भाई को मारकर रचा ऐसा स्वांग: 'उठो ना, देखो मैं आ गई, मुझे छोड़कर मत जाओ'; शातिर बहन का नाटक देख सब खा गए धोखा
अलका ने भाई अंकित की हत्या कर शोक का नाटक रचा। जांच में खुलासा हुआ कि उसने प्रेमी संग मिलकर भाई को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। विस्तार से पढ़ें पूरी खबर-
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भैया उठो ना... देखो मैं आ गई... मुझे छोड़कर मत जाओ... भाई के शरीर से लिपटकर बहन अलका की ये करुण पुकार जिसने भी सुनी, उसका कलेजा कांप उठा था। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब अंकित का शव घर पहुंचा, तो अलका का विलाप देखकर हर आंख नम थी। लेकिन किसे पता था कि यह विलाप दुख नहीं बल्कि एक शातिर कातिल का खौफनाक नाटक था।
अंकित की मौत के बाद अलका ने शोक का ऐसा मंजर रचा कि पुलिस और ग्रामीण भी एक पल के लिए चकमा खा गए। वह बार-बार बेसुध हो रही थी भाई को शराब छोड़ने की अपनी पुरानी सलाहों का वास्ता दे रही थी और खुद को कोस रही थी। सिसकियों के बीच उसने कहा था, मैं उसे बार-बार टोकती थी कि शराब मत पिया करो... अगर उसने मेरी बात मान ली होती, तो आज वह जिंदा होता।
लेकिन जांच में खुलासा हुआ कि जिस भाई को अलका एकमात्र सहारा बता रही थी उसे रास्ते से हटाने के लिए उसने अपने प्रेमी पवन उर्फ पोली के साथ मिलकर मौत की पूरी स्क्रिप्ट लिखी थी।कल तक लोग चर्चा कर रहे थे कि अलका ने भाई की जिम्मेदारी के चलते शादी नहीं की थी लेकिन हकीकत में वही उसकी कालित निकली।
अंकित की बहन ने प्रेमी संग मिलकर शराब में मिलाया था जहर
दौराला में तीन लोगों मौत के मामले में शनिवार को चौकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि स्पेलर संचालक बाबूराम प्रजापति, जितेंद्र कश्यप व अंकित उर्फ दौलत की मौत शराब पीने से नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या थी। अंकित उर्फ दौलत की सगी बहन अलका ने ही अपने प्रेमी पवन उर्फ पोली के साथ मिलकर यह साजिश रची थी। पुलिस ने अलका और उसके प्रेमी पवन को हिरासत में ले लिया है। कड़ी पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि अंकित की बहन अलका का गांव के ही पवन उर्फ पोली के साथ काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। अंकित इस रिश्ते का विरोध करता था जो अलका और पवन की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ था। इसके अलावा अलका की नजर अंकित के हिस्से की जमीन पर भी थी। प्रेमी युगल ने योजना बनाई थी कि अंकित को रास्ते से हटाकर वे शादी कर लेंगे और जमीन बेचकर ऐश करेंगे।
एक की हत्या की साजिश में तीन की गई जान
अलका और पवन ने अंकित को ठिकाने लगाने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपनाया। उन्हें पता था कि अंकित शराब पीता है इसलिए उन्होंने घर में रखी शराब में जहर मिला दिया। अलका को डर था कि अगर अंकित अकेला मरता है तो शक की सुई उस पर घूम सकती है। इसलिए उसने शराब में जहर मिलाया ताकि यह एक सामान्य जहरीली शराब का मामला लगे।
अनजाने में अंकित वही जहरीली शराब लेकर अपने दोस्त बाबूराम के स्पेलर पर पहुंच गया। वहां अंकित के साथ बाबूराम और जितेंद्र ने भी वही शराब पी ली जिससे चंद मिनटों में तीनों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
पुलिस हिरासत में प्रेमी युगल, कबूला जुर्म
यह शराब देशी ठेके से आई थी इसकी जानकारी लगने पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों में खलबली मच गई थी। डीएम डॉ. वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडेय और फिर एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने मौके पर पहुंचकर जांच की। रातभर पुलिस प्रशासन, आबकारी विभाग द्वारा जांच कराई जा रही थी। जांच में यह भी साफ हो गया है कि सरकारी ठेके की शराब में कोई कमी नहीं थी।
इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। जो बहन कल तक भाई की लाश से लिपटकर लोगों की सहानुभूति बटोर रही थी वही उसकी कातिल निकली। पुलिस अब हत्या में प्रयुक्त जहर के स्रोत और अन्य साक्ष्यों को जुटाने में लगी है।
अलका के बयानों ने ही उसकी गर्दन कानून के शिकंजे में फंसा दी
दौराला कस्बे में तीन लोगों की मौत के मामले में अंकित की बहन अलका के बयानों ने ही उसकी गर्दन कानून के शिकंजे में फंसा दी। जिसे शुरुआत में एक जहरीली शराब का हादसा माना जा रहा था वह अलका के विरोधाभासी बयानों के कारण एक सुनियोजित हत्याकांड की साजिश के रूप में सामने आया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान अलका का व्यवहार शुरू से ही संदिग्ध था। वह बार-बार अपने बयान बदल रही थी। पहले उसने खुद को पूरी तरह अनजान बताया और रोने-बिलखने का नाटक कर इसे सामान्य हादसा साबित करने की पूरी कोशिश की। जब पुलिस ने कड़ाई से शराब के स्रोत और घर की परिस्थितियों पर सवाल किए तो वह हर बार नई कहानी सुनाने लगी। उसके बयानों में तालमेल न होने के कारण पुलिस का शक उस पर गहराता चला गया।
जांच भटकाने का नाकाम प्रयास
अधिकारियों का कहना है कि अलका लगातार इमोशनल ड्रामा रच रही थी ताकि जांच की सुई उसकी तरफ न मुड़े। वह बार-बार जांच अधिकारियों को गुमराह करने और तथ्यों को छिपाने का प्रयास करती रही लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सख्ती का सहारा लिया तो वह टूट गई और सच्चाई उगल दी।
पुलिस ने मामले की गंभीरता और अलका के संदिग्ध आचरण को देखते हुए उसे और उसके प्रेमी पवन उर्फ पोली को हिरासत में ले लिया है। पुलिस का मानना है कि यह कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि एकसोची-समझी साजिश थी। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है। जल्द ही पुलिस इस पूरे मामले का आधिकारिक रूप से खुलासा कर देगी।
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