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UP: मेरठ में 35 साल से रह रही पाकिस्तानी नागरिक सबा मसूद को मिली जमानत, कोर्ट ने इसलिए दी राहत

Fri, 07 Aug 2026 12:19 AM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Fri, 07 Aug 2026 12:19 AM IST
सार

Meerut News: मेरठ की ही रुखसाना ने सबा मसूद के खिलाफ देहलीगेट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद यह मामला सामने आया था। कोर्ट ने लंबे समय से वैध निवास, आपराधिक इतिहास न होने को ध्यान में रखते हुए जमानत दे दी। 

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UP: Saba Masood, a Pakistani national living in Meerut for 35 years, granted bail
सबा मसूद और उनका पासपोर्ट। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने करीब 35 साल से भारत में रह रहीं पाकिस्तानी नागरिक सबा मसूद को फर्जी दस्तावेज और वोटर आईडी से जुड़े मामले में बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी है। सबा मेरठ के जलीकोठी में रह रही थी।
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UP: Saba Masood, a Pakistani national living in Meerut for 35 years, granted bail
परिवार के साथ सबा मसूद। - फोटो : अमर उजाला
न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो सके कि याची ने भारत में रहने के लिए धोखाधड़ी, जालसाजी या फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। सबा मसूद को मेरठ के दिल्ली गेट थाना पुलिस ने 16 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया था।
 
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UP: Saba Masood, a Pakistani national living in Meerut for 35 years, granted bail
पुलिस की गिरफ्त में सबा मसूद। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शिकायतकर्ता रुखसाना खान ने आरोप लगाया था कि सबा मसूद पाकिस्तान की नागरिक हैं और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में अवैध रूप से रह रही हैं। शिकायत में उनके परिवार पर संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े गंभीर आरोप भी लगाए गए थे।
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याची अधिवक्ता ने दलील दी कि विवाह से पूर्व शबा हनीफ नाम से पहचान रखने वाली सबा मसूद ने 1986 में भारतीय नागरिक फरहत मसूद से लाहौर में निकाह किया था। इसके बाद वह वैध पाकिस्तानी पासपोर्ट और भारतीय अधिकारियों की ओर से जारी दीर्घकालिक वीजा पर भारत आईं और तभी से यहीं रह रही हैं। 

अदालत को यह भी बताया गया कि उनके पास मार्च 2027 तक वैध रेजिडेंशियल परमिट और वर्ष 2037 तक का वैध वीजा है। साथ ही उन्होंने भारतीय नागरिकता के लिए वर्ष 2010 और 2011 में विधिवत आवेदन भी किया था, जो अभी विचाराधीन है। राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए वीजा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। कोर्ट ने उपलब्ध रिकॉर्ड, लंबे समय से वैध निवास, आपराधिक इतिहास न होने तथा अभियोजन पक्ष की ओर से ठोस साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाने को ध्यान में रखते हुए जमानत दे दी। 
 

ये दर्ज कराई थी रिपोर्ट
14 फरवरी को मेरठ के देहली गेट थाने में कोठी अतानस निवासी रुखसाना ने दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कहा था कि जली कोठी की नादिर अली बिल्डिंग निवासी बैंड कारोबारी फरहत मसूद ने पाकिस्तान के लाहौर जाकर सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया से निकाह किया था। इसके लगभग एक साल बाद वह पति फरहत के साथ दीर्घकालीन वीजा पर भारत आ गई। दंपती के तीन संतान हुईं। इनमें दो बेटे भारत में हुए। वर्ष 1993 में नाजिया पाकिस्तान गई थी। वहां उसने 25 मई 1993 को बेटी एमन को जन्म दिया। इसके बाद वह पाकिस्तानी पासपोर्ट पर एमन को लेकर भारत आ गई।

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