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दलित महिला की हत्या: न युवती का सुराग मिला, न पकड़े हत्यारोपी, अतुल ने पीड़ितों की अखिलेश यादव से कराई बात
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Fri, 09 Jan 2026 10:25 PM IST
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सार
Meerut News: मेरठ के सरधना नगर स्थित कपसाड़ गांव में पारस सोम ने अपने साथियों के साथ मिलकर रूबी का अपहरण कर लिया, उसकी मां की हत्या कर दी। इसी मामले को लेकर शुक्रवार को पूरे दिन गांव में तनाव का माहौल बना रहा।
हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न होने पर अधिकारियों को चूड़ियां दिखाती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सरधना के कपसाड़ गांव से अपहृत युवती रूबी का दूसरे दिन शुक्रवार को भी सुराग नहीं लग सका। वहीं नामजद आरोपियों को भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। दिनभर युवती की मां सुनीता के शव लेकर परिवार घर में ही बैठा रहा। सपा, बसपा, भीम आर्मी, आसपा नेता-कार्यकर्ता और स्थानीय लोग हंगामा करते रहे। हालात को काबू करने के लिए पुलिस ने गांव और आसपास का इलाका भी छावनी में तब्दील किया हुआ था।
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पीड़ितों को आर्थिक मदद देते अतुल प्रधान।
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस-प्रशासन और राजनीतिक दल के नेताओं की मौजूदगी में पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद से लेकर आरोपियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, तब जाकर महिला के शव का अंतिम संस्कार हुआ। विधायक अतुल प्रधान ने पीड़ित परिवार की पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से फोन पर बातचीत कराई। अखिलेश ने तीन लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की बात कही। वहीं नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी वीडियो कॉल कर पीड़ित परिवार से बात की। दिनभर कपसाड़ गांव में तनाव के हालात थे।
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कपसाड़ गांव में पीड़ितों से मिलने पहुंचे संजीव बालियान।
- फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार रात 12 बजे जब सुनीता का शव गांव पहुंचा तब से वहां कोहराम मचा हुआ था। परिजनों ने प्रशासन से दो टूक कह दिया था कि जब तक बेटी बरामद नहीं होगी वे सुनीता का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। शुक्रवार को दिनभर पुलिस प्रशासन के अधिकारी सुनीता के परिजनों से वार्ता करते रहे। कई बार परिजनों और ग्रामीणों की अफसरों से नोकझोंक भी हुई।
देर शाम एसपी देहात अभिजीत कुमार, एडीएम सिटी बृजेश सिंह, एसडीएम उदय नारायण सेंगर, पुलिस-प्रशासन के अधिकारी व भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम ने पीड़ित परिवार को रूबी को 48 घंटे बरामद कर आरोपियों पर कार्रवाई करने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी समेत पांच बड़े आश्वासन दिए। साथ ही प्रशासन ने 10 लाख का चेक भी सौंपा। उसके बाद रात करीब पौने आठ बजे सुनीता का अंतिम संस्कार हो सका। बेटे नरसी ने मुखाग्नि दी।
देर शाम एसपी देहात अभिजीत कुमार, एडीएम सिटी बृजेश सिंह, एसडीएम उदय नारायण सेंगर, पुलिस-प्रशासन के अधिकारी व भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम ने पीड़ित परिवार को रूबी को 48 घंटे बरामद कर आरोपियों पर कार्रवाई करने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी समेत पांच बड़े आश्वासन दिए। साथ ही प्रशासन ने 10 लाख का चेक भी सौंपा। उसके बाद रात करीब पौने आठ बजे सुनीता का अंतिम संस्कार हो सका। बेटे नरसी ने मुखाग्नि दी।
ठाकुर संगीत सोम पूरे दिन गांव में मौजूद रहे।
- फोटो : अमर उजाला
आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए
शुक्रवार सुबह से ही गांव छावनी में तब्दील रहा। एडीएम वित्त सूर्यकांत त्रिपाठी 10 लाख रुपये का चेक लेकर पहुंचे, लेकिन सुनीता के पिता सतेंद्र और बेटों मनदीप व नरसी ने उसे ठुकरा दिया। परिजनों की एक ही मांग थी- बेटी रुबी की बरामदगी। इस बीच सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित परिवार से बात की। अधिकारियों व परिजनों के बीच कई दौर की वार्ता हुई लेकिन विफल रही। कई बार माहौल हिंसक होने की कगार पर पहुंच गया।
शुक्रवार सुबह से ही गांव छावनी में तब्दील रहा। एडीएम वित्त सूर्यकांत त्रिपाठी 10 लाख रुपये का चेक लेकर पहुंचे, लेकिन सुनीता के पिता सतेंद्र और बेटों मनदीप व नरसी ने उसे ठुकरा दिया। परिजनों की एक ही मांग थी- बेटी रुबी की बरामदगी। इस बीच सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित परिवार से बात की। अधिकारियों व परिजनों के बीच कई दौर की वार्ता हुई लेकिन विफल रही। कई बार माहौल हिंसक होने की कगार पर पहुंच गया।
इन मांगों पर बनी सहमति
पुलिस ने लिखित वादा किया कि 48 घंटे के भीतर रुबी को बरामद कर लिया जाएगा।
परिवार के एक सदस्य को स्थानीय चीनी मिल में स्थायी रोजगार दिया जाएगा।
10 लाख रुपये का तत्काल मुआवजा सुनिश्चित किया गया।
सुरक्षा के लिहाज से परिवार के एक सदस्य को शस्त्र लाइसेंस दिलाने का भरोसा दिया।
परिवार की जान-माल की सुरक्षा के लिए गांव में पुलिस बल की तैनाती।
पुलिस ने लिखित वादा किया कि 48 घंटे के भीतर रुबी को बरामद कर लिया जाएगा।
परिवार के एक सदस्य को स्थानीय चीनी मिल में स्थायी रोजगार दिया जाएगा।
10 लाख रुपये का तत्काल मुआवजा सुनिश्चित किया गया।
सुरक्षा के लिहाज से परिवार के एक सदस्य को शस्त्र लाइसेंस दिलाने का भरोसा दिया।
परिवार की जान-माल की सुरक्षा के लिए गांव में पुलिस बल की तैनाती।
गम और गुस्से के बीच अंतिम विदाई
प्रशासनिक समझौते के बाद शाम करीब सात बजे परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए और करीब पौने आठ बजे सुनीता का अंतिम संस्कार किया गया। बड़े बेटे नरसी ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान पूर्व विधायक संगीत सोम, विधायक अतुल प्रधान समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
गांव में तनाव बरकरार
गांव में तनाव अब भी बरकरार है और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों और युवती की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। परिजनों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे में उनकी बेटी वापस नहीं आई तो आंदोलन फिर से शुरू होगा।
प्रशासनिक समझौते के बाद शाम करीब सात बजे परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए और करीब पौने आठ बजे सुनीता का अंतिम संस्कार किया गया। बड़े बेटे नरसी ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान पूर्व विधायक संगीत सोम, विधायक अतुल प्रधान समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
गांव में तनाव बरकरार
गांव में तनाव अब भी बरकरार है और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों और युवती की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। परिजनों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे में उनकी बेटी वापस नहीं आई तो आंदोलन फिर से शुरू होगा।
ये है मामला
बृहस्पतिवार सुबह सुनीता अपनी बेटी रुबी के साथ खेत की ओर जा रही थीं। गांव के ही पारस सोम, सुनील और उनके साथियों ने घात लगाकर उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने सुनीता पर फरसे से वार कर दिया था और उनकी आंखों के सामने ही रूबी का अपहरण कर फरार हो गए थे। उपचार के दौरान मोदीपुरम के एसडीएस अस्पताल में सुनीता ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और एंबुलेंस में तोड़फोड़ भी की।
ये भी देखें...
दलित महिला की हत्या: संगीत सोम ने दी ये चेतावनी, अतुल प्रधान बोले- दूसरे समुदाय का मामला होता तो कुछ और होता
बृहस्पतिवार सुबह सुनीता अपनी बेटी रुबी के साथ खेत की ओर जा रही थीं। गांव के ही पारस सोम, सुनील और उनके साथियों ने घात लगाकर उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने सुनीता पर फरसे से वार कर दिया था और उनकी आंखों के सामने ही रूबी का अपहरण कर फरार हो गए थे। उपचार के दौरान मोदीपुरम के एसडीएस अस्पताल में सुनीता ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और एंबुलेंस में तोड़फोड़ भी की।
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