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रूबी अपहरण प्रकरण : नरसी ने अधिकारियों से की सुविधाओं की मांग

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jan 2026 11:17 PM IST
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Ruby kidnapping case: Narsi demands facilities from officials
तहसील में एसडीएम से मिलने पहुंचा नरसी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सरधना। थाना क्षेत्र के गांव कपसाड़ निवासी सुनीता की हत्या के बाद बेटा नरसी बृहस्पतिवार को तहसील पहुंचा और प्रशासन से घोषित सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराने की मांग की। नरसी ने एसडीएम उदित नारायण सेंगर और सीओ आशुतोष कुमार से कार्यालय में बातचीत कर दिए गए आश्वासनों पर चल रही प्रक्रिया की जानकारी ली।
नरसी ने बताया कि 8 जनवरी को उसकी बहन रूबी का गांव के ही पारस सोम द्वारा अपहरण कर लिया गया था। विरोध करने पर उनकी मां सुनीता पर धारदार हथियार से हमला हुआ, जिसमें गंभीर रूप से घायल सुनीता की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना के बाद मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी इस प्रकरण को प्रमुखता से उठाया था।
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घटना के बाद गांव में राजनीतिक लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। 26 जनवरी तक सुरक्षा कड़ी रखी गई। फिलहाल आंशिक छूट दी गई है, लेकिन नरसी के घर पर अभी भी पुलिस पहरा है। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के रूप में चेक दिया था। इसके अलावा पिस्तौल का लाइसेंस, भूमि का पट्टा और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन दिया था। नरसी ने कहा कि ये सभी वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं, इसलिए वह तहसील पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने मीडिया को उनसे मिलने नहीं दिया। इसके बाद पुलिस सुरक्षा में नरसी को वापस गांव कपसाड़ ले जाया गया।
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