{"_id":"6a507483a69787748a00fb85","slug":"up-assembly-elections-2027-india-alliance-talks-raise-concerns-among-sp-ticket-hopefuls-2026-07-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: गठबंधन के फेर में न उलझ जाए सपा, दावेदारों की बढ़ी धड़कनें; इन सीटों पर टिकट के लिए घमासान; बदलेंगे समीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: गठबंधन के फेर में न उलझ जाए सपा, दावेदारों की बढ़ी धड़कनें; इन सीटों पर टिकट के लिए घमासान; बदलेंगे समीकरण
Fri, 10 Jul 2026 10:20 AM IST
Sharukh Khan
अरीश रिजवी, अमर उजाला, मेरठ
अरीश रिजवी, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Sharukh Khan
Updated Fri, 10 Jul 2026 10:20 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर पार्टियां तैयारियों में जुटी हैं। सपा में टिकट के लिए लंबी फेहरिस्त है। सपा से टिकट के मजबूत दावेदारों की चिंताएं बढ़ गई हैं। आसपा से गठबंधन हुआ तो समीकरण बदल जाएंगे। वहीं, कांग्रेस में इस बडे़ नेता की एंट्री से मेरठ की राजनीति में खलबली मच गई है।
विज्ञापन
UP Assembly Elections 2027
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। मिशन 2027 को फतह करने के लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का इंडिया गठबंधन भले ही जमीनी रणनीति बनाने में जुटा हो लेकिन जिले में इस गठबंधन ने सपा के स्थानीय नेताओं और टिकट के मजबूत दावेदारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
मेरठ दक्षिण, सिवालखास और मेरठ कैंट जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर समाजवादी पार्टी के भीतर टिकटार्थियों की लंबी फेहरिस्त है लेकिन गठबंधन के तहत इनमें से दो सीटों के कांग्रेस के पाले में जाने की सुगबुगाहट ने अंदरूनी घमासान तेज कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ दक्षिण, सिवालखास और मेरठ कैंट जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर समाजवादी पार्टी के भीतर टिकटार्थियों की लंबी फेहरिस्त है लेकिन गठबंधन के तहत इनमें से दो सीटों के कांग्रेस के पाले में जाने की सुगबुगाहट ने अंदरूनी घमासान तेज कर दिया है।
विज्ञापन
तीन सीटों पर 10 से ज्यादा सपाई रेस में, गठबंधन का पेंच फंसा
मेरठ दक्षिण, सिवालखास और कैंट विधानसभा सीटों पर सपा के करीब 10 से अधिक नेता पिछले कई महीनों से जमीन तैयार करने में जुटे हैं। लेकिन हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और गठबंधन की सीटों के बंटवारे को लेकर आ रही खबरों ने इन नेताओं की नींद उड़ा दी है।
मेरठ दक्षिण, सिवालखास और कैंट विधानसभा सीटों पर सपा के करीब 10 से अधिक नेता पिछले कई महीनों से जमीन तैयार करने में जुटे हैं। लेकिन हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और गठबंधन की सीटों के बंटवारे को लेकर आ रही खबरों ने इन नेताओं की नींद उड़ा दी है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि कांग्रेस को कम से कम दो सीटों पर अपना मजबूत दावा ठोक रही है जिसमें सिवालखास और मेरठ कैंट प्रमुख हैं। इसके अलावा मेरठ दक्षिण सीट पर भी बढ़ते दावेदार और पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना की सुगबुगाहट के बाद सपा के दिग्गजों की नीदें उड़ी हैं। सिवालखास सीट के लिए सम्राट मलिक, गौरव चौधरी, नदीम चौहान, वसीम राजा आदि दावा ठोक रहे हैं।
आसपा से गठबंधन हुआ तो और बदलेंगे समीकरण
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी (आसपा) एक महत्वपूर्ण फैक्टर बनकर उभरी है। अगर आगामी चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन के साथ आसपा (कांशीराम) भी शामिल होती है, तो मेरठ की सिवालखास और दक्षिण सीट पर चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी (आसपा) एक महत्वपूर्ण फैक्टर बनकर उभरी है। अगर आगामी चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन के साथ आसपा (कांशीराम) भी शामिल होती है, तो मेरठ की सिवालखास और दक्षिण सीट पर चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे।
दलित और मुस्लिम बहुल सीटों पर आसपा की दावेदारी के चलते सपा के कोटे की सीटें और कम हो सकती हैं। देखना यह होगा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस आलाकमान मेरठ की इन हॉट सीटों पर क्या जिताऊ फॉर्मूला निकालते हैं।
अवतार सिंह भड़ाना की एंट्री से खलबली
मेरठ की राजनीति में उस वक्त खलबली मच गई जब पूर्व सांसद और कद्दावर नेता अवतार सिंह भड़ाना ने एक बार फिर मेरठ का रुख किया। उन्होंने सेंट्रल मार्केट के व्यापरियों का दर्द जाना और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
मेरठ की राजनीति में उस वक्त खलबली मच गई जब पूर्व सांसद और कद्दावर नेता अवतार सिंह भड़ाना ने एक बार फिर मेरठ का रुख किया। उन्होंने सेंट्रल मार्केट के व्यापरियों का दर्द जाना और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर दक्षिण सीट कांग्रेस खाते में आती है तो भड़ाना प्रत्याशी हो सकते हैं। भड़ाना के मैदान में उतरने की चर्चाओं ने इस सीट के समीकरणों को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
स्थानीय सपा नेता भी ठोक रहे ताल
एक तरफ जहां कांग्रेस के बड़े चेहरे जमीन तलाश रहे हैं, वहीं सपा के स्थानीय नेता भी हथियार डालने से इन्कार कर रहे हैं। सपा महानगर अध्यक्ष आदि चौधरी, डॉ. किशनपाल गुर्जर, जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गुमी, सपा नेता जितेंद्र गुर्जर के अलावा अब नया नाम अक्षय जैन अरिहंत का आया है।
एक तरफ जहां कांग्रेस के बड़े चेहरे जमीन तलाश रहे हैं, वहीं सपा के स्थानीय नेता भी हथियार डालने से इन्कार कर रहे हैं। सपा महानगर अध्यक्ष आदि चौधरी, डॉ. किशनपाल गुर्जर, जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गुमी, सपा नेता जितेंद्र गुर्जर के अलावा अब नया नाम अक्षय जैन अरिहंत का आया है।
वह भी मजबूती से टिकट की पैरवी कर रहे हैं। जैन समुदाय और व्यापारी वर्ग में पैठ रखने वाले अक्षय जैन लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं। वहीं, जितेंद्र गुर्जर कह रहे हैं कि पार्टी को जमीनी कार्यकर्ताओं को ज्यादा तवज्जोह देनी चाहिए।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन