Meerut: गोहत्या कानून पर शंकराचार्य का बड़ा बयान, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, गोसेवा का दिलाया संकल्प
मेरठ में आयोजित कार्यक्रम में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गोहत्या कानून, गोवंश संरक्षण और गोसेवा को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने गोवंश संरक्षण को समाज की प्राथमिकता बताया।
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मेरठ के बिजली बंबा बाईपास स्थित भडाना फार्म हाउस में आयोजित कार्यक्रम में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने गोवंश संरक्षण, गोसेवा और गोहत्या कानून को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि गोवंश संरक्षण का विषय समाज और देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा इसे समाधान की दिशा में ले जाने की आवश्यकता है।
गोहत्या कानून को लेकर सरकार पर साधा निशाना
अपने संबोधन में शंकराचार्य ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पहले गोहत्या पर प्रतिबंध था, लेकिन बाद में कानूनी व्यवस्था में बदलाव किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां और कुछ सार्वजनिक बयान गोवंश संरक्षण के पक्ष में स्पष्ट संदेश नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर गंभीरता से विचार किए जाने की जरूरत है।
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'समाज को जोड़ने का काम करे सरकार'
शंकराचार्य ने कहा कि सरकार को समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना चाहिए। उन्होंने सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि विभाजनकारी सोच से बचना चाहिए और सभी को जोड़ने का प्रयास होना चाहिए।
गोवंश से जुड़ी कृषि और पर्यावरण की बात
उन्होंने कहा कि गोवंश भारतीय कृषि व्यवस्था और भूमि की उर्वरता से जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार गोवंश के संरक्षण से खेती और पर्यावरण दोनों को लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी गोवंश की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
गोसेवा का दिलाया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य ने उपस्थित लोगों को गोसेवा और गोवंश संरक्षण का संकल्प भी दिलाया। उन्होंने कहा कि समाज को गोवंशों की रक्षा और देखभाल के लिए आगे आना चाहिए।