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Meerut News: पोल्ट्री कॉन्क्लेव व कुक्कुट पालन निवेश सम्मेलन 18 को होगा
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- करोड़ों के एमओयू की तैयारी, विशेषज्ञ देंगे रोजगार संबंधी जानकारी
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में 18 अगस्त को पोल्ट्री कॉन्क्लेव व कुक्कुट पालन निवेश सम्मेलन होगा। सम्मेलन में करोड़ों रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) होने की संभावना है, जिससे पोल्ट्री क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा।
इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के सफल पोल्ट्री उद्यमी, विशेषज्ञ और पशुपालन निदेशालय के अधिकारी भाग लेंगे। वे स्थानीय किसानों, युवाओं और उद्यमियों को अंडा उत्पादन, ब्रायलर उत्पादन, कुक्कुट आहार और प्रोटीन की उपलब्धता पर महत्वपूर्ण जानकारी देंगे।
अपर निदेशक ग्रेड-टू डॉ. मानव ने बताया कि पशुपालन विभाग की कुक्कुट विकास नीति-2022 के तहत कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें कमर्शियल लेयर फार्म योजना प्रमुख है, जिसमें 10 हजार से 90 हजार लेयर पक्षी पाले जा सकते हैं। इस योजना में 99.53 लाख रुपये से 734.55 लाख रुपये तक की लागत पर 14.61 लाख रुपये से 107.96 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है। इसके अतिरिक्त, बैकयार्ड पोल्ट्री योजना के तहत प्रत्येक जनपद के 200 निर्बल वर्ग के लाभार्थियों को 50 चूजे और निशुल्क कुक्कुट आहार दिया जाता है। लाभार्थियों को रख-रखाव के लिए 425 रुपये भी डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में दिए जाते हैं। वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधि वित्त पोषण और सुगम ऋण सुविधा की जानकारी भी साझा करेंगे।
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मेरठ मंडल में पोल्ट्री क्षेत्र की प्रगति
मेरठ मंडल में कुक्कुट विकास नीति-2022 सफल रही है। वर्ष 2017 में मंडल में 10.05 करोड़ अंडे का उत्पादन होता था। यह उत्पादन 2025-26 में बढ़कर 86.09 करोड़ हो गया है। इससे अंडे के उत्पादन में लगभग 756.06 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। इस वृद्धि से प्रदेश को करोड़ों रुपये का लाभ मिला है और अन्य प्रदेशों पर निर्भरता कम हुई है।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में 18 अगस्त को पोल्ट्री कॉन्क्लेव व कुक्कुट पालन निवेश सम्मेलन होगा। सम्मेलन में करोड़ों रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) होने की संभावना है, जिससे पोल्ट्री क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा।
इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के सफल पोल्ट्री उद्यमी, विशेषज्ञ और पशुपालन निदेशालय के अधिकारी भाग लेंगे। वे स्थानीय किसानों, युवाओं और उद्यमियों को अंडा उत्पादन, ब्रायलर उत्पादन, कुक्कुट आहार और प्रोटीन की उपलब्धता पर महत्वपूर्ण जानकारी देंगे।
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अपर निदेशक ग्रेड-टू डॉ. मानव ने बताया कि पशुपालन विभाग की कुक्कुट विकास नीति-2022 के तहत कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें कमर्शियल लेयर फार्म योजना प्रमुख है, जिसमें 10 हजार से 90 हजार लेयर पक्षी पाले जा सकते हैं। इस योजना में 99.53 लाख रुपये से 734.55 लाख रुपये तक की लागत पर 14.61 लाख रुपये से 107.96 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है। इसके अतिरिक्त, बैकयार्ड पोल्ट्री योजना के तहत प्रत्येक जनपद के 200 निर्बल वर्ग के लाभार्थियों को 50 चूजे और निशुल्क कुक्कुट आहार दिया जाता है। लाभार्थियों को रख-रखाव के लिए 425 रुपये भी डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में दिए जाते हैं। वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधि वित्त पोषण और सुगम ऋण सुविधा की जानकारी भी साझा करेंगे।
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मेरठ मंडल में पोल्ट्री क्षेत्र की प्रगति
मेरठ मंडल में कुक्कुट विकास नीति-2022 सफल रही है। वर्ष 2017 में मंडल में 10.05 करोड़ अंडे का उत्पादन होता था। यह उत्पादन 2025-26 में बढ़कर 86.09 करोड़ हो गया है। इससे अंडे के उत्पादन में लगभग 756.06 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। इस वृद्धि से प्रदेश को करोड़ों रुपये का लाभ मिला है और अन्य प्रदेशों पर निर्भरता कम हुई है।