को छाए बादल। सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
बढ़ते तापमान के बीच सोमवार को दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, जिसके चलते दिनभर धूप का असर कम रहा और लोगों को सुबह-शाम हल्की ठंडक का अहसास हुआ। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण आया है, जो उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है।
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भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एम. शमीम के अनुसार, सोमवार को दिनभर मौसम मिला-जुला रहने की संभावना है। आसमान में कभी बादल छाए रहेंगे तो कभी हल्की धूप निकलेगी। इस दौरान अधिकतम तापमान लगभग 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के करीब बना रहेगा। बादलों की मौजूदगी के कारण दिन में गर्मी का अहसास कम हुआ और सुबह-शाम हल्की ठंडक बनी रही।
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पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
मौसम में यह बदलाव मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है। यह एक ऐसा मौसमी सिस्टम है जो भूमध्य सागर से उत्पन्न होकर अक्सर उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के रूप में प्रवेश करता है और मौसम में बदलाव लाता है। इसके प्रभाव से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश या बादलों की आवाजाही देखी जाती है।
मौसम में यह बदलाव मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है। यह एक ऐसा मौसमी सिस्टम है जो भूमध्य सागर से उत्पन्न होकर अक्सर उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के रूप में प्रवेश करता है और मौसम में बदलाव लाता है। इसके प्रभाव से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश या बादलों की आवाजाही देखी जाती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम में इसी तरह का बदलाव बना रह सकता है। हालांकि, तापमान में बहुत अधिक गिरावट की उम्मीद नहीं है, लेकिन बादलों की आवाजाही से लोगों को भीषण गर्मी से कुछ हद तक राहत मिलने की संभावना है। किसानों के लिए भी यह मौसम मिला-जुला है, क्योंकि हल्की ठंडक फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन अत्यधिक बादल या बारिश नुकसानदेह भी साबित हो सकती है।