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भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा महल गांव का उपकेंद्र
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निर्माणधीन उपकेंद्र के बाहर बंधी गाय व कमरों में भरा सामान।
- फोटो : LAWARD
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लावड़। लगभग दस साल बाद भी महल गांव में उपकेंद्र बनाने की योजना परवान नहीं चढ़ सकी है। अधूरी पड़ी बिल्डिंग पर ग्रामीणों का कब्जा हैं। जहां वह पशु बांधते हैं।
2009 में आई थी योजना
लावड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से दर्जनों गांव जुड़े है। इस पीएचसी से पहले से ही कई उपकेंद्र जुड़े है, जहां एएनएम गांव की महिलाओं को समय से पहले टीकाकरण व गर्भवती होने के दौरान समय से उपचार के लिए सलाह दे रही है । इसको लेकर महल गांव में भी उपकेंद्र बनाने की योजना सन 2009 में शुरू हुई। बिल्डिंग तैयार की गई। लेकिन किन्हीं कारणों से उपकेंद्र का बनने का कार्य पूरा नहीं हो सका है ।
उपकेंद्र की बिल्डिंग में बंधी भैंस
दस साल पहले बनाई गई बिल्डिंग में कार्य पूरा नहीं हो सका। अब यहां ग्रामीण पशुओं को बांधते हैं। एक कमरे में परिवार रहा है। उपकेंद्र न होने से यहां की गर्भवती महिलाओं को लावड़ पीएचसी पर जाकर उपचार कराना पड़ता है।
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दो योजनाओं में भी नहीं हो सका कार्य
दो योजनाओं के बाद भी उपकेंद्र पूरा नहीं हो सका है। आलम यह है कि अब उपकेंद्र के निर्माण को पूरा कराने को लेकर न तो स्वास्थ्य विभाग गंभीर है न ही गांव प्रधान । जिस कारण ग्रामीणों की पहुंच से उपचार दूर हो रहा है।
शिकायत आने पर होगी कार्रवाई
महल गांव में उपकेंद्र खोले जाने की जानकारी है । लेकिन निर्माण पूरा नहीं हो सका इसकी जानकारी उन्हें नहीं है । यदि ऐसा है तो शिकायत आने पर कार्रवाई होगी। वह खुद भी अपने स्तर से जल्द जांच करायेंगे । - डॉ. राजकुमार, सीएमओ
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2009 में आई थी योजना
लावड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से दर्जनों गांव जुड़े है। इस पीएचसी से पहले से ही कई उपकेंद्र जुड़े है, जहां एएनएम गांव की महिलाओं को समय से पहले टीकाकरण व गर्भवती होने के दौरान समय से उपचार के लिए सलाह दे रही है । इसको लेकर महल गांव में भी उपकेंद्र बनाने की योजना सन 2009 में शुरू हुई। बिल्डिंग तैयार की गई। लेकिन किन्हीं कारणों से उपकेंद्र का बनने का कार्य पूरा नहीं हो सका है ।
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उपकेंद्र की बिल्डिंग में बंधी भैंस
दस साल पहले बनाई गई बिल्डिंग में कार्य पूरा नहीं हो सका। अब यहां ग्रामीण पशुओं को बांधते हैं। एक कमरे में परिवार रहा है। उपकेंद्र न होने से यहां की गर्भवती महिलाओं को लावड़ पीएचसी पर जाकर उपचार कराना पड़ता है।
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दो योजनाओं में भी नहीं हो सका कार्य
दो योजनाओं के बाद भी उपकेंद्र पूरा नहीं हो सका है। आलम यह है कि अब उपकेंद्र के निर्माण को पूरा कराने को लेकर न तो स्वास्थ्य विभाग गंभीर है न ही गांव प्रधान । जिस कारण ग्रामीणों की पहुंच से उपचार दूर हो रहा है।
शिकायत आने पर होगी कार्रवाई
महल गांव में उपकेंद्र खोले जाने की जानकारी है । लेकिन निर्माण पूरा नहीं हो सका इसकी जानकारी उन्हें नहीं है । यदि ऐसा है तो शिकायत आने पर कार्रवाई होगी। वह खुद भी अपने स्तर से जल्द जांच करायेंगे । - डॉ. राजकुमार, सीएमओ