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Meerut News: आपत्तियां करने की अंतिम तारीख कल, हजारों शिकायतों की सुनवाई बाकी
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गृहकर के बिलों पर भवन स्वामियों की हजारों आपत्तियां दर्ज हुई हैं। इन शिकायतों का अभी तक पूरी तरह समाधान नहीं हुआ है। इसके बावजूद नगर निगम ने आपत्तियां लेने की अंतिम तारीख 25 मार्च 2026 तय कर दी है। इस फैसले पर व्यापारियों और पार्षदों ने निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सोमवार को व्यापारियों ने निगम कार्यालय पहुंचकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उनका आरोप है कि निगम नियमों को दरकिनार कर गृहकर की वसूली में लगा हुआ है। नगर निगम 50 हजार रुपये से अधिक के गृहकर बकायेदारों पर सख्ती कर रहा है। निगम ने भवन, दुकान और अन्य संपत्तियों को सील करने का अभियान भी चलाया है। एक सप्ताह के अभियान के बाद निगम ने आपत्तियां लेने की तारीख 25 मार्च तय कर दी जबकि गृहकर बिल पर 20 फीसदी की छूट देने की अंतिम तारीख 31 मार्च निर्धारित है।
जीआईएस सर्वे के आधार पर बिल किए वितरित
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम ने बताया कि गृहकर में स्वकर प्रणाली लागू है। जीआईएस सर्वे के आधार पर ही बिल वितरित किए गए हैं। जिन भवन स्वामियों की आपत्तियां आई हैं उनके निस्तारण के लिए निगम के अधिकारी और नए अस्थायी कर्मचारी लगाए गए हैं।
हालांकि आपत्तियां लेने की तारीख पर संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता और पार्षद राजीव गुप्ता सहित कई पार्षदों ने आपत्ति जताई। पार्षदों का कहना है कि पहले सभी आपत्तियों का समाधान किया जाना चाहिए। उसके बाद ही तारीख निर्धारित करनी चाहिए। अजय गुप्ता का आरोप है कि निगम गृहकर के नियमों को दरकिनार कर रहा है। भवन स्वामी अपने बिल ठीक कराने के लिए निगम के चक्कर काट रहे हैं। उन्हें वहां कोई सुनने वाला नहीं मिल रहा है।
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सोमवार को व्यापारियों ने निगम कार्यालय पहुंचकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उनका आरोप है कि निगम नियमों को दरकिनार कर गृहकर की वसूली में लगा हुआ है। नगर निगम 50 हजार रुपये से अधिक के गृहकर बकायेदारों पर सख्ती कर रहा है। निगम ने भवन, दुकान और अन्य संपत्तियों को सील करने का अभियान भी चलाया है। एक सप्ताह के अभियान के बाद निगम ने आपत्तियां लेने की तारीख 25 मार्च तय कर दी जबकि गृहकर बिल पर 20 फीसदी की छूट देने की अंतिम तारीख 31 मार्च निर्धारित है।
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जीआईएस सर्वे के आधार पर बिल किए वितरित
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम ने बताया कि गृहकर में स्वकर प्रणाली लागू है। जीआईएस सर्वे के आधार पर ही बिल वितरित किए गए हैं। जिन भवन स्वामियों की आपत्तियां आई हैं उनके निस्तारण के लिए निगम के अधिकारी और नए अस्थायी कर्मचारी लगाए गए हैं।
हालांकि आपत्तियां लेने की तारीख पर संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता और पार्षद राजीव गुप्ता सहित कई पार्षदों ने आपत्ति जताई। पार्षदों का कहना है कि पहले सभी आपत्तियों का समाधान किया जाना चाहिए। उसके बाद ही तारीख निर्धारित करनी चाहिए। अजय गुप्ता का आरोप है कि निगम गृहकर के नियमों को दरकिनार कर रहा है। भवन स्वामी अपने बिल ठीक कराने के लिए निगम के चक्कर काट रहे हैं। उन्हें वहां कोई सुनने वाला नहीं मिल रहा है।