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दलित महिला की हत्या: 10 लाख का चेक दिया, नौकरी और शस्त्र लाइसेंस पर बनी सहमति, शाम को हुआ अंतिम संस्कार
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Fri, 09 Jan 2026 07:18 PM IST
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सार
Meerut News: सरधना थानाक्षेत्र के कपसाड़ गांव में दलित महिला सुनीता की हत्या कर दी गई और उसकी बेटी रूबी का अपहरण कर लिया गया। पारस सोम समेत अन्य आरोपी फरार हैं। काफी जद्दोजहद के बाद परिजन महिला का अंतिम संस्कार करने पर राजी हुए।
शाम को हुआ अंतिम संस्कार।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कपसाड़ गांव में सुनीता का शव पहुंचने के करीब 19 घंटे रखा रहा। परिजनों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी समेत कई मांगों के पूरा होने तक अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की परिजनों के साथ दिनभर कई बार वार्ता हुई, लेकिन सहमति नहीं बनी। पूर्व विधायक संगीत सोम की मौजूदगी में प्रशासन ने जो आश्वासन दिया, उस पर सहमति बन गई। परिजनों को तत्काल दस लाख रुपये का चेक दिया गया, पुलिस ने 48 घंटे में युवती की बरामदगी का भरोसा दिलाया। इसके बाद शाम के समय अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई। शवयात्रा में सरधना विधायक अतुल प्रधान, पूर्व विधायक संगीत सोम समेत राजनीतिक दलों समेत आम लोग भी शामिल हुए।
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शवयात्रा में शामिल लोग।
- फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार को बेटी रुबी के साथ खेत पर जा रही सुनीता पर कपसाड़ गांव के ही पारस सोम, सुनील व एक अन्य ने हमला कर दिया था। सुनीता को घायल कर आरोपी रुबी का अपहरण करके ले गए थे। गंभीर हालत में सुनीता को मोदीपुरम के एसडीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां लगभग साढ़े चार बजे सुनीता की मौत हो गई थी।
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कपसाड़ में दलित महिला की हत्या मामला
- फोटो : अमर उजाला
पोस्टमार्टम के बाद महिला का शव रात में ही लगभग 12 बजे गांव पहुंचा, लेकिन परिजनों ने दो टूक कह दिया कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और युवती की बरामदगी नहीं होती, महिला का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। लगभग 19 घंटे तक अधिकारियों और परिजनों के बीच कई बार वार्ता का दौर चला, लेकिन हर बार सहमति नहीं बन पाई।
सुनीता की फाइल फोटो और हत्यारोपी पारस सोम।
- फोटो : अमर उजाला
देर शाम संगीत सोम गांव पहुंचे और परिजनों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, वह परिवार के पास गांव में ही डटे रहेंगे। एसपी देहात अनिरुद्ध, एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र मिश्रा आदि ने परिजनों को 48 घंटे में युवती की बरामदगी, परिवार के एक सदस्य को चीनी मिल में नौकरी दिलाए जाने, परिवार के एक सदस्य को शस्त्र लाइसेंस दिलाए जाने, 10 लाख रुपये का तत्काल मुआवजा दिए जाने, परिवार की सुरक्षा पुलिस द्वारा सुनिश्चित की जाने का आश्वासन दिया, जिस पर सहमति बनी। पूर्व विधायक ने कहा कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। इस आश्वासन के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। देर रात तक भी गांव में पुलिस बल डटा रहा।
शवयात्रा में खूब भीड़ रही।
- फोटो : अमर उजाला
शाम को इन मांगों पर बनी सहमति
शाम को दस लाख रुपये मुआवजे का चेक दिया गया। बाकी आर्थिक सहायता के लिए शासन से बात करने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, शस्त्र लाइसेंस देने, हत्यारोपियों की जल्द गिरफ्तारी, युवती को सकुशल बरामद करने के आश्वासन पर सहमति बनी। इसके बाद शाम करीब सात बजे महिला का अंतिम संस्कार शुरू हुआ। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।
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शाम को दस लाख रुपये मुआवजे का चेक दिया गया। बाकी आर्थिक सहायता के लिए शासन से बात करने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, शस्त्र लाइसेंस देने, हत्यारोपियों की जल्द गिरफ्तारी, युवती को सकुशल बरामद करने के आश्वासन पर सहमति बनी। इसके बाद शाम करीब सात बजे महिला का अंतिम संस्कार शुरू हुआ। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।
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अंतिम संस्कार में मौजूद लोग। पुलिस भी साथ रही।
- फोटो : अमर उजाला
अतुल प्रधान, संगीत सोम हुए शवयात्रा में शामिल
सुनीता के शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजन ले जाने लगे, तो घर-परिवार के लोग बिलख पड़े। सरधना विधायक अतुल प्रधान, पूर्व विधायक संगीत सोम समेत बड़ी संख्या में राजनीतिक और आम लोग शवयात्रा में शामिल हुए।
सुनीता के शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजन ले जाने लगे, तो घर-परिवार के लोग बिलख पड़े। सरधना विधायक अतुल प्रधान, पूर्व विधायक संगीत सोम समेत बड़ी संख्या में राजनीतिक और आम लोग शवयात्रा में शामिल हुए।
ये बोले डीएम
मैं कपसाड़ गांव में गया था और पीड़ित परिवार से भी मिला। मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये का चेक पीड़ित परिवार को दे दिया गया है। परिवार को एक शस्त्र लाइसेंस दिलाया जाएगा। पीड़ित परिवार की मदद के लिए प्रशासन खड़ा है। आरोपियों की गिरफ्तारी और युवती की बरामदगी के लिए पुलिस की टीमें लगी हैं।
- डॉ. वीके सिंह, डीएम
मैं कपसाड़ गांव में गया था और पीड़ित परिवार से भी मिला। मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये का चेक पीड़ित परिवार को दे दिया गया है। परिवार को एक शस्त्र लाइसेंस दिलाया जाएगा। पीड़ित परिवार की मदद के लिए प्रशासन खड़ा है। आरोपियों की गिरफ्तारी और युवती की बरामदगी के लिए पुलिस की टीमें लगी हैं।
- डॉ. वीके सिंह, डीएम