मेरठ में पांच साल की मानवी के अपहरण के मामले में छह टीमें 60 घंटे तक छानबीन में जुटी हैं, लेकिन न तो बच्ची का कुछ पता चला और न ही आरोपी युवक हाथ आया। आरोपी सीसीटीवी कैमरे में टीपीनगर थाने के सामने से होते हुए मलियाना पुलिस चौकी तक अकेला ही पैदल जाता दिखाई दिया है। वहीं, एक कैमरे में बाइक पर एक युवक के साथ देखा गया। इस रास्ते से लौटते समय वह सीसीटीवी कैमरे में नहीं दिखा। अंदेशा है कि बच्ची को आरोपी एनएच-58 हाईवे या फिर दूसरे रास्ते से लेकर गया है।
Meerut News: छह टीमें, 60 घंटे से ज्यादा का वक्त बीता, नतीजा शून्य...न बच्ची मिली और न आरोपी
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कैसे खुली दरवाजे की कुंडी
धीरेंद्र के मकान में लोहे का दरवाजा है। रात में घर में धीरेंद्र और उसकी बेटी थे। रात में 11 बजे कुंडी खोलकर बच्ची कैसे बाहर चली गई, इसका जवाब धीरेंद्र नहीं दे पा रहे है। वह कहते हैं कि बच्ची खाली बाल्टी या कोई सामान पैर के नीचे रखकर कुंडी खोल लेती थी, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं माना जा रहा है। पिता रात 10:30 बजे तो कभी रात दो बजे नींद से जगना बता रहे हैं। पत्नी को रात दो बजे बच्ची के गायब होने की बात फोन पर जानकारी दी गई। पत्नी उस समय बाहर थी। सुबह सात बजे वह लौटी थी।
एसपी सिटी पीयूष सिंह और सीओ ब्रह्मपुरी सुचिता सिंह ने शुक्रवार को टीपीनगर थाने पहुंचकर धीरेंद्र और पुष्पा से अलग-अलग पूछताछ की तो उनके बयान बदले हुए थे। इससे पुलिस की जांच और उलझ गई।
पड़ोसियों ने कहा- ठीक से चल नहीं पाती बच्ची
पुलिस ने पड़ोसियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि बच्ची के पैर कमजोर थे, वह ठीक से चल नहीं पाती थी। इस बारे में जब मां पुष्पा से पूछा गया तो उसने कहा कि ऐसा कहने वाले पड़ोसियों को मैं चप्पलों से मारूंगी। मां के मुताबिक उनकी बेटी बहुत चंचल है और वह निर्माणाधीन मकान से घर तक कई चक्कर लगाती थी।
दंपती की कहानी में उलझी पुलिस, सता रही अनहोनी की आशंका
दंपती की कहानी में पुलिस उलझ गई है। अब पुलिस को भी आशंका है कि बच्ची के साथ कोई अनहोनी न हो जाए। इसलिए पुलिस टीमों को हर हाल में बच्ची को जल्द सकुशल बरामद करने की हिदायत दी गई है।